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Mahoba News: गैंगस्टर एक्ट के मामले में दो दोषियों को सात-सात वर्ष का कारावास
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महोबा। गैंगस्टर एक्ट के 10 साल पुराने मामले में अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश एफटीसी 2016/विशेष न्यायाधीश गैंगस्टर एक्ट सर्वोत्तमा नगेश शर्मा ने मंगलवार को फैसला सुनाया। दोष सिद्ध होने पर दो अभियुक्त शीतल यादव व सत्यवीर को सात-सात वर्ष के कारावास की सजा सुनाई। साथ ही 20-20 हजार रुपये का जुर्माना लगाया। जुर्माना अदा न करने पर छह-छह माह की अतिरिक्त सजा भुगतनी पड़ेगी।
तत्कालीन कोतवाली प्रभारी चरखारी धरमराज यादव 22 सितंबर 2015 को पंचायत चुनाव को लेकर गश्त पर थे। जब वह पुलिस बल के साथ रिवई गांव पहुंचे तो ग्रामीणों ने बताया कि गांव के शीतल यादव ने एक गिरोह बना रखा है जिसका वह लीडर है और सत्यवीर सक्रिय सदस्य है। 26 अप्रैल 2015 को गैंग के सदस्यों ने दिग्विजय सिंह के साथ कुल्हाड़ी व हॉकी से मारपीट की थी। उसके सिर पर पिस्टल रखकर फायर किया था जो मिस हो गया था। इस मामले में कोतवाली चरखारी में प्राथमिकी दर्ज कराई गई थी।
इसके साथ ही गैंग के सदस्यों ने कई आपराधिक घटनाएं कीं। गैंग लीडर और सदस्य आर्थिक लाभ अर्जित करने के लिए अपराध करते हैं। इससे क्षेत्र में भय व्याप्त है। उनका गैंग चार्ट भी जिलाधिकारी की ओर से अनुमोदित किया गया। पुलिस ने विवेचना करते हुए आरोप पत्र न्यायालय में प्रस्तुत किया। कोर्ट ने मंगलवार को मामले की सुनवाई करते हुए फैसला सुनाया।
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तत्कालीन कोतवाली प्रभारी चरखारी धरमराज यादव 22 सितंबर 2015 को पंचायत चुनाव को लेकर गश्त पर थे। जब वह पुलिस बल के साथ रिवई गांव पहुंचे तो ग्रामीणों ने बताया कि गांव के शीतल यादव ने एक गिरोह बना रखा है जिसका वह लीडर है और सत्यवीर सक्रिय सदस्य है। 26 अप्रैल 2015 को गैंग के सदस्यों ने दिग्विजय सिंह के साथ कुल्हाड़ी व हॉकी से मारपीट की थी। उसके सिर पर पिस्टल रखकर फायर किया था जो मिस हो गया था। इस मामले में कोतवाली चरखारी में प्राथमिकी दर्ज कराई गई थी।
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इसके साथ ही गैंग के सदस्यों ने कई आपराधिक घटनाएं कीं। गैंग लीडर और सदस्य आर्थिक लाभ अर्जित करने के लिए अपराध करते हैं। इससे क्षेत्र में भय व्याप्त है। उनका गैंग चार्ट भी जिलाधिकारी की ओर से अनुमोदित किया गया। पुलिस ने विवेचना करते हुए आरोप पत्र न्यायालय में प्रस्तुत किया। कोर्ट ने मंगलवार को मामले की सुनवाई करते हुए फैसला सुनाया।