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Mahoba News: दिल्ली जा रही रोडवेज बस के निकले पहिये
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सरीला/राठ। राठ से दिल्ली जा रही राठ डिपो की एक रोडवेज बस का रविवार सुबह चिकासी-बेतवा पुल पर पीछे का पहिया निकल गया। परिचालक महेश तिवारी की सूझबूझ और समय पर चालक को सूचित करने से बस में सवार चालक, परिचालक सहित कुल 12 लोगों की जान बच गई। यह घटना रविवार सुबह करीब 9:30 बजे चिकासी-मोहाना बेतवा नदी पुल पर हुई।
राठ डिपो की बस संख्या यूपी 78 केटी 2844 दिल्ली जा रही थी। परिचालक महेश तिवारी ने बस के पिछले हिस्से से आवाज सुनाई दी। उन्होंने पीछे झांककर देखा तो पहिए के बोल्ट खुले थे। महेश तिवारी ने चालक रघुनंदन को बस रोकने के लिए कहा। बस रुकने पर पता चला कि पिछले बाएं हिस्से के दोनों पहियों के बोल्ट खुल गए थे और एक पहिया निकल चुका था। यदि समय रहते बस न रुकती तो वह अनियंत्रित होकर पुल से बेतवा नदी में गिर सकती थी। यात्रियों को दूसरी बस से गंतव्य भेजा गया। डिपो प्रभारी निखिल कुमार वर्मा ने बताया कि सूचना मिलने पर वह मौके पर पहुंचे थे। बस की जांच किस फोरमैन या मिस्त्री ने की थी, इसकी जानकारी जुटाई जा रही है। वर्मा ने कहा कि दुरुस्ती और रखरखाव में लापरवाही मिलने पर कार्रवाई की जाएगी।
चार घंटे तक पुल पर खड़ी रही बस
घटना के बाद बस करीब चार घंटे तक बारिश में पुल पर ही खड़ी रही। रोडवेज का मिस्त्री खराब जैक लेकर पहुंचा, जिससे मरम्मत नहीं हो सकी। दूसरा जैक आने के बाद ही काम शुरू हो पाया। परिचालक महेश तिवारी ने बताया कि साढ़े चार घंटे तक कोई अधिकारी मौके पर नहीं पहुंचा। उन्होंने 22 वर्षों के अपने कार्यकाल में ऐसी घटना पहली बार देखी।
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राठ डिपो की बस संख्या यूपी 78 केटी 2844 दिल्ली जा रही थी। परिचालक महेश तिवारी ने बस के पिछले हिस्से से आवाज सुनाई दी। उन्होंने पीछे झांककर देखा तो पहिए के बोल्ट खुले थे। महेश तिवारी ने चालक रघुनंदन को बस रोकने के लिए कहा। बस रुकने पर पता चला कि पिछले बाएं हिस्से के दोनों पहियों के बोल्ट खुल गए थे और एक पहिया निकल चुका था। यदि समय रहते बस न रुकती तो वह अनियंत्रित होकर पुल से बेतवा नदी में गिर सकती थी। यात्रियों को दूसरी बस से गंतव्य भेजा गया। डिपो प्रभारी निखिल कुमार वर्मा ने बताया कि सूचना मिलने पर वह मौके पर पहुंचे थे। बस की जांच किस फोरमैन या मिस्त्री ने की थी, इसकी जानकारी जुटाई जा रही है। वर्मा ने कहा कि दुरुस्ती और रखरखाव में लापरवाही मिलने पर कार्रवाई की जाएगी।
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चार घंटे तक पुल पर खड़ी रही बस
घटना के बाद बस करीब चार घंटे तक बारिश में पुल पर ही खड़ी रही। रोडवेज का मिस्त्री खराब जैक लेकर पहुंचा, जिससे मरम्मत नहीं हो सकी। दूसरा जैक आने के बाद ही काम शुरू हो पाया। परिचालक महेश तिवारी ने बताया कि साढ़े चार घंटे तक कोई अधिकारी मौके पर नहीं पहुंचा। उन्होंने 22 वर्षों के अपने कार्यकाल में ऐसी घटना पहली बार देखी।
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