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Mainpuri News: हेल्थ पॉलिसी एक्टिवेट करने के नाम पर 1.86 लाख की ठगी की
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मैनपुरी। शहर के स्टेशन रोड निवासी एक युवक के दो अलग-अलग बैंक खातों से साइबर ठगों ने 1.86 लाख रुपये निकाल लिए। ठगों ने फोन करके युवक का मोबाइल हैक कर लिया। कोतवाली पुलिस ने इस मामले में प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
कोतवाली क्षेत्र के स्टेशन रोड निवासी संजीत गुप्ता ने पुलिस को बताया कि उन्हें आठ जुलाई को एक कॉल आया था। फोन करने वाले व्यक्ति ने दावा किया कि उनके एसबीआई क्रेडिट कार्ड पर एक हेल्थ पॉलिसी सक्रिय हो गई है। उसने बताया कि इस पॉलिसी का मासिक प्रीमियम 15326 रुपये है। पॉलिसी को निष्क्रिय करने के लिए संजीत को एसबीआई क्रेडिट कार्ड ऐप खोलने का निर्देश दिया गया। जैसे ही उन्होंने ऐप खोला, उनका मोबाइल फोन हैक हो गया। उनके मोबाइल पर आने वाले सभी संदेश दूसरे नंबर पर भेजे जाने लगे। संजीत कुछ समझ पाते, इससे पहले ही उनके दो बैंक खातों से करीब 1.86 लाख रुपये निकाल लिए गए।
संजीत गुप्ता ने तुरंत 1930 पर कॉल कर शिकायत दर्ज कराई। उन्होंने बैंक जाकर अपने खातों से हुए लेनदेन संबंधी जानकारी भी ली। कोतवाली पुलिस ने इस मामले में प्राथमिकी दर्ज कर ली है। साइबर टीम ने अब इस घटना की जांच और कार्रवाई शुरू कर दी है।
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सावधानी ही बचाव, अंजान कॉलर पर न करें यकीन
साइबर अपराध से बचने के लिए सबसे जरूरी है कि आप सावधान रहें। किसी भी अंजाम कॉलर की बात पर यकीन न करें। साइबर थाना प्रभारी संतोष कुमार का कहना है साइबर ठग आपके भय का फायदा उठाते हैं। वह कुछ ऐसी बात कहते हैं कि आप उस पर तुरंत प्रतिक्रिया देने पर बाध्य हो जाते हैं, मगर आपको सावधान रहना है। अपने बैंक खाता संबंधी गोपनीय जानकारी किसी को न दें, अपना पासवर्ड किसी को न बताएं। अंजान नंबर से आने वाली कॉल व मैसेज पर यकीन न करें। तुरंत प्रतिक्रिया देने की बजाय पहले जांच करें, संतुष्ट होने के बाद ही आगे बढें।
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कोतवाली क्षेत्र के स्टेशन रोड निवासी संजीत गुप्ता ने पुलिस को बताया कि उन्हें आठ जुलाई को एक कॉल आया था। फोन करने वाले व्यक्ति ने दावा किया कि उनके एसबीआई क्रेडिट कार्ड पर एक हेल्थ पॉलिसी सक्रिय हो गई है। उसने बताया कि इस पॉलिसी का मासिक प्रीमियम 15326 रुपये है। पॉलिसी को निष्क्रिय करने के लिए संजीत को एसबीआई क्रेडिट कार्ड ऐप खोलने का निर्देश दिया गया। जैसे ही उन्होंने ऐप खोला, उनका मोबाइल फोन हैक हो गया। उनके मोबाइल पर आने वाले सभी संदेश दूसरे नंबर पर भेजे जाने लगे। संजीत कुछ समझ पाते, इससे पहले ही उनके दो बैंक खातों से करीब 1.86 लाख रुपये निकाल लिए गए।
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संजीत गुप्ता ने तुरंत 1930 पर कॉल कर शिकायत दर्ज कराई। उन्होंने बैंक जाकर अपने खातों से हुए लेनदेन संबंधी जानकारी भी ली। कोतवाली पुलिस ने इस मामले में प्राथमिकी दर्ज कर ली है। साइबर टीम ने अब इस घटना की जांच और कार्रवाई शुरू कर दी है।
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सावधानी ही बचाव, अंजान कॉलर पर न करें यकीन
साइबर अपराध से बचने के लिए सबसे जरूरी है कि आप सावधान रहें। किसी भी अंजाम कॉलर की बात पर यकीन न करें। साइबर थाना प्रभारी संतोष कुमार का कहना है साइबर ठग आपके भय का फायदा उठाते हैं। वह कुछ ऐसी बात कहते हैं कि आप उस पर तुरंत प्रतिक्रिया देने पर बाध्य हो जाते हैं, मगर आपको सावधान रहना है। अपने बैंक खाता संबंधी गोपनीय जानकारी किसी को न दें, अपना पासवर्ड किसी को न बताएं। अंजान नंबर से आने वाली कॉल व मैसेज पर यकीन न करें। तुरंत प्रतिक्रिया देने की बजाय पहले जांच करें, संतुष्ट होने के बाद ही आगे बढें।