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Mainpuri News: साप्ताहिक बाजार के विरोध में स्थानीय दुकानदार
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फोटो 17 मीना बाजार के विरोध में प्रदर्शन करते दुकानदार। संवाद
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कुसमरा। मैनपुरी रोड पर हर मंगलवार को लगने वाले साप्ताहिक मीना बाजार के विरोध में स्थानीय दुकानदारों का गुस्सा बुधवार को फूट पड़ा। आक्रोशित व्यापारियों ने प्रदर्शन करते हुए इस बाजार को बंद कराने की मांग की है। उनका आरोप है कि इस बाजार के कारण उनकी आजीविका प्रभावित हो रही है।
व्यापारियों का कहना है कि जनवरी माह में केवल सात दिनों के लिए गर्म कपड़ों की बिक्री की अनुमति ली गई थी, जिसके लिए नगर पंचायत की ओर से रसीद भी काटी गई थी। लेकिन बाद में इस अनुमति का दुरुपयोग करते हुए इसे साप्ताहिक मीना बाजार में बदल दिया गया। व्यापारियों का यह भी आरोप है कि इस बाजार में बाहरी लोग आकर सामान बेच रहे हैं, जिससे स्थानीय व्यवसायी सीधे तौर पर प्रभावित हो रहे हैं।
दुकानदारों ने चिंता व्यक्त की है कि इस साप्ताहिक मीना बाजार के संचालन के लिए पुलिस प्रशासन और अग्निशमन विभाग से किसी भी प्रकार का अनापत्ति प्रमाण पत्र नहीं लिया गया है। सुरक्षा के पुख्ता इंतजामों के अभाव में, यदि कोई अप्रिय घटना घटती है, तो उसकी जिम्मेदारी तय करना मुश्किल होगा। स्थानीय दुकानदारों का कहना है कि वे भारी-भरकम दुकान का किराया, माल की लागत और ब्याज के बोझ तले दबे हुए हैं। साप्ताहिक मीना बाजार के लगने से उनकी बिक्री बुरी तरह प्रभावित हो रही है, जिसके चलते उनके सामने गंभीर आर्थिक संकट खड़ा हो गया है। इस दौरान राकेश कुमार, अशोक कुमार, कैफ, वसीम, अतुल बाथम, अशरफ अंसारी, ताहिर हुसैन अंसारी, इशरार, बब्बन, अजीम, श्याम बहादुर और सोनू कुमार सहित कई स्थानीय व्यापारी मौजूद रहे।
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व्यापारियों का कहना है कि जनवरी माह में केवल सात दिनों के लिए गर्म कपड़ों की बिक्री की अनुमति ली गई थी, जिसके लिए नगर पंचायत की ओर से रसीद भी काटी गई थी। लेकिन बाद में इस अनुमति का दुरुपयोग करते हुए इसे साप्ताहिक मीना बाजार में बदल दिया गया। व्यापारियों का यह भी आरोप है कि इस बाजार में बाहरी लोग आकर सामान बेच रहे हैं, जिससे स्थानीय व्यवसायी सीधे तौर पर प्रभावित हो रहे हैं।
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दुकानदारों ने चिंता व्यक्त की है कि इस साप्ताहिक मीना बाजार के संचालन के लिए पुलिस प्रशासन और अग्निशमन विभाग से किसी भी प्रकार का अनापत्ति प्रमाण पत्र नहीं लिया गया है। सुरक्षा के पुख्ता इंतजामों के अभाव में, यदि कोई अप्रिय घटना घटती है, तो उसकी जिम्मेदारी तय करना मुश्किल होगा। स्थानीय दुकानदारों का कहना है कि वे भारी-भरकम दुकान का किराया, माल की लागत और ब्याज के बोझ तले दबे हुए हैं। साप्ताहिक मीना बाजार के लगने से उनकी बिक्री बुरी तरह प्रभावित हो रही है, जिसके चलते उनके सामने गंभीर आर्थिक संकट खड़ा हो गया है। इस दौरान राकेश कुमार, अशोक कुमार, कैफ, वसीम, अतुल बाथम, अशरफ अंसारी, ताहिर हुसैन अंसारी, इशरार, बब्बन, अजीम, श्याम बहादुर और सोनू कुमार सहित कई स्थानीय व्यापारी मौजूद रहे।
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