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Mainpuri News: स्वास्थ्य कर्मियों का धरना, ओपीडी ठप, भटकते रहे मरीज
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फोटो 31 जिला अस्पताल में धरने पर बैठे स्वास्थ्यकर्मियों से वार्ता करते एसडीएम सदर। संवाद
- फोटो : संवाद
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मैनपुरी। जिला अस्पताल के वार्डबाॅय से अभद्रता करने वाले कोतवाली के मुंशी के विरुद्ध कार्रवाई न होने से आक्रोशित डॉक्टर और स्वास्थ्यकर्मियों ने मंगलवार को दो घंटे के लिए कार्य बहिष्कार कर दिया। इससे जिला अस्पताल की ओपीडी में आने वाले मरीज और तीमारदार उपचार के लिए भटकते रहे। एसडीएम अभिषेक कुमार के समझाने के बाद कर्मचारी काम पर लौटे। चेतावनी दी है कि तीन दिन में यदि उनकी मांगें पूरी नहीं हुईं तो पूर्ण कार्य बहिष्कार किया जाएगा। सुबह 8 बजे नाराज डाॅक्टर और कर्मियों ने कार्य बहिष्कार किया और वे ओपीडी के बाहर धरने पर बैठ गए। इससे अस्पताल की ओपीडी की व्यवस्थाएं पूरी तरह से ठप हो गईं। मरीज भटकते रहे। न तो उनका पर्चा बना और न ही डॉक्टर ने उपचार दिया। जानकारी होने पर एसडीएम अभिषेक कुमार मौके पर पहुंचे और आक्रोशित कर्मचारियों से उनकी बात सुनी और उनकी मांगों के निस्तारण का भरोसा दिया। फार्मासिस्ट शिवमंगल सिंह ने बताया कि कोतवाली में मीमो लेकर जाने वाले कर्मचारियों से पुलिसकर्मी आए दिन अभद्र भाषा का प्रयोग करते हैं। यदि संबंधित मुंशी के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं हुई तो तीन दिन बाद पूरी तरह से कार्य बहिष्कार कर दिया जाएगा।
इस मौके पर चीफ फार्मासिस्ट अवधेश यादव, फार्मासिस्ट प्रताप बहादुर सिंह, उदय प्रताप सिंह, असलम, शिवदत्त सिंह, हरिकिशन शर्मा, विजय तिवारी, पवन कुमार, पुष्पेंद्र, सोनू, महेश बाबू, सुशील कुमार, सुरजीत कुमार, गीता देवी, मनोरमा आदि मौजूद रहे।
क्या था पूरा मामला
महाराजा तेजसिंह जिला अस्पताल के इमरजेंसी वार्ड में 25 फरवरी की रात साढ़े 11 बजे अचेत अवस्था में एक युवक को भर्ती कराया गया था। कोई भी परिजन साथ न होने के कारण इमरजेंसी में ड्यूटी पर तैनात ईएमओ डाॅ. हर्ष दीक्षित ने मीमो भिजवाकर पुलिस को मामले की सूचना दी। आरोप है कि जब जिला अस्पताल में तैनात वार्डबाय सुशील कुमार रात एक बजे कोतवाली में मीमो लेकर पहुंचा तो मुंशी अभद्रता करते हुए गाली-गलौज करने लगा और मीमो लेने से मना कर दिया। वार्डबाय ने अस्पताल पहुंचकर ईएमओ और उच्चाधिकारियों को बताया। दूसरे दिन 26 फरवरी की सुबह सीएमएस डाॅ. धर्मेंद्र कुमार डाॅक्टर और कर्मचारियों ने कोतवाली में प्रभारी फतेह बहादुर सिंह भदौरिया को पूरी बात बताई और कार्रवाई की मांग की, कर्मचारियों ने मुंशी से माफी मांगने की बात कही तो कोतवाल टालमटोल करने लगे। इसी बात को लेकर कर्मचारी पुलिस के खिलाफ नारेबाजी कर चले गए और कार्य बहिष्कार की चेतावनी दी थी।
जिला अस्पताल की चौकी रहती है खाली
जिला अस्पताल के डॉक्टरों ने बताया कि करीब 1 साल पहले एसपी ने अस्पताल में एक पुलिस चौकी का उद्घाटन किया था। दो दिन पुलिस रही उसके बाद से यहां कभी भी पुलिस दिखाई नहीं दी। वार्डबॉय को मीमो के लिए थाने जाना पड़ता है। अस्पताल में कोई विवाद होता है तो पुलिस देर से आती है। इस चौकी को भी शुरू कराया जाए।
मेरे पैर में दर्द रहता है। हड्डी रोग विभाग में उपचार के लिए आया था लेकिन डॉक्टर और कर्मचारी कार्य नहीं कर रहे हैं। दो घंटे से परेशान हूं।
कौशलेंद्र सिंह
मेरे हाथ में फ्रैक्चर हुआ है। अस्पताल में उपचार के लिए आया था। लेकिन यहां कर्मचारी और डॉक्टर धरने पर हैं, इसलिए उपचार नहीं मिल सका है।
रमेश चंद्र
पिछले कुछ दिनों से सिर में दर्द रहता है। फिजीशियन से उपचार लेने के लिए आई थी। यहां कमरे में डॉक्टर नहीं हैं, वे धरने पर बैठे हैं, इसलिए उपचार नहीं मिल सका है।
मीरा देवी
मेरे बच्चे का चयन सैनिक स्कूल के लिए हुआ है। उसका मेडिकल कराना है। लेकिन यहां डॉक्टर और कर्मचारी हड़ताल पर हैं इसलिए अभी तक कोई सुनवाई नहीं हुई है।
अर्जुन सिंह, जनपद बलिया
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क्या था पूरा मामला
महाराजा तेजसिंह जिला अस्पताल के इमरजेंसी वार्ड में 25 फरवरी की रात साढ़े 11 बजे अचेत अवस्था में एक युवक को भर्ती कराया गया था। कोई भी परिजन साथ न होने के कारण इमरजेंसी में ड्यूटी पर तैनात ईएमओ डाॅ. हर्ष दीक्षित ने मीमो भिजवाकर पुलिस को मामले की सूचना दी। आरोप है कि जब जिला अस्पताल में तैनात वार्डबाय सुशील कुमार रात एक बजे कोतवाली में मीमो लेकर पहुंचा तो मुंशी अभद्रता करते हुए गाली-गलौज करने लगा और मीमो लेने से मना कर दिया। वार्डबाय ने अस्पताल पहुंचकर ईएमओ और उच्चाधिकारियों को बताया। दूसरे दिन 26 फरवरी की सुबह सीएमएस डाॅ. धर्मेंद्र कुमार डाॅक्टर और कर्मचारियों ने कोतवाली में प्रभारी फतेह बहादुर सिंह भदौरिया को पूरी बात बताई और कार्रवाई की मांग की, कर्मचारियों ने मुंशी से माफी मांगने की बात कही तो कोतवाल टालमटोल करने लगे। इसी बात को लेकर कर्मचारी पुलिस के खिलाफ नारेबाजी कर चले गए और कार्य बहिष्कार की चेतावनी दी थी।
जिला अस्पताल की चौकी रहती है खाली
जिला अस्पताल के डॉक्टरों ने बताया कि करीब 1 साल पहले एसपी ने अस्पताल में एक पुलिस चौकी का उद्घाटन किया था। दो दिन पुलिस रही उसके बाद से यहां कभी भी पुलिस दिखाई नहीं दी। वार्डबॉय को मीमो के लिए थाने जाना पड़ता है। अस्पताल में कोई विवाद होता है तो पुलिस देर से आती है। इस चौकी को भी शुरू कराया जाए।
मेरे पैर में दर्द रहता है। हड्डी रोग विभाग में उपचार के लिए आया था लेकिन डॉक्टर और कर्मचारी कार्य नहीं कर रहे हैं। दो घंटे से परेशान हूं।
कौशलेंद्र सिंह
मेरे हाथ में फ्रैक्चर हुआ है। अस्पताल में उपचार के लिए आया था। लेकिन यहां कर्मचारी और डॉक्टर धरने पर हैं, इसलिए उपचार नहीं मिल सका है।
रमेश चंद्र
पिछले कुछ दिनों से सिर में दर्द रहता है। फिजीशियन से उपचार लेने के लिए आई थी। यहां कमरे में डॉक्टर नहीं हैं, वे धरने पर बैठे हैं, इसलिए उपचार नहीं मिल सका है।
मीरा देवी
मेरे बच्चे का चयन सैनिक स्कूल के लिए हुआ है। उसका मेडिकल कराना है। लेकिन यहां डॉक्टर और कर्मचारी हड़ताल पर हैं इसलिए अभी तक कोई सुनवाई नहीं हुई है।
अर्जुन सिंह, जनपद बलिया