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Holi 2026: होली पर 'प्रहलाद के गांव' में 'अग्निपरीक्षा', धधकते अंगारों से होकर निकले संजू पंडा; देखें VIDEO
संवाद न्यूज एजेंसी, मथुरा
Published by: Dhirendra Singh
Updated Tue, 03 Mar 2026 09:17 AM IST
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सार
मथुरा के फालैन गांव में होली पर एक बार फिर भक्त प्रहलाद की लीला जीवंत हो उठी। यहां संजू पंडा जब धधकती होली से गुजरे तो वहां मौजूद लोग यह दृश्य देखकर दंग रह गए। आग की लपटों का पंडा के शरीर पर कोई प्रभाव नहीं पड़ा। देश-विदेश से आए हजारों लोग इस अद्भुत लीला के साक्षी बने।
संजू पंडा
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
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विस्तार
भक्त प्रह्लाद और होलिका दहन की लीला गांव फालैन में जीवंत हुई। शुभ मुहूर्त पर संजू पंडा पहली बार होलिका के दहकते अंगारों के बीच सकुशल गुजर गए। इसी अग्नि परीक्षा को देने के लिए गांव के संजू पंडा ने एक माह तक तप किया था। श्रद्धालु होलिका से संजू पंडा के बच निकलने के उस दुर्लभ चमत्कारिक क्षण को देखने को आतुर थे।
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मंगलवार को तड़के करीब चार बजे मंदिर में तप पर बैठे संजू पंडा ने अखंड ज्योति पर हाथ रखकर शीतलता महसूस की। हालांकि उस समय होलिका की लपटों ने चारों ओर खड़े श्रद्धालुओं को काफी पीछे धकेल दिया लेकिन ज्यों ही संजू पंडा प्रह्लाद की माला को धारण कर निकले भक्त प्रह्लाद के जयघोष से पूरा वातावरण गूंज उठा। प्रहलाद कुंड में स्नान के बाद चार बजकर 15 मिनट पर संजू पंडा ने धधकती होलिका की ओर दौड़ लगा दी।
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धधकती होली की लपटों के बीच जब संजू पंडा दिखाई दिए तो वहां सन्नाटा पसर गया। ऐसा लग रहा था कि माना कुछ पलों के लिए वहां मौजूद लोगों की सांसें थम गईं हो। जैसे ही संजू पंडा अंगारों पर चलते हुए सुरक्षित बाहर निकले, पूरा गांव भगवान श्रीकृष्ण और प्रहलाद के जयकारों से गूंज उठा। लोग इसे चमत्कार मान रहे थे।
होलिका के अंगारों पर 10 कदम रखकर पंडा होलिका से सकुशल बाहर निकले। मेला आचार्य पंडित भगवान सहाय एवं ग्रामीणों ने उन्हें अपनी गोद में भर लिया। चारों तरफ जय-जयकार के साथ गुलाल उड़ना शुरू हो गया। पंडा ने मंदिर में पहुंच कर पूजा अर्चना की। इस क्षण के हजारों श्रद्धालु गवाह बने।
