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UP: मथुरा-वृंदावन पहली पसंद, ये आंकड़े चौंका देंगे; पिछले वर्ष श्रद्धालुओं की संख्या ने तोड़ दिया रिकॉर्ड
अमर उजाला न्यूज नेटवर्क, मथुरा
Published by: अमर उजाला ब्यूरो
Updated Fri, 20 Feb 2026 01:04 PM IST
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सार
प्रदेश में धार्मिक पर्यटन अब केवल आस्था ही नहीं बल्कि प्रदेश की अर्थव्यवस्था को रफ्तार देने वाला सबसे बड़ा इंजन बन गया है। टेंपल इकॉनमी मॉडल ने यह साबित कर दिया है कि अगर धार्मिक स्थलों पर सुविधाएं और सुरक्षा बढ़ा दी जाएं, तो आस्था और अर्थतंत्र दोनों मजबूत होते हैं। इसका उदाहरण मथुरा-वृंदावन है, जहां पिछले वर्ष रिकॉर्ड 9.3 करोड़ श्रद्धालु पहुंचे।
श्री कृष्ण जन्मभूमि मंदिर
- फोटो : संवाद
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विस्तार
प्रदेश सरकार ने पिछले कुछ वर्षों में ब्रज क्षेत्र में सड़कों का चौड़ीकरण, घाटों का सौंदर्यीकरण, आधुनिक पार्किंग और बेहतर लाइटिंग ने श्रद्धालुओं के अनुभव को सुखद बनाया है। दिल्ली, आगरा और लखनऊ से यमुना एक्सप्रेस-वे और रेल मार्ग की बेहतरीन कनेक्टिविटी के कारण अब मथुरा पहुंचना बेहद आसान हो गया है। सरकार द्वारा आध्यात्मिक विरासत को सहेजने के साथ-साथ आधुनिक सुविधाओं के विस्तार से ब्रज का गौरव वापस लौट रहा है।
वर्ष 2023 में मथुरा में 7.79 करोड़ पर्यटक आए। वर्ष 2024 में यह संख्या बढ़कर 9 करोड़ के पार पहुंची। वर्ष 2025 में रिकॉर्ड 10.2 करोड़ श्रद्धालुओं ने ब्रज में हाजिरी लगाई। यह वृद्धि दर्शाती है कि सुरक्षा और सुविधाओं के प्रति पर्यटकों का विश्वास बढ़ा है।
करोड़ों श्रद्धालुओं के आगमन ने स्थानीय अर्थव्यवस्था में जान फूंक दी है। होटल, होम स्टे, ट्रांसपोर्ट और रेस्टोरेंट बिजनेस में ऐतिहासिक उछाल आया है। प्रसाद उद्योग, फूल माला विक्रेता और स्थानीय हस्तशिल्प से जुड़े कारीगरों की आय कई गुना बढ़ गई है। वोकल फॉर लोकल के तहत स्थानीय उत्पादों की मांग बढ़ने से हजारों युवाओं को रोजगार मिला है। रियल एस्टेट और एमएसएमई सेक्टर में भी उछाल आया है।
कॉन्फ़ेडरेशन ऑफ़ ट्रेवल एसोसिएशन के अध्यक्ष राजीव तिवारी ने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के विजन ने धार्मिक पर्यटन की परिभाषा बदल दी है। पहले पर्यटक सुविधाओं के अभाव में परेशान होते थे, लेकिन अब इन्फ्रास्ट्रक्चर वर्ल्ड क्लास होने से पर्यटकों की संख्या और उनका ठहराव (स्टे) दोनों बढ़ा है। इसका सीधा फायदा स्थानीय होटल व्यवसायियों, गाइडों और छोटे दुकानदारों को मिल रहा है। ''टेंपल इकॉनमी'' ने मथुरा सहित पूरे ब्रज क्षेत्र के बाजार में नई रौनक लौटा दी है।
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वर्ष 2023 में मथुरा में 7.79 करोड़ पर्यटक आए। वर्ष 2024 में यह संख्या बढ़कर 9 करोड़ के पार पहुंची। वर्ष 2025 में रिकॉर्ड 10.2 करोड़ श्रद्धालुओं ने ब्रज में हाजिरी लगाई। यह वृद्धि दर्शाती है कि सुरक्षा और सुविधाओं के प्रति पर्यटकों का विश्वास बढ़ा है।
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करोड़ों श्रद्धालुओं के आगमन ने स्थानीय अर्थव्यवस्था में जान फूंक दी है। होटल, होम स्टे, ट्रांसपोर्ट और रेस्टोरेंट बिजनेस में ऐतिहासिक उछाल आया है। प्रसाद उद्योग, फूल माला विक्रेता और स्थानीय हस्तशिल्प से जुड़े कारीगरों की आय कई गुना बढ़ गई है। वोकल फॉर लोकल के तहत स्थानीय उत्पादों की मांग बढ़ने से हजारों युवाओं को रोजगार मिला है। रियल एस्टेट और एमएसएमई सेक्टर में भी उछाल आया है।
कॉन्फ़ेडरेशन ऑफ़ ट्रेवल एसोसिएशन के अध्यक्ष राजीव तिवारी ने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के विजन ने धार्मिक पर्यटन की परिभाषा बदल दी है। पहले पर्यटक सुविधाओं के अभाव में परेशान होते थे, लेकिन अब इन्फ्रास्ट्रक्चर वर्ल्ड क्लास होने से पर्यटकों की संख्या और उनका ठहराव (स्टे) दोनों बढ़ा है। इसका सीधा फायदा स्थानीय होटल व्यवसायियों, गाइडों और छोटे दुकानदारों को मिल रहा है। ''टेंपल इकॉनमी'' ने मथुरा सहित पूरे ब्रज क्षेत्र के बाजार में नई रौनक लौटा दी है।