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Mau News: आयुर्वेदिक पद्धति से उपचार कराने का झांसा देकर अधिवक्ता से 38 हजार रुपये की ठगी

Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Sun, 03 May 2026 12:25 AM IST
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A lawyer was duped of Rs 38,000 on the pretext of providing treatment through Ayurvedic method.
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फेसबुक पर चल रहे विज्ञापन के नंबर पर फोन कर जानकारी लेना अधिवक्ता को भारी पड़ गया। आयुर्वेदिक पद्धति से उपचार कराने का झांसा देकर साइबर ठगों ने दो बार में 38,500 रुपये ठग लिए।
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हरिद्वार में उपचार के लिए पहले 19,499 रुपये लेकर 12 अप्रैल की बुकिंग कराई गई, फिर पांच दिन बाद जांच कराने और उपचार के बाद पैसा लौटाने की बात कहकर 18 हजार रुपये और लिए गए।
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तहरीर पर शहर कोतवाली पुलिस ने सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम की धारा 66सी और 66डी के तहत विनोद रमेश बरवा के विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज की है।
प्राथमिकी के अनुसार, बीते 15 फरवरी को अधिवक्ता फेसबुक चला रहे थे। उसी दौरान चल रहे विज्ञापन के नंबर पर उन्होंने पतंजलि योगपीठ में उपचार संबंधी जानकारी के लिए फोन किया।
इसके बाद उसी नंबर से फोन आया और कॉल करने वाले व्यक्ति ने खुद को पतंजलि योगपीठ का कर्मचारी बताते हुए उपचार के लिए बुकिंग कराने की बात कही।
इसके बाद दूसरे नंबर से व्हाट्सएप के माध्यम से पीडीएफ (टैरिफ प्राइस लिस्ट) भेजी गई। 16 फरवरी को पुनः व्हाट्सएप पर बुकिंग कंफर्म होने का मेसेज और पीडीएफ मिला, जिसमें लिखा था कि 12 अप्रैल को उपचार के लिए बुकिंग कर दी गई है। यदि उसी दिन भुगतान नहीं किया गया तो बुकिंग निरस्त कर दी जाएगी।
ठगों के झांसे में आकर यूपीआई के माध्यम से 19,500 रुपये भेज दिए गए। 21 फरवरी को पुनः मेसेज आया कि हेल्थ चेकअप के लिए 18 हजार रुपये जमा करने होंगे, जो उपचार के बाद उसी दिन वापस कर दिए जाएंगे।
विश्वास कर 28 फरवरी को यूपीआई से 18 हजार रुपये अधिवक्ता ने विनोद रमेश बरवा के क्यूआर कोड पर भेज दिए, लेकिन इसकी कोई रसीद प्राप्त नहीं हुई।
जब 12 मार्च को संपर्क करने का प्रयास किया गया तो दोनों नंबर बंद मिले। व्हाट्सएप नंबर चालू था, जिस पर कॉल करने पर पुनः आश्वासन दिया गया कि जल्द ही 18 हजार रुपये की रसीद भेज दी जाएगी, लेकिन अब तक कोई रसीद प्राप्त नहीं हुई। बाद में जांच-पड़ताल करने पर पता चला कि उनके साथ ठगी हुई है।
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