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Mau News: छह महीने बाद आएगी सी-आर्म मशीन, मेजर ऑपरेशन फिर शुरू होंगे
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जिला अस्पताल के आपरेशन कक्ष में खराब पड़ी सीआर्म मशीन।संवाद
- फोटो : शहर के रामलीला मैदान स्थित सराफा शोरूम में ग्राहकों की लगी भीड़।
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जिला अस्पताल में ट्रॉमा सेंटर में छह महीने से बंद मेजर ऑपरेशन अब फिर शुरू होंगे। हर महीने आठ से दस मेजर ऑपरेशन होते थे। मशीन खराब होने से ट्रॉमा सेंटर आने वाले मरीजों को अन्य उच्च स्तरीय सेंटरों में रेफर किया जा रहा है।
दरअसल, कैबिनेट मंत्री एके शर्मा के प्रयास से अस्पताल को सीएसआर फंड के तहत 62 लाख से खराब सी-आर्म मशीन के अलावा दो वेंटिलेटर, एक इको मशीन और लेप्रोस्कोपिक सर्जरी मशीन की सुविधा मिली है। सी-आर्म मशीन के न होने के कारण मेजर ऑपरेशन वर्तमान में बंद थे।
सीएमएस डॉक्टर धनंजय कुमार ने बताया कि आठ माह से खराब सी-आर्म मशीन के स्थान पर 15 लाख की नई मशीन मिलेगी।
इसके अलावा, 12 लाख 50 हजार रुपये की कीमत की लेप्रोस्कोपिक सर्जरी मशीन उपलब्ध होगी। वहीं चार बेड वाले आईसीयू के विस्तार के लिए 15 लाख 60 हजार रुपये की लागत के दो वेंटिलेटर और ईको जांच के लिए 19 लाख रुपये की 2डी ईको मशीन भी मिल रही है। डॉक्टरों का कहना है कि इन मशीनों के जल्द ही आने की उम्मीद है।
आईसीयू की सुविधा होगी हाईटेक, जांच के लिए बाहर नहीं जाना होगा
जिला अस्पताल के फिजिशियन और आईसीयू वार्ड के प्रभारी डॉक्टर अनिल कुमार ने बताया कि आईसीयू वार्ड अभी एक कक्ष में संचालित हो रहा है। इसके विस्तार के लिए बगल के एक कक्ष को जोड़ने की योजना है। वर्तमान में आईसीयू में वेंटिलेटर की सुविधा थी, लेकिन ईको मशीन नहीं थी। मरीजों को बाहर जाकर जांच करानी पड़ती थी, लेकिन नई सुविधा से यह समस्या समाप्त हो जाएगी।
ट्रॉमा सेंटर में हड्डी के मेजर ऑपरेशन चार महीने से बंद
जिला अस्पताल के ट्रॉमा सेंटर में छह माह से हड्डी के मेजर ऑपरेशन बंद हैं। केवल माइनर ऑपरेशन ही हो रहे हैं। पहले हर महीने आठ से दस मेजर ऑपरेशन होते थे। ऐसे में ट्रॉमा सेंटर आने वाले मरीजों को अन्य उच्च स्तरीय सेंटरों में रेफर किया जा रहा है। जिले के 52 सरकारी अस्पतालों में सिर्फ जिला अस्पताल में ही हड्डी के ऑपरेशन होते हैं। इसके लिए यहां तीन ऑर्थोपेडिक सर्जन तैनात हैं। सी-आर्म मशीन खराब होने के कारण हड्डी के डॉक्टर पिछले चार माह से कोई मेजर ऑपरेशन नहीं कर पा रहे थे। पुरानी सी-आर्म मशीन 2015 में आई थी और महज ढाई साल ही ऑपरेशन हुए थे। इसके बाद केवल स्टेपलाइजर के खराब होने के कारण यह मशीन सात साल तक शोपीस बनी रही।
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दरअसल, कैबिनेट मंत्री एके शर्मा के प्रयास से अस्पताल को सीएसआर फंड के तहत 62 लाख से खराब सी-आर्म मशीन के अलावा दो वेंटिलेटर, एक इको मशीन और लेप्रोस्कोपिक सर्जरी मशीन की सुविधा मिली है। सी-आर्म मशीन के न होने के कारण मेजर ऑपरेशन वर्तमान में बंद थे।
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सीएमएस डॉक्टर धनंजय कुमार ने बताया कि आठ माह से खराब सी-आर्म मशीन के स्थान पर 15 लाख की नई मशीन मिलेगी।
इसके अलावा, 12 लाख 50 हजार रुपये की कीमत की लेप्रोस्कोपिक सर्जरी मशीन उपलब्ध होगी। वहीं चार बेड वाले आईसीयू के विस्तार के लिए 15 लाख 60 हजार रुपये की लागत के दो वेंटिलेटर और ईको जांच के लिए 19 लाख रुपये की 2डी ईको मशीन भी मिल रही है। डॉक्टरों का कहना है कि इन मशीनों के जल्द ही आने की उम्मीद है।
आईसीयू की सुविधा होगी हाईटेक, जांच के लिए बाहर नहीं जाना होगा
जिला अस्पताल के फिजिशियन और आईसीयू वार्ड के प्रभारी डॉक्टर अनिल कुमार ने बताया कि आईसीयू वार्ड अभी एक कक्ष में संचालित हो रहा है। इसके विस्तार के लिए बगल के एक कक्ष को जोड़ने की योजना है। वर्तमान में आईसीयू में वेंटिलेटर की सुविधा थी, लेकिन ईको मशीन नहीं थी। मरीजों को बाहर जाकर जांच करानी पड़ती थी, लेकिन नई सुविधा से यह समस्या समाप्त हो जाएगी।
ट्रॉमा सेंटर में हड्डी के मेजर ऑपरेशन चार महीने से बंद
जिला अस्पताल के ट्रॉमा सेंटर में छह माह से हड्डी के मेजर ऑपरेशन बंद हैं। केवल माइनर ऑपरेशन ही हो रहे हैं। पहले हर महीने आठ से दस मेजर ऑपरेशन होते थे। ऐसे में ट्रॉमा सेंटर आने वाले मरीजों को अन्य उच्च स्तरीय सेंटरों में रेफर किया जा रहा है। जिले के 52 सरकारी अस्पतालों में सिर्फ जिला अस्पताल में ही हड्डी के ऑपरेशन होते हैं। इसके लिए यहां तीन ऑर्थोपेडिक सर्जन तैनात हैं। सी-आर्म मशीन खराब होने के कारण हड्डी के डॉक्टर पिछले चार माह से कोई मेजर ऑपरेशन नहीं कर पा रहे थे। पुरानी सी-आर्म मशीन 2015 में आई थी और महज ढाई साल ही ऑपरेशन हुए थे। इसके बाद केवल स्टेपलाइजर के खराब होने के कारण यह मशीन सात साल तक शोपीस बनी रही।