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Mau News: जमीन पर कब्जा करने और पैमाइश न होने की शिकायतें आईं
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जिले की चारों तहसीलों पर शनिवार को संपूर्ण समाधान दिवस का आयोजन किया गया। सबसे अधिक जमीन पर अंश से अधिक कब्जा करने और आदेश के बावजूद राजस्व कर्मियों द्वारा पैमाइश नहीं करने की शिकायतें पहुंचीं।
इस दौरान 383 प्रार्थनापत्र मिले, जिनमें से 32 का मौके पर निस्तारण कराया गया। अन्य मामलों को संबंधित विभागों को भेजकर टीम गठित कर निस्तारित करने की जिम्मेदारी सौंपी गई।
डीएम प्रवीण मिश्र और एसपी कमलेश बहादुर ने मधुबन तहसील में फरियाद सुनी। उनके सामने 140 प्रार्थनापत्र पड़े, जिनमें से 20 का त्वरित निस्तारण किया गया। 80 शिकायतें राजस्व और 40 पुलिस सहित अन्य विभागों से संबंधित रहीं।
शिकायत लेकर पहुंचे कमलसागर निवासी विवेक चौबे ने बताया कि डुमरी मामर्यादपुर में जमीन का बैनामा कराया है, लेकिन विपक्षी उनके निर्माण कार्य में अवरोध उत्पन्न कर रहे हैं। गीता सिंह ने अंश से अधिक हिस्से में कब्जा कर निर्माण कार्य किए जाने की शिकायत की।
जिलाधिकारी ने उपजिलाधिकारी सत्य प्रकाश को स्थलीय निरीक्षण कर मामले का निस्तारण करने के निर्देश दिए। भटिया निवासी जयप्रकाश बारी ने बताया कि भटिया और सुवाह की खतौनी में उनका नाम अलग-अलग दर्ज है, जिससे किसी भी सरकारी योजना का लाभ नहीं मिल पा रहा है।
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भूमिधरी में खड़ंजा लगाए जाने की शिकायत की
नगर पंचायत मधुबन निवासी संजय साहू ने अपनी भूमिधरी में नगर पंचायत द्वारा खड़ंजा कराए जाने की शिकायत की। इस दौरान सीओ अंजनी कुमार पांडेय, तहसीलदार डॉ. धर्मेंद्र पांडेय, डॉ. बीके यादव, बीडीओ अनिल कुशवाहा आदि अधिकारी मौजूद रहे।
मुहम्मदाबाद गोहना तहसील में मुख्य विकास अधिकारी विवेक श्रीवास्तव की अध्यक्षता में सुनवाई हुई। यहां 81 प्रार्थनापत्र पड़े, जिनमें से 6 का मौके पर निस्तारण किया गया, जबकि चार मामलों के लिए राजस्व और पुलिस की संयुक्त टीम गठित कर मौके पर भेजी गई। सबसे अधिक 46 शिकायतें राजस्व विभाग से संबंधित थीं। राशन कार्डों को लेकर 9, पुलिस विभाग के 15 और शेष अन्य विभागों से संबंधित रहीं।
शिकायत लेकर पहुंचे मालव गांव निवासी सर्वेश तिवारी ने कहा कि उनके गांव में आराजी संख्या 2444 सरकारी अभिलेख में नवीन परती दर्ज है, जिस पर कुछ लोगों ने कब्जा कर रखा है। कई बार शिकायत के बाद भी लेखपाल और राजस्व निरीक्षक कार्रवाई नहीं कर रहे हैं।
रानीपुर थाना क्षेत्र के भूसुवा गांव निवासी नानू गुप्ता ने बताया कि न्यायालय के आदेश के बावजूद विपक्षी जमीन पर निर्माण करा रहे हैं। सियाबस्ती गांव निवासी उज्जवल राजभर ने बताया कि दो आराजी नंबर की पैमाइश के लिए चार बार प्रार्थनापत्र दिया, लेकिन अब तक पैमाइश नहीं कराई गई।
सद्दोपुर गांव निवासी सुधाकर पांडेय ने भी अपनी आराजी की पैमाइश न होने की शिकायत की। उनका कहना है कि पहले भी दो बार प्रार्थनापत्र दे चुके हैं, लेकिन कार्रवाई नहीं हुई।
घोसी तहसील में 73 प्रार्थनापत्र पड़े, जिनमें 35 राजस्व, 24 पुलिस, 7 ब्लॉक, 2 नगर पंचायत और अन्य मामले शामिल थे। तीन का मौके पर निस्तारण किया गया।
सदर तहसील में उपजिलाधिकारी अवधेश ने बताया कि 89 प्रार्थनापत्र प्राप्त हुए। इनमें 45 राजस्व, 15 पुलिस, 8 विकास और 18 अन्य विभागों से संबंधित थे। दो का मौके पर निस्तारण किया गया, जबकि तीन मामलों के लिए राजस्व और पुलिस की संयुक्त टीम गठित कर मौके पर भेजी गई।
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इस दौरान 383 प्रार्थनापत्र मिले, जिनमें से 32 का मौके पर निस्तारण कराया गया। अन्य मामलों को संबंधित विभागों को भेजकर टीम गठित कर निस्तारित करने की जिम्मेदारी सौंपी गई।
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डीएम प्रवीण मिश्र और एसपी कमलेश बहादुर ने मधुबन तहसील में फरियाद सुनी। उनके सामने 140 प्रार्थनापत्र पड़े, जिनमें से 20 का त्वरित निस्तारण किया गया। 80 शिकायतें राजस्व और 40 पुलिस सहित अन्य विभागों से संबंधित रहीं।
शिकायत लेकर पहुंचे कमलसागर निवासी विवेक चौबे ने बताया कि डुमरी मामर्यादपुर में जमीन का बैनामा कराया है, लेकिन विपक्षी उनके निर्माण कार्य में अवरोध उत्पन्न कर रहे हैं। गीता सिंह ने अंश से अधिक हिस्से में कब्जा कर निर्माण कार्य किए जाने की शिकायत की।
जिलाधिकारी ने उपजिलाधिकारी सत्य प्रकाश को स्थलीय निरीक्षण कर मामले का निस्तारण करने के निर्देश दिए। भटिया निवासी जयप्रकाश बारी ने बताया कि भटिया और सुवाह की खतौनी में उनका नाम अलग-अलग दर्ज है, जिससे किसी भी सरकारी योजना का लाभ नहीं मिल पा रहा है।
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भूमिधरी में खड़ंजा लगाए जाने की शिकायत की
नगर पंचायत मधुबन निवासी संजय साहू ने अपनी भूमिधरी में नगर पंचायत द्वारा खड़ंजा कराए जाने की शिकायत की। इस दौरान सीओ अंजनी कुमार पांडेय, तहसीलदार डॉ. धर्मेंद्र पांडेय, डॉ. बीके यादव, बीडीओ अनिल कुशवाहा आदि अधिकारी मौजूद रहे।
मुहम्मदाबाद गोहना तहसील में मुख्य विकास अधिकारी विवेक श्रीवास्तव की अध्यक्षता में सुनवाई हुई। यहां 81 प्रार्थनापत्र पड़े, जिनमें से 6 का मौके पर निस्तारण किया गया, जबकि चार मामलों के लिए राजस्व और पुलिस की संयुक्त टीम गठित कर मौके पर भेजी गई। सबसे अधिक 46 शिकायतें राजस्व विभाग से संबंधित थीं। राशन कार्डों को लेकर 9, पुलिस विभाग के 15 और शेष अन्य विभागों से संबंधित रहीं।
शिकायत लेकर पहुंचे मालव गांव निवासी सर्वेश तिवारी ने कहा कि उनके गांव में आराजी संख्या 2444 सरकारी अभिलेख में नवीन परती दर्ज है, जिस पर कुछ लोगों ने कब्जा कर रखा है। कई बार शिकायत के बाद भी लेखपाल और राजस्व निरीक्षक कार्रवाई नहीं कर रहे हैं।
रानीपुर थाना क्षेत्र के भूसुवा गांव निवासी नानू गुप्ता ने बताया कि न्यायालय के आदेश के बावजूद विपक्षी जमीन पर निर्माण करा रहे हैं। सियाबस्ती गांव निवासी उज्जवल राजभर ने बताया कि दो आराजी नंबर की पैमाइश के लिए चार बार प्रार्थनापत्र दिया, लेकिन अब तक पैमाइश नहीं कराई गई।
सद्दोपुर गांव निवासी सुधाकर पांडेय ने भी अपनी आराजी की पैमाइश न होने की शिकायत की। उनका कहना है कि पहले भी दो बार प्रार्थनापत्र दे चुके हैं, लेकिन कार्रवाई नहीं हुई।
घोसी तहसील में 73 प्रार्थनापत्र पड़े, जिनमें 35 राजस्व, 24 पुलिस, 7 ब्लॉक, 2 नगर पंचायत और अन्य मामले शामिल थे। तीन का मौके पर निस्तारण किया गया।
सदर तहसील में उपजिलाधिकारी अवधेश ने बताया कि 89 प्रार्थनापत्र प्राप्त हुए। इनमें 45 राजस्व, 15 पुलिस, 8 विकास और 18 अन्य विभागों से संबंधित थे। दो का मौके पर निस्तारण किया गया, जबकि तीन मामलों के लिए राजस्व और पुलिस की संयुक्त टीम गठित कर मौके पर भेजी गई।
