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Mau News: आठ महीने से डेंटल और दो माह से एक्स-रे मशीन रखी, कर्मचारियों की कमी से नहीं मिल रहा लाभ
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मझवारा सीएचसी स्थित एक्सरे डार्क रूम। संवाद
- फोटो : सत्य नारायण सिंह की फाइल फोटो।
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मझवारा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) मझवारा में स्वास्थ्य सुविधाओं को बेहतर बनाने के नाम पर शासन से भेजी गई लाखों रुपये की मशीनें अब तक उपयोग में नहीं लाई जा सकी हैं।
अस्पताल परिसर में डेंटल मशीन पिछले करीब आठ महीने से और एक्स-रे मशीन लगभग दो महीने से रखी हुई है, लेकिन इन्हें स्थापित करने की दिशा में अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है। इससे क्षेत्र की हजारों की आबादी को मिलने वाली जरूरी स्वास्थ्य सुविधाएं अधर में लटकी हुई हैं।
क्षेत्रीय लोगों का कहना है कि अस्पताल में एक्स-रे और दंत चिकित्सा की सुविधा शुरू हो जाने से मरीजों को जिला मुख्यालय या निजी अस्पतालों का चक्कर नहीं लगाना पड़ता, लेकिन मशीनें आने के बाद भी विभागीय उदासीनता के कारण मरीजों को इसका लाभ नहीं मिल पा रहा है। अस्पताल के एक कमरे में मशीनें बंद रखी हैं और उन पर धूल जमने लगी है।
सीएचसी में कर्मचारियों का भी अभाव बना हुआ है। यहां वर्तमान समय में केवल दो चिकित्सक तैनात हैं, जिनमें सीएचसी प्रभारी डॉ. सारिक कादिर अंसारी और महिला चिकित्सक डॉ. संगीता चौहान शामिल हैं।
इनके अलावा फार्मासिस्ट के रूप में अरुण राय व रामायण यादव, एलटी के रूप में अवधेश यादव, आशुतोष प्रजापति (पीओसी एलटी) व एक लैब टेक्नीशियन कार्यरत हैं। सीमित स्टाफ के सहारे पूरे क्षेत्र की स्वास्थ्य व्यवस्था संभाली जा रही है, जिससे मरीजों को कई बार घंटों इंतजार करना पड़ता है।
सबसे गंभीर स्थिति अस्पताल में पानी की है। लैब टेक्नीशियन ने बताया कि अस्पताल में नियमित पानी की उपलब्धता नहीं होने के कारण जांच कार्य प्रभावित होता है। कई बार जांच के लिए आवश्यक पानी बाहर से खरीदकर लाना पड़ता है, तब कहीं जाकर मरीजों की पैथोलॉजी जांच पूरी हो पाती है।
ग्रामीणों का कहना है कि जब शासन से मशीनें उपलब्ध करा दी गई हैं तो उन्हें शीघ्र स्थापित कर चालू किया जाना चाहिए। स्वास्थ्य केंद्र पर पर्याप्त डॉक्टर, टेक्नीशियन व अन्य कर्मचारियों की तैनाती के साथ पानी जैसी बुनियादी व्यवस्था सुनिश्चित की जानी चाहिए, ताकि मरीजों को समुचित उपचार मिल सके।
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मशीनों को इंस्टॉल कराने के लिए उच्चाधिकारियों को अवगत कराया गया है। पानी की समस्या के समाधान के लिए भी प्रयास किए जा रहे हैं, जल्द ही व्यवस्थाएं दुरुस्त कराई जाएंगी। -डॉ. सारिक कादिर अंसारी, सीएचसी प्रभारी
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अस्पताल परिसर में डेंटल मशीन पिछले करीब आठ महीने से और एक्स-रे मशीन लगभग दो महीने से रखी हुई है, लेकिन इन्हें स्थापित करने की दिशा में अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है। इससे क्षेत्र की हजारों की आबादी को मिलने वाली जरूरी स्वास्थ्य सुविधाएं अधर में लटकी हुई हैं।
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क्षेत्रीय लोगों का कहना है कि अस्पताल में एक्स-रे और दंत चिकित्सा की सुविधा शुरू हो जाने से मरीजों को जिला मुख्यालय या निजी अस्पतालों का चक्कर नहीं लगाना पड़ता, लेकिन मशीनें आने के बाद भी विभागीय उदासीनता के कारण मरीजों को इसका लाभ नहीं मिल पा रहा है। अस्पताल के एक कमरे में मशीनें बंद रखी हैं और उन पर धूल जमने लगी है।
सीएचसी में कर्मचारियों का भी अभाव बना हुआ है। यहां वर्तमान समय में केवल दो चिकित्सक तैनात हैं, जिनमें सीएचसी प्रभारी डॉ. सारिक कादिर अंसारी और महिला चिकित्सक डॉ. संगीता चौहान शामिल हैं।
इनके अलावा फार्मासिस्ट के रूप में अरुण राय व रामायण यादव, एलटी के रूप में अवधेश यादव, आशुतोष प्रजापति (पीओसी एलटी) व एक लैब टेक्नीशियन कार्यरत हैं। सीमित स्टाफ के सहारे पूरे क्षेत्र की स्वास्थ्य व्यवस्था संभाली जा रही है, जिससे मरीजों को कई बार घंटों इंतजार करना पड़ता है।
सबसे गंभीर स्थिति अस्पताल में पानी की है। लैब टेक्नीशियन ने बताया कि अस्पताल में नियमित पानी की उपलब्धता नहीं होने के कारण जांच कार्य प्रभावित होता है। कई बार जांच के लिए आवश्यक पानी बाहर से खरीदकर लाना पड़ता है, तब कहीं जाकर मरीजों की पैथोलॉजी जांच पूरी हो पाती है।
ग्रामीणों का कहना है कि जब शासन से मशीनें उपलब्ध करा दी गई हैं तो उन्हें शीघ्र स्थापित कर चालू किया जाना चाहिए। स्वास्थ्य केंद्र पर पर्याप्त डॉक्टर, टेक्नीशियन व अन्य कर्मचारियों की तैनाती के साथ पानी जैसी बुनियादी व्यवस्था सुनिश्चित की जानी चाहिए, ताकि मरीजों को समुचित उपचार मिल सके।
मशीनों को इंस्टॉल कराने के लिए उच्चाधिकारियों को अवगत कराया गया है। पानी की समस्या के समाधान के लिए भी प्रयास किए जा रहे हैं, जल्द ही व्यवस्थाएं दुरुस्त कराई जाएंगी। -डॉ. सारिक कादिर अंसारी, सीएचसी प्रभारी
