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Mau News: आठ साल बाद भी दोहरीघाट सीएचसी पर विशेषज्ञ चिकित्सक नहीं
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सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) पर आठ साल बाद भी विशेषज्ञ चिकित्सकों की तैनाती नहीं हो सकी है। इसके कारण मरीजों को उपचार के लिए निजी अस्पतालों का सहारा लेना पड़ रहा है।
सीएचसी को 24 फरवरी 2018 को दर्जा मिला था। इसका लोकार्पण निवर्तमान कैबिनेट मंत्री दारा सिंह चौहान ने किया था। इस केंद्र पर नगर पंचायत के साथ ब्लॉक के 74 गांवों के लोगों के उपचार की जिम्मेदारी है, लेकिन सुविधाओं के अभाव में मरीजों को समुचित इलाज नहीं मिल पा रहा है।
सीएचसी में अधीक्षक सहित चिकित्सकों के कुल नौ पद स्वीकृत हैं, लेकिन वर्तमान में केवल चार चिकित्सक तैनात हैं। वहीं फार्मासिस्ट के चार पदों के सापेक्ष मात्र दो ही कार्यरत हैं। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर एमडी मेडिसिन, रेडियोलॉजिस्ट, बाल रोग विशेषज्ञ, नेत्र चिकित्सक, एनेस्थीसिया और पैथोलॉजी विशेषज्ञ के पद रिक्त हैं।
अधीक्षक के अलावा तीन स्थायी चिकित्सक और दो संविदा चिकित्सक तैनात हैं। इसके अतिरिक्त दो फार्मासिस्ट, दो वार्ड बॉय और दो स्वीपर कार्यरत हैं। सीएचसी पर एक्स-रे मशीन चालू है। अल्ट्रासाउंड मशीन भी उपलब्ध है, जहां गर्भवती महिलाओं की जांच के साथ उपचार और ऑपरेशन किए जाते हैं।
स्थानीय लोगों का कहना है कि यहां से जिला मुख्यालय की दूरी करीब 40 किलोमीटर है। विशेषज्ञ चिकित्सकों के अभाव में मरीजों को सरयू नदी पार कर गोरखपुर के बड़हलगंज जाना पड़ता है, जहां इलाज के लिए अधिक खर्च उठाना पड़ता है।
सीएचसी पर विशेषज्ञ चिकित्सकों की तैनाती के लिए उच्च अधिकारियों को पत्र भेजा गया है। शासन से आदेश मिलते ही चिकित्सकों की तैनाती कर दी जाएगी। -डॉ. मोहम्मद फैजान
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सीएचसी को 24 फरवरी 2018 को दर्जा मिला था। इसका लोकार्पण निवर्तमान कैबिनेट मंत्री दारा सिंह चौहान ने किया था। इस केंद्र पर नगर पंचायत के साथ ब्लॉक के 74 गांवों के लोगों के उपचार की जिम्मेदारी है, लेकिन सुविधाओं के अभाव में मरीजों को समुचित इलाज नहीं मिल पा रहा है।
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सीएचसी में अधीक्षक सहित चिकित्सकों के कुल नौ पद स्वीकृत हैं, लेकिन वर्तमान में केवल चार चिकित्सक तैनात हैं। वहीं फार्मासिस्ट के चार पदों के सापेक्ष मात्र दो ही कार्यरत हैं। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर एमडी मेडिसिन, रेडियोलॉजिस्ट, बाल रोग विशेषज्ञ, नेत्र चिकित्सक, एनेस्थीसिया और पैथोलॉजी विशेषज्ञ के पद रिक्त हैं।
अधीक्षक के अलावा तीन स्थायी चिकित्सक और दो संविदा चिकित्सक तैनात हैं। इसके अतिरिक्त दो फार्मासिस्ट, दो वार्ड बॉय और दो स्वीपर कार्यरत हैं। सीएचसी पर एक्स-रे मशीन चालू है। अल्ट्रासाउंड मशीन भी उपलब्ध है, जहां गर्भवती महिलाओं की जांच के साथ उपचार और ऑपरेशन किए जाते हैं।
स्थानीय लोगों का कहना है कि यहां से जिला मुख्यालय की दूरी करीब 40 किलोमीटर है। विशेषज्ञ चिकित्सकों के अभाव में मरीजों को सरयू नदी पार कर गोरखपुर के बड़हलगंज जाना पड़ता है, जहां इलाज के लिए अधिक खर्च उठाना पड़ता है।
सीएचसी पर विशेषज्ञ चिकित्सकों की तैनाती के लिए उच्च अधिकारियों को पत्र भेजा गया है। शासन से आदेश मिलते ही चिकित्सकों की तैनाती कर दी जाएगी। -डॉ. मोहम्मद फैजान
