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Mau News: उचित मुआवजा मिलने तक किसान नहीं कराएंगे जमीन की रजिस्ट्री
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कोपागंज ब्लाक के रेवरीडीह गांव में आवास विकास प्राधिकरण में मुआवजा विवाद को लेकर बैठक करते किसा
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आवास विकास परिषद की प्रस्तावित परियोजना के लिए भूमि अधिग्रहण को लेकर मंगलवार को रेवरीडीह ग्राम सभा में किसानों और अधिकारियों के बीच बैठक हुई, जिसमें बड़ी संख्या में किसान शामिल हुए।
किसानों ने उचित मुआवजा मिलने तक भूमि की रजिस्ट्री नहीं कराने का निर्णय लिया। किसान नेता अरविंद यादव, अमित राय, प्रशांत राय और आलोक राय के नेतृत्व में किसानों का एक प्रतिनिधिमंडल आजमगढ़ स्थित मुख्य अधिशासी अभियंता से मिला।
किसानों ने आरोप लगाया कि रेवरीडीह, मोहम्मदपुर और मेघई क्षेत्र में कृषि भूमि का सर्किल रेट 8500 रुपये प्रति वर्गमीटर और आवासीय भूमि का सर्किल रेट 12 हजार रुपये प्रति वर्गमीटर है, लेकिन आवास विकास परिषद द्वारा इसके अनुरूप मुआवजा नहीं दिया जा रहा है।
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किसानों ने अधिकारियों से रजिस्ट्री दरों की सूची उपलब्ध कराने की मांग की, लेकिन सूची उपलब्ध नहीं कराए जाने पर नाराजगी जताई। अधिकारियों का कहना था कि भुगतान शासन द्वारा निर्धारित दरों के अनुसार ही किया जाएगा।
इस पर किसानों ने कहा कि भूमि अधिग्रहण, पुनर्वासन एवं पुनर्स्थापन में उचित प्रतिकर और पारदर्शिता का अधिकार अधिनियम-2013 के तहत ही मुआवजा मिलना चाहिए।
किसानों ने कहा कि वे अपनी जमीन बेचने के इच्छुक नहीं हैं। यदि आवास विकास परिषद को जनहित में भूमि की आवश्यकता है तो कानून के अनुसार बाजार मूल्य, उच्चतम सर्किल रेट और अन्य वैधानिक लाभ दिए जाएं। उचित मुआवजा नहीं मिलने तक कोई भी किसान रजिस्ट्री नहीं कराएगा।
किसान नेता अरविंद यादव ने कहा कि किसान जमीन बेचने नहीं आए हैं, बल्कि आवास विकास परिषद भूमि लेना चाहता है, इसलिए कानून का पालन करना होगा। उन्होंने कहा कि जब तक किसानों को न्यायसंगत मुआवजा नहीं मिलेगा, आंदोलन जारी रहेगा।
किसानों ने चेतावनी दी कि यदि जबरन अधिग्रहण की कोशिश की गई तो अनिश्चितकालीन धरना-प्रदर्शन किया जाएगा। बैठक में रामबली राजभर सहित कई किसान मौजूद रहे।
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किसानों ने उचित मुआवजा मिलने तक भूमि की रजिस्ट्री नहीं कराने का निर्णय लिया। किसान नेता अरविंद यादव, अमित राय, प्रशांत राय और आलोक राय के नेतृत्व में किसानों का एक प्रतिनिधिमंडल आजमगढ़ स्थित मुख्य अधिशासी अभियंता से मिला।
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किसानों ने आरोप लगाया कि रेवरीडीह, मोहम्मदपुर और मेघई क्षेत्र में कृषि भूमि का सर्किल रेट 8500 रुपये प्रति वर्गमीटर और आवासीय भूमि का सर्किल रेट 12 हजार रुपये प्रति वर्गमीटर है, लेकिन आवास विकास परिषद द्वारा इसके अनुरूप मुआवजा नहीं दिया जा रहा है।
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किसानों ने अधिकारियों से रजिस्ट्री दरों की सूची उपलब्ध कराने की मांग की, लेकिन सूची उपलब्ध नहीं कराए जाने पर नाराजगी जताई। अधिकारियों का कहना था कि भुगतान शासन द्वारा निर्धारित दरों के अनुसार ही किया जाएगा।
इस पर किसानों ने कहा कि भूमि अधिग्रहण, पुनर्वासन एवं पुनर्स्थापन में उचित प्रतिकर और पारदर्शिता का अधिकार अधिनियम-2013 के तहत ही मुआवजा मिलना चाहिए।
किसानों ने कहा कि वे अपनी जमीन बेचने के इच्छुक नहीं हैं। यदि आवास विकास परिषद को जनहित में भूमि की आवश्यकता है तो कानून के अनुसार बाजार मूल्य, उच्चतम सर्किल रेट और अन्य वैधानिक लाभ दिए जाएं। उचित मुआवजा नहीं मिलने तक कोई भी किसान रजिस्ट्री नहीं कराएगा।
किसान नेता अरविंद यादव ने कहा कि किसान जमीन बेचने नहीं आए हैं, बल्कि आवास विकास परिषद भूमि लेना चाहता है, इसलिए कानून का पालन करना होगा। उन्होंने कहा कि जब तक किसानों को न्यायसंगत मुआवजा नहीं मिलेगा, आंदोलन जारी रहेगा।
किसानों ने चेतावनी दी कि यदि जबरन अधिग्रहण की कोशिश की गई तो अनिश्चितकालीन धरना-प्रदर्शन किया जाएगा। बैठक में रामबली राजभर सहित कई किसान मौजूद रहे।