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Mau News: करंट की चपेट में आकर पांच गोवंश मरे
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अमिला। बड़रांव ब्लॉक क्षेत्र के चंद्रापार स्थित अस्थायी गोशाला में बुधवार की सुबह जर्जर बिजली का तार टूटकर गिरने से करंट की चपेट में आकर पांच गोवंश मर गए। मरने वालों में चार चार बछड़े शामिल हैं। गोशाला का केयरटेकर बाल-बाल बच गया। घटना के बाद मौके पर पहुंचे उप मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डॉ. मोहिंद्र प्रसाद के नेतृत्व में तीन सदस्यीय टीम और गोशाला का संचालन करने वाली संस्था के प्रतिनिधियों ने बीडीओ की मौजूदगी में मृत गोवंश का पोस्टमार्टम कराया। इसके बाद सभी को गड्ढा खोदकर दफना दिया गया।
चंद्रापार अस्थायी गौशाला में 114 गोवंश हैं। इनके लिए चार केयरटेकर रखे गए हैं। गोशाला के केयरटेकर कंधेली निवासी सुरेश कुमार ने बताया कि बुधवार की सुबह करीब साढ़े छह बजे वह गोवंश की देखभाल कर रहे थे। इसी दौरान गोशाला के ऊपर से गुजर रहा 440 वोल्ट का बिजली का तार अचानक टूटकर नीचे गिर गया। उस समय परिसर में करीब एक दर्जन गोवंश घूम रहे थे। तार की चपेट में आने से चार बछड़े और एक गाय झुलस गई और कुछ ही देर में सभी गोवंश मर गए। गोशाला में एक अन्य गोवंश भी मरा पड़ा था। गोशाला में गोवंश के लिए सूखा भूसा खाने के लिए डाला गया था। गोशाला का संचालन कर रही श्री बजरंग बली स्मारक शिक्षा व कल्याण समिति के रामप्यारे प्रजापति ने बताया कि संस्था को करीब तीन महीने पहले गोशाला संचालन की जिम्मेदारी मिली है। उन्होंने बताया कि जर्जर बिजली के तार को लेकर नौ जुलाई को लिखित शिकायत की गई थी, लेकिन समस्या का समाधान नहीं हुआ। सूचना पर खण्ड विकास अधिकारी धर्मेंद्र कुमार व पुलिस पहुंची और मामले की जांच पड़ताल शुरू की। फतेहपुर मंडाव ब्लॉक क्षेत्र के केशवपुर सुल्तानीपुर स्थित गोशाला के ऊपर से भी 11 हजार वोल्ट का हाईटेंशन तार गुजरा है। ग्रामीणों का कहना है कि गोशाला में बड़ी संख्या में गोवंश रहते हैं और हाईटेंशन लाइन कभी भी बड़े हादसे का कारण बन सकती है। बिजली विभाग से गोशालाओं के ऊपर से गुजर रहे जर्जर और हाईटेंशन तारों का सुरक्षित करने की मांग की गई है। विद्युत निगम के अवर अभियंता जय सिंह का कहना है कि मुझे इस क्षेत्र में आए करीब तीन महीने ही हुए हैं। मामले की पूरी जानकारी नहीं थी। पूर्व में केबलिंग करने के लिए प्राक्कलन दिया गया था। संबंधित क्षेत्र मऊ-आजमगढ़ सीमा पर है। प्रशासक शंकर चौहान का कहना है कि गोशाला के ऊपर से गुजर रहे तीन फेस के बिजली के तारों में करीब 10 स्थानों पर जोड़ हैं। इन जर्जर तारों को बदलवाने के लिए वर्ष 2023 में संपूर्ण समाधान दिवस और थाना समाधान दिवस में शिकायत की गई थी। इसके बावजूद बिजली विभाग ने जर्जर तार नहीं बदला। समय रहते विभाग ने ध्यान दिया होता तो पांच गोवंश की जान नहीं जाती।
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चंद्रापार अस्थायी गौशाला में 114 गोवंश हैं। इनके लिए चार केयरटेकर रखे गए हैं। गोशाला के केयरटेकर कंधेली निवासी सुरेश कुमार ने बताया कि बुधवार की सुबह करीब साढ़े छह बजे वह गोवंश की देखभाल कर रहे थे। इसी दौरान गोशाला के ऊपर से गुजर रहा 440 वोल्ट का बिजली का तार अचानक टूटकर नीचे गिर गया। उस समय परिसर में करीब एक दर्जन गोवंश घूम रहे थे। तार की चपेट में आने से चार बछड़े और एक गाय झुलस गई और कुछ ही देर में सभी गोवंश मर गए। गोशाला में एक अन्य गोवंश भी मरा पड़ा था। गोशाला में गोवंश के लिए सूखा भूसा खाने के लिए डाला गया था। गोशाला का संचालन कर रही श्री बजरंग बली स्मारक शिक्षा व कल्याण समिति के रामप्यारे प्रजापति ने बताया कि संस्था को करीब तीन महीने पहले गोशाला संचालन की जिम्मेदारी मिली है। उन्होंने बताया कि जर्जर बिजली के तार को लेकर नौ जुलाई को लिखित शिकायत की गई थी, लेकिन समस्या का समाधान नहीं हुआ। सूचना पर खण्ड विकास अधिकारी धर्मेंद्र कुमार व पुलिस पहुंची और मामले की जांच पड़ताल शुरू की। फतेहपुर मंडाव ब्लॉक क्षेत्र के केशवपुर सुल्तानीपुर स्थित गोशाला के ऊपर से भी 11 हजार वोल्ट का हाईटेंशन तार गुजरा है। ग्रामीणों का कहना है कि गोशाला में बड़ी संख्या में गोवंश रहते हैं और हाईटेंशन लाइन कभी भी बड़े हादसे का कारण बन सकती है। बिजली विभाग से गोशालाओं के ऊपर से गुजर रहे जर्जर और हाईटेंशन तारों का सुरक्षित करने की मांग की गई है। विद्युत निगम के अवर अभियंता जय सिंह का कहना है कि मुझे इस क्षेत्र में आए करीब तीन महीने ही हुए हैं। मामले की पूरी जानकारी नहीं थी। पूर्व में केबलिंग करने के लिए प्राक्कलन दिया गया था। संबंधित क्षेत्र मऊ-आजमगढ़ सीमा पर है। प्रशासक शंकर चौहान का कहना है कि गोशाला के ऊपर से गुजर रहे तीन फेस के बिजली के तारों में करीब 10 स्थानों पर जोड़ हैं। इन जर्जर तारों को बदलवाने के लिए वर्ष 2023 में संपूर्ण समाधान दिवस और थाना समाधान दिवस में शिकायत की गई थी। इसके बावजूद बिजली विभाग ने जर्जर तार नहीं बदला। समय रहते विभाग ने ध्यान दिया होता तो पांच गोवंश की जान नहीं जाती।
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