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Mau News: धोखाधड़ी के आरोपी की मौत, परिजनों ने सड़क पर शव रखकर लगाया जाम; बैंक मैनेजर समेत चार के खिलाफ एफआईआर
Thu, 13 Aug 2026 10:04 AM IST
वाराणसी ब्यूरो
अमर उजाला नेटवर्क, मऊ।
अमर उजाला नेटवर्क, मऊ।
Published by: वाराणसी ब्यूरो
Updated Thu, 13 Aug 2026 10:04 AM IST
सार
Mau News: जिले में धोखाधड़ी के मामले में एक आरोपी की मौत हो गई। इस पर नाराज परिजनों ने बैंक के बाहर शव रखकर सड़क जाम कर दिया। काफी समझाने पर परिजनों ने जाम समाप्त किया।
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रोते- बिलखते परिजन
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
यूपी ग्रामीण बैंक अमिला शाखा में लोन की रकम में कथित धोखाधड़ी के मामले में आरोपी अमिला निवासी अजय उर्फ गोरेलाल सोनकर की बुधवार को मौत हो गई। इससे नाराज परिजनों ने यूपी ग्रामीण बैंक के सामने अमिला-बोझी मुख्य मार्ग पर शव रखकर सड़क जाम कर दिया। करीब एक घंटे तक जाम लगा रहा।
मृतक की पत्नी सुजाता सोनकर और परिजन उत्पीड़न का आरोप लगाते रहे। कोतवाली प्रभारी रविन्द्रनाथ राय ने परिजनों को समझाने का प्रयास किया, लेकिन वे अंतिम संस्कार न करने पर अड़े रहे। सूचना पर पहुंचे सीओ घोसी जितेंद्र सिंह ने मृतक की पत्नी को समझाकर शव सड़क से हटवाया।
शव वाहन रवाना होने के बाद भी परिजनों का गुस्सा शांत नहीं हुआ। मृतक की पत्नी सुजाता शव वाहन के आगे लेट गई। महिला पुलिसकर्मियों ने किसी तरह उसे हटाया। इसके बाद अंतिम संस्कार के लिए शव को दोहरीघाट मुक्तिधाम ले जाया गया। अजय के परिजन करीब 500 मीटर तक शव वाहन के पीछे दौड़ते रहे। मृतक के भाई मिठाई लाल ने उसका अंतिम संस्कार किया।
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मृतक की पत्नी सुजाता सोनकर और परिजन उत्पीड़न का आरोप लगाते रहे। कोतवाली प्रभारी रविन्द्रनाथ राय ने परिजनों को समझाने का प्रयास किया, लेकिन वे अंतिम संस्कार न करने पर अड़े रहे। सूचना पर पहुंचे सीओ घोसी जितेंद्र सिंह ने मृतक की पत्नी को समझाकर शव सड़क से हटवाया।
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शव वाहन रवाना होने के बाद भी परिजनों का गुस्सा शांत नहीं हुआ। मृतक की पत्नी सुजाता शव वाहन के आगे लेट गई। महिला पुलिसकर्मियों ने किसी तरह उसे हटाया। इसके बाद अंतिम संस्कार के लिए शव को दोहरीघाट मुक्तिधाम ले जाया गया। अजय के परिजन करीब 500 मीटर तक शव वाहन के पीछे दौड़ते रहे। मृतक के भाई मिठाई लाल ने उसका अंतिम संस्कार किया।
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बैंक मैनेजर समेत चार के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज
मृतक की पत्नी सुजाता सोनकर की तहरीर पर मंगलवार रात कोतवाली पुलिस ने यूपी ग्रामीण बैंक अमिला शाखा के तत्कालीन बैंक मैनेजर समेत चार लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। तहरीर में सुजाता सोनकर ने आरोप लगाया है कि बैंक के बगल में उनके पति गोरेलाल की मिठाई की दुकान थी। इसी का फायदा उठाकर तत्कालीन बैंक मैनेजर अनिल गोड, फील्ड अफसर देवशक्ति चौरसिया, आनंद राय और अमित राय निवासी पिढउथ सिंहपुर ने मिलकर उनके पति के नाम पर कथित तौर पर पहला 9.50 लाख रुपये का लोन कराया।
आरोप है कि लोन माफी के नाम पर फील्ड अफसर देवशक्ति चौरसिया, आनंद राय और अमित राय ने उनके पति से बैंक के बाउचर समेत करीब 20 प्रपत्रों पर हस्ताक्षर करा लिए। इसके बाद कथित रूप से 17 लाख रुपये का दूसरा लोन कराकर पूरी रकम निकाल ली गई।
तहरीर के मुताबिक, तत्कालीन बैंककर्मियों के तबादले के बाद बैंक से करीब 31 लाख रुपये की लोन वसूली का नोटिस मिलने पर कथित धोखाधड़ी की जानकारी हुई। इसके बाद से गोरेलाल मानसिक तनाव में रहने लगे। लोन की रकम को लेकर आनंद राय और अमित राय से पूछताछ करने पर उन्हें कथित तौर पर टाल दिया जाता था।
सीओ घोसी जितेंद्र सिंह का कहना है कि पुलिस ने तहरीर के आधार पर तत्कालीन बैंक मैनेजर अनिल गोड, फील्ड अफसर देवशक्ति चौरसिया, आनंद राय और अमित राय के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है।
मृतक की पत्नी सुजाता सोनकर की तहरीर पर मंगलवार रात कोतवाली पुलिस ने यूपी ग्रामीण बैंक अमिला शाखा के तत्कालीन बैंक मैनेजर समेत चार लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। तहरीर में सुजाता सोनकर ने आरोप लगाया है कि बैंक के बगल में उनके पति गोरेलाल की मिठाई की दुकान थी। इसी का फायदा उठाकर तत्कालीन बैंक मैनेजर अनिल गोड, फील्ड अफसर देवशक्ति चौरसिया, आनंद राय और अमित राय निवासी पिढउथ सिंहपुर ने मिलकर उनके पति के नाम पर कथित तौर पर पहला 9.50 लाख रुपये का लोन कराया।
आरोप है कि लोन माफी के नाम पर फील्ड अफसर देवशक्ति चौरसिया, आनंद राय और अमित राय ने उनके पति से बैंक के बाउचर समेत करीब 20 प्रपत्रों पर हस्ताक्षर करा लिए। इसके बाद कथित रूप से 17 लाख रुपये का दूसरा लोन कराकर पूरी रकम निकाल ली गई।
तहरीर के मुताबिक, तत्कालीन बैंककर्मियों के तबादले के बाद बैंक से करीब 31 लाख रुपये की लोन वसूली का नोटिस मिलने पर कथित धोखाधड़ी की जानकारी हुई। इसके बाद से गोरेलाल मानसिक तनाव में रहने लगे। लोन की रकम को लेकर आनंद राय और अमित राय से पूछताछ करने पर उन्हें कथित तौर पर टाल दिया जाता था।
सीओ घोसी जितेंद्र सिंह का कहना है कि पुलिस ने तहरीर के आधार पर तत्कालीन बैंक मैनेजर अनिल गोड, फील्ड अफसर देवशक्ति चौरसिया, आनंद राय और अमित राय के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है।