मऊ: मधुबन के भाजपा प्रत्याशी को लेकर रोष, सैकड़ों कार्यकर्ताओं ने सौंपा इस्तीफा, दो दिन का अल्टीमेटम
मंडल अध्यक्ष मनोज कुमार गुप्ता ने कहा कि पार्टी अपने सिद्धांतों को भूल चुकी है। स्थानीय कार्यकर्ताओं को टिकट न देकर बाहरी को प्रत्याशी बनाए जाने का वह विरोध करते हैं। जिलाध्यक्ष प्रवीण गुप्ता ने कहा कि परिवार की बात है हम कार्यकर्ताओं के साथ बैठकर बात करेंगे।
विस्तार
गत दिनों भारतीय जनता पार्टी की तरफ से मऊ की तीन सीटों पर अपने प्रत्याशियों की घोषणा की गई। मधुबन में कार्यकर्ताओं की तरफ से प्रत्याशी को लेकर बगावती सुर दिखाई देने लगे हैं। मंगलवार को मधुबन विधानसभा क्षेत्र के सैकड़ों कार्यकर्ता पार्टी कार्यालय पहुंचे और सामूहिक इस्तीफा जिलाध्यक्ष को सौंप दिया।
उन्होंने जिलाध्यक्ष को अल्टीमेटम देते हुए कहा कि अगर दो दिन के भीतर प्रत्याशी को नहीं बदला तो वह अपना प्रत्याशी चुनाव मैदान में उतारने को बाध्य होंगे। भाजपा के जिला मंत्री राधेश्याम सिंह ने कहा कि शीर्ष नेतृत्व ने गैर राजनीतिक फैसला लिया है उसे कार्यकर्ता खारिज कर रहे हैं।
स्थानीय कार्यकर्ता बाहर से आए प्रत्याशी को पसंद नहीं कर रहे हैं। प्रत्याशी का कभी विधानसभा क्षेत्र में आना- जाना हुआ ही नहीं है। ऐसे प्रत्याशी को वह स्वीकार नहीं करते हैं इसलिए उन्होंने जिलाध्यक्ष को सामूहिक इस्तीफा सौंपा है। बताया कि इस्तीफा सौंपने वालों में चार मंडल अध्यक्ष सहित लगभग पांच सौ कार्यकर्ता शामिल हैं।
मंडल अध्यक्ष मनोज कुमार गुप्ता ने कहा कि पार्टी अपने सिद्धांतों को भूल चुकी है। स्थानीय कार्यकर्ताओं को टिकट न देकर बाहरी को प्रत्याशी बनाए जाने का वह विरोध करते हैं। इस संबंध में जिलाध्यक्ष प्रवीण गुप्ता ने कहा कि परिवार की बात है हम कार्यकर्ताओं के साथ बैठकर बात करेंगे।
बोले भाजपा प्रत्याशी
मधुबन विधानसभा के भाजपा उम्मीदवार राम विलास चौहान ने कहा कि यह संख्या पांच सौ नहीं है। कुछ लोगों को जबरदस्ती ले जाया गया था कुछ लोग नाराजगी में गए थे। मेरे द्वारा क्षेत्र भ्रमण के दौरान लोगों का भरपूर सहयोग मिल रहा है।
वर्तमान में बिहार के राज्यपाल एवं मेरे पिता फागू चौहान घोसी में 40 साल विधायक रहे लेकिन घोसी उप चुनाव में मेरा टिकट काटकर विजय राजभर को दे दिया गया था। तब मैंने विरोध करने की बजाय एक अनुशासित कार्यकर्ता के रूप में उनका समर्थन किया था।
