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Mau News: शिकायत पर जांच करने पहुंची टीम, कागज में चकरोड और मौके पर सरसों और गेहूं की खड़ी फसल मिली
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रतनपुरा ब्लॉक के बस्ती ग्राम पंचायत में धांधली की जांच करती जिलास्तरीय टीम। संवाद
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रतनपुरा ब्लॉक के बस्ती ग्राम पंचायत में 17 मार्च की दोपहर से शाम तक डीएम की टीम ने विकास कार्यों में धांधली की जांच की। प्रधान द्वारा उपलब्ध कराए गए अभिलेखों के अनुसार कई काम मौके पर नहीं मिले और कई अधूरे पड़े थे।
कागज में बेचन के खेत से भजिराम के घर तक 200 मीटर लंबा चकरोड निर्माण कार्य दिखाया गया था, लेकिन मौके पर उस स्थान पर सरसों और गेहूं की फसल खड़ी मिली।
टीम ने अपनी रिपोर्ट डीएम को भेज दी है। पंचायतीराज विभाग द्वारा रिपोर्ट के निरीक्षण के आधार पर आगे कार्रवाई की जाएगी। गांव के ही धनंजय कुमार ने 26 जुलाई 2025 को डीएम को शपथपत्र के साथ शिकायत देकर जांच की मांग की थी।
आरोप लगाया था कि मनरेगा, राज्य वित्त, 15वां वित्त, प्रधानमंत्री आवास, सार्वजनिक शौचालय, व्यक्तिगत शौचालय, इंटरलॉकिंग, खड़ंजा, नाली निर्माण, समतलीकरण, स्ट्रीट लाइट एवं सोलर लाइट, पोखरी की खुदाई, पंचायत भवन का निर्माण, जल निकासी के लिए नाली ढक्कन व पटिया, प्राथमिक विद्यालय में दिव्यांग शौचालय का निर्माण, प्राथमिक विद्यालय में टाइल्स व मार्बल, पेयजल की व्यवस्था और गौशाला की व्यवस्था में अवैध तरीके से भुगतान करा लिया गया है।
शिकायत की जांच के लिए डीएम ने मुख्य पशु चिकित्साधिकारी के नेतृत्व में टीम गठित की। टीम 17 मार्च की दोपहर गांव पहुंची। इस दौरान शिकायतकर्ता, प्रधान, ग्राम सचिव और कुछ ग्रामीण मौजूद रहे। ग्राम सचिव द्वारा उपलब्ध कराए गए अभिलेखों के आधार पर टीम ने स्थलीय निरीक्षण किया।
मनरेगा के तहत दो पोखरों की खुदाई, किनारे पौधरोपण और सुंदरीकरण का कार्य दर्शाया गया था, लेकिन मौके पर पोखरी नहीं मिली। गांव निवासी सुगनी देवी ने अपनी जमीन में जेसीबी से मिट्टी निकलवाई थी, जबकि कुंदन ने अपने आरओ प्लांट का पानी बहाने के लिए गड्ढा खुदवाया था।
प्रधान और सचिव ने दोनों स्थानों को मनरेगा के तहत पोखरी खुदाई दिखाकर भुगतान करा लिया। इंदू ने बकरियों को रखने के लिए बाड़ा निर्माण हेतु आवेदन किया था। इसके लिए धनराशि स्वीकृत हुई, लेकिन इंदू को नहीं मिली।
टीम ने पाया कि सुमंत, रामबचन और धनंजय के घर के सामने लगे इंडिया मार्क हैंडपंप खराब पड़े हैं, जबकि उनका रिबोर का भुगतान हो चुका है। प्राथमिक विद्यालय में दिव्यांग शौचालय और पंचायत भवन अधूरे पड़े हैं, जबकि कागजों में कार्य पूर्ण दिखाया गया है।
.........
कोट
विकास कार्यों में धांधली शिकायत पर टीम जांच करने पहुंची थी, आख्या मिलने पर पुनः जांच बिंदुओं का निरीक्षण किया जाएगा। इसके बाद ही कार्रवाई की जाएगी। -कुमार अमरेंद्र, जिला पंचायतीराज अधिकारी, मऊ
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कागज में बेचन के खेत से भजिराम के घर तक 200 मीटर लंबा चकरोड निर्माण कार्य दिखाया गया था, लेकिन मौके पर उस स्थान पर सरसों और गेहूं की फसल खड़ी मिली।
टीम ने अपनी रिपोर्ट डीएम को भेज दी है। पंचायतीराज विभाग द्वारा रिपोर्ट के निरीक्षण के आधार पर आगे कार्रवाई की जाएगी। गांव के ही धनंजय कुमार ने 26 जुलाई 2025 को डीएम को शपथपत्र के साथ शिकायत देकर जांच की मांग की थी।
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आरोप लगाया था कि मनरेगा, राज्य वित्त, 15वां वित्त, प्रधानमंत्री आवास, सार्वजनिक शौचालय, व्यक्तिगत शौचालय, इंटरलॉकिंग, खड़ंजा, नाली निर्माण, समतलीकरण, स्ट्रीट लाइट एवं सोलर लाइट, पोखरी की खुदाई, पंचायत भवन का निर्माण, जल निकासी के लिए नाली ढक्कन व पटिया, प्राथमिक विद्यालय में दिव्यांग शौचालय का निर्माण, प्राथमिक विद्यालय में टाइल्स व मार्बल, पेयजल की व्यवस्था और गौशाला की व्यवस्था में अवैध तरीके से भुगतान करा लिया गया है।
शिकायत की जांच के लिए डीएम ने मुख्य पशु चिकित्साधिकारी के नेतृत्व में टीम गठित की। टीम 17 मार्च की दोपहर गांव पहुंची। इस दौरान शिकायतकर्ता, प्रधान, ग्राम सचिव और कुछ ग्रामीण मौजूद रहे। ग्राम सचिव द्वारा उपलब्ध कराए गए अभिलेखों के आधार पर टीम ने स्थलीय निरीक्षण किया।
मनरेगा के तहत दो पोखरों की खुदाई, किनारे पौधरोपण और सुंदरीकरण का कार्य दर्शाया गया था, लेकिन मौके पर पोखरी नहीं मिली। गांव निवासी सुगनी देवी ने अपनी जमीन में जेसीबी से मिट्टी निकलवाई थी, जबकि कुंदन ने अपने आरओ प्लांट का पानी बहाने के लिए गड्ढा खुदवाया था।
प्रधान और सचिव ने दोनों स्थानों को मनरेगा के तहत पोखरी खुदाई दिखाकर भुगतान करा लिया। इंदू ने बकरियों को रखने के लिए बाड़ा निर्माण हेतु आवेदन किया था। इसके लिए धनराशि स्वीकृत हुई, लेकिन इंदू को नहीं मिली।
टीम ने पाया कि सुमंत, रामबचन और धनंजय के घर के सामने लगे इंडिया मार्क हैंडपंप खराब पड़े हैं, जबकि उनका रिबोर का भुगतान हो चुका है। प्राथमिक विद्यालय में दिव्यांग शौचालय और पंचायत भवन अधूरे पड़े हैं, जबकि कागजों में कार्य पूर्ण दिखाया गया है।
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कोट
विकास कार्यों में धांधली शिकायत पर टीम जांच करने पहुंची थी, आख्या मिलने पर पुनः जांच बिंदुओं का निरीक्षण किया जाएगा। इसके बाद ही कार्रवाई की जाएगी। -कुमार अमरेंद्र, जिला पंचायतीराज अधिकारी, मऊ