कपरियाडीह में आयोजित रामकथा में कथा वाचिका मानस मंदाकिनी सावित्री शास्त्री ने शक्ति स्वरूपा मां जगदंबा के प्राकट्य और उनकी दिव्य लीलाओं का भावपूर्ण वर्णन करते हुए श्रद्धालुओं को आध्यात्मिक संदेश दिया।
उन्होंने कहा कि जब धरती पर अत्याचार, अन्याय और अधर्म की सीमा बढ़ जाती है, तब दुष्टों का अंत करने और धर्म की स्थापना के लिए ईश्वर योगमाया के माध्यम से अवतार लेते हैं।
कथा के दौरान सावित्री शास्त्री ने भगवान श्रीकृष्ण तथा मां अष्टभुजी देवी के प्रकट होने की लीलाओं का उदाहरण देते हुए कहा कि भगवान का प्रत्येक अवतार धर्म की रक्षा और अधर्म के नाश के लिए होता है।
कथा के दौरान श्रद्धालु भगवान की महिमा और प्रसंगों को सुनकर भाव-विभोर हो गए। पूरे वातावरण में भक्ति और श्रद्धा का माहौल बना रहा। इस अवसर पर विजयभान मिश्र, उदयभान मिश्र, रामप्रवेश मिश्र, डॉ. दुर्गेश मिश्रा, हरिकेश, चंदन, गुंजन, रामअधार यादव आदि उपस्थित रहे।