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Mau News: अवैध अस्पतालों और डायग्नोस्टिक सेंटर की जांच करेगी स्वास्थ्य विभाग की टीम
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बलिया जिले में एक निजी अस्पताल में मौत के मामले के बाद शासन के निर्देश के बाद जिले में भी इसको लेकर कार्रवाई शुरू कर दी गई है। बीते तीन दिन में बिना पंजीयन के एक क्लीनिक और एक अस्पताल को सीज करने के बाद अब अवैध अस्पताल और फर्जी डायग्नोस्टिक सेंटर के संचालन की शिकायतों पर स्वास्थ्य विभाग ने टीम का गठन किया है।
सीएमओ की निगरानी में नोडल अधिकारी डॉ. आर.एन. सिंह के नेतृत्व में टीम जनपद मुख्यालय सहित सीएचसी प्रभारियों के सहयोग से पूरे जनपद में जांच करेगी।
स्वास्थ्य विभाग की संयुक्त टीम जनपद मुख्यालय के साथ अन्य क्षेत्रों में संचालित अवैध अस्पतालों के साथ पैथोलॉजी व डायग्नोस्टिक सेंटर की जांच करेगी।
ऐसे सेंटरों की सूची तैयार करने के बाद उसे जिला प्रशासन को सौंपा जाएगा। अवैध अस्पताल, नर्सिंग होम, पैथोलॉजी सेंटर, डायग्नोस्टिक सेंटर और झोलाछाप चिकित्सकों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। नोडल अधिकारी को सभी दस सीएचसी प्रभारियों के नेतृत्व में जांच करने का निर्देश दिया गया है।
सभी टीमें अपने क्षेत्र में ऐसे सेंटरों और झोलाछाप चिकित्सकों की सूची तैयार करेंगी, जिसमें ऐसे अस्पतालों का संचालन करने वाले का नाम व पता के साथ आने वाले चिकित्सक का भी नाम दर्ज होगा। वहीं, पैथोलॉजी और डायग्नोस्टिक सेंटर में जांच करने वाले तथा जिसके नाम पर केंद्र संचालित है, उसका भी विवरण दर्ज होगा।
आम तौर पर एक रेडियोलॉजिस्ट के नाम पर एक ही सेंटर का संचालन होना चाहिए। तैयार की गई सूची जिला प्रशासन को सौंपा जाएगा। स्वास्थ्य विभाग की तरफ से इसके लिए सभी सीएचसी प्रभारियों को पत्र लिखा जा चुका है।
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इस महीने एक पैथोलॉजी, क्लीनिक और दो अस्पताल सील
इस माह विभाग ने अब तक चार कार्रवाई की है। इसमें बीते दिनों कोपागंज के कुतुबपुर में संचालित एक पैथोलॉजी और एक क्लीनिक को सील किया गया था। सोमवार को विभाग ने नगर के ब्रह्मस्थान स्थित रूद्रा अस्पताल और पहसा बाजार स्थित न्यू स्वास्तिका अस्पताल को सील करते हुए सभी कागजात जब्त किए थे। बिना पंजीयन के संचालित अस्पतालों पर यह कार्रवाई करीब छह माह बाद हुई है। इससे पहले बीते सितंबर माह में स्वास्थ्य विभाग की टीम ने दस दिन से अधिक अभियान चलाकर 26 से ज्यादा क्लीनिक और अस्पतालों को सीज किया था।
विभाग में सिर्फ 70 क्लीनिक, 36 अस्पताल और 32 नर्सिंग होम पंजीकृत
विभाग के आंकड़ों के अनुसार, मुख्यालय सहित जनपद के अनेक क्षेत्रों में 70 क्लीनिक, 36 अस्पताल और 32 नर्सिंग होम पंजीकृत हैं। इनकी कुल संख्या 138 है, लेकिन सही मायने में सिर्फ शहरी क्षेत्र में 100 से ज्यादा अस्पताल और नर्सिंग होम का संचालन हो रहा है। वहीं, एक अस्पताल के सील होने के बाद वही लोग दूसरे नाम से पंजीकरण कराकर आसानी से अस्पताल का संचालन करने लगते हैं। जनपद में ऐसा करने वाले भी सक्रिय हैं।
जनपद में अवैध रूप से संचालित होने वाले अस्पताल, नर्सिंग होम, पैथोलॉजी, डायग्नोस्टिक सेंटर एवं झोलाछाप की जांच के लिए टीम का गठन किया गया है। जांच के दौरान जो भी अवैध रूप से संचालित अस्पताल, क्लीनिक और नर्सिंग होम पाए जाएंगे, सभी के खिलाफ कार्रवाई होगी। -डॉ. संजय गुप्ता, सीएमओ
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सीएमओ की निगरानी में नोडल अधिकारी डॉ. आर.एन. सिंह के नेतृत्व में टीम जनपद मुख्यालय सहित सीएचसी प्रभारियों के सहयोग से पूरे जनपद में जांच करेगी।
स्वास्थ्य विभाग की संयुक्त टीम जनपद मुख्यालय के साथ अन्य क्षेत्रों में संचालित अवैध अस्पतालों के साथ पैथोलॉजी व डायग्नोस्टिक सेंटर की जांच करेगी।
ऐसे सेंटरों की सूची तैयार करने के बाद उसे जिला प्रशासन को सौंपा जाएगा। अवैध अस्पताल, नर्सिंग होम, पैथोलॉजी सेंटर, डायग्नोस्टिक सेंटर और झोलाछाप चिकित्सकों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। नोडल अधिकारी को सभी दस सीएचसी प्रभारियों के नेतृत्व में जांच करने का निर्देश दिया गया है।
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सभी टीमें अपने क्षेत्र में ऐसे सेंटरों और झोलाछाप चिकित्सकों की सूची तैयार करेंगी, जिसमें ऐसे अस्पतालों का संचालन करने वाले का नाम व पता के साथ आने वाले चिकित्सक का भी नाम दर्ज होगा। वहीं, पैथोलॉजी और डायग्नोस्टिक सेंटर में जांच करने वाले तथा जिसके नाम पर केंद्र संचालित है, उसका भी विवरण दर्ज होगा।
आम तौर पर एक रेडियोलॉजिस्ट के नाम पर एक ही सेंटर का संचालन होना चाहिए। तैयार की गई सूची जिला प्रशासन को सौंपा जाएगा। स्वास्थ्य विभाग की तरफ से इसके लिए सभी सीएचसी प्रभारियों को पत्र लिखा जा चुका है।
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इस महीने एक पैथोलॉजी, क्लीनिक और दो अस्पताल सील
इस माह विभाग ने अब तक चार कार्रवाई की है। इसमें बीते दिनों कोपागंज के कुतुबपुर में संचालित एक पैथोलॉजी और एक क्लीनिक को सील किया गया था। सोमवार को विभाग ने नगर के ब्रह्मस्थान स्थित रूद्रा अस्पताल और पहसा बाजार स्थित न्यू स्वास्तिका अस्पताल को सील करते हुए सभी कागजात जब्त किए थे। बिना पंजीयन के संचालित अस्पतालों पर यह कार्रवाई करीब छह माह बाद हुई है। इससे पहले बीते सितंबर माह में स्वास्थ्य विभाग की टीम ने दस दिन से अधिक अभियान चलाकर 26 से ज्यादा क्लीनिक और अस्पतालों को सीज किया था।
विभाग में सिर्फ 70 क्लीनिक, 36 अस्पताल और 32 नर्सिंग होम पंजीकृत
विभाग के आंकड़ों के अनुसार, मुख्यालय सहित जनपद के अनेक क्षेत्रों में 70 क्लीनिक, 36 अस्पताल और 32 नर्सिंग होम पंजीकृत हैं। इनकी कुल संख्या 138 है, लेकिन सही मायने में सिर्फ शहरी क्षेत्र में 100 से ज्यादा अस्पताल और नर्सिंग होम का संचालन हो रहा है। वहीं, एक अस्पताल के सील होने के बाद वही लोग दूसरे नाम से पंजीकरण कराकर आसानी से अस्पताल का संचालन करने लगते हैं। जनपद में ऐसा करने वाले भी सक्रिय हैं।
जनपद में अवैध रूप से संचालित होने वाले अस्पताल, नर्सिंग होम, पैथोलॉजी, डायग्नोस्टिक सेंटर एवं झोलाछाप की जांच के लिए टीम का गठन किया गया है। जांच के दौरान जो भी अवैध रूप से संचालित अस्पताल, क्लीनिक और नर्सिंग होम पाए जाएंगे, सभी के खिलाफ कार्रवाई होगी। -डॉ. संजय गुप्ता, सीएमओ