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Mau News: खाद्य सुरक्षा बनाए रखने में सूक्ष्मजीव आधारित समाधानों की भूमिका महत्वपूर्ण
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कुशमौर स्थित राष्ट्रीय कृषि उपयोगी सूक्ष्मजीव ब्यूरो एनबीएआईएम में दो दिवसीय राष्ट्रीय सम्मेलन
- फोटो : गौरीगंज रेलवे स्टेशन पर आरक्षित टिकट बुक कराते यात्री।
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भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद आईसीएआर के तहत राष्ट्रीय कृषि उपयोगी सूक्ष्मजीव ब्यूरो के सभागार में पैथोजेन्स, माइक्रोब्स एंड प्लांट डिफेंस: ब्रिजिंग रिसर्च एंड एप्लीकेशन्स पीएमपीडी 2026 विषय पर दो दिवसीय राष्ट्रीय सम्मेलन एवं इंडियन फाइटोपैथोलॉजिकल सोसाइटी आईपीएस की मिड-ईस्टर्न जोनल मीट का आयोजन किया गया।
सम्मेलन में पादप रोगों, लाभकारी सूक्ष्मजीवों तथा पौध रक्षा तंत्र से जुड़े नवीनतम शोध, तकनीकी नवाचारों और उनके व्यावहारिक अनुप्रयोगों पर गहन विचार-विमर्श किया गया।
उद्घाटन सत्र में मुख्य अतिथि बिरसा कृषि विश्वविद्यालय, रांची के कुलपति डॉ. एससी दुबे ने कहा कि सतत कृषि और खाद्य सुरक्षा सुनिश्चित करने में सूक्ष्मजीव-आधारित समाधानों की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है।
विशिष्ट अतिथि पूर्व एडीजी (पीपी एवं बी) डॉ. पीके चक्रवर्ती ने पादप रोग प्रबंधन में नवीन दृष्टिकोणों पर प्रकाश डाला। आईसीएआर-एनबीएआईएम के निदेशक डॉ. आलोक कुमार श्रीवास्तव, आईसीएआर-एनआईएसएसटी, मऊ के निदेशक डॉ. ए आनंदन, आईपीएस अध्यक्ष डॉ. दिनेश सिंह, डॉ. आर. विश्वनाथन सहित अनेक प्रतिष्ठित वैज्ञानिकों ने अपने विचार साझा किए।
संस्थान की ओर से डॉ. एचवी. सिंह ने सभी अतिथियों एवं प्रतिभागियों का स्वागत किया। सम्मेलन संयोजक एवं आईपीएस जोनल काउंसलर डॉ. अभिजीत शंकर कश्यप ने कहा कि यह मंच शोध और अनुप्रयोग के बीच की दूरी को कम करने में सहायक सिद्ध होगा।
सम्मेलन के दौरान आमंत्रित व्याख्यानों के साथ मौखिक एवं पोस्टर प्रस्तुतियां भी आयोजित की गईं। कार्यक्रम में आए किसानों ने भी सम्मेलन में भाग लेकर वैज्ञानिक जानकारियों का प्रत्यक्ष लाभ उठाया।
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सम्मेलन में पादप रोगों, लाभकारी सूक्ष्मजीवों तथा पौध रक्षा तंत्र से जुड़े नवीनतम शोध, तकनीकी नवाचारों और उनके व्यावहारिक अनुप्रयोगों पर गहन विचार-विमर्श किया गया।
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उद्घाटन सत्र में मुख्य अतिथि बिरसा कृषि विश्वविद्यालय, रांची के कुलपति डॉ. एससी दुबे ने कहा कि सतत कृषि और खाद्य सुरक्षा सुनिश्चित करने में सूक्ष्मजीव-आधारित समाधानों की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है।
विशिष्ट अतिथि पूर्व एडीजी (पीपी एवं बी) डॉ. पीके चक्रवर्ती ने पादप रोग प्रबंधन में नवीन दृष्टिकोणों पर प्रकाश डाला। आईसीएआर-एनबीएआईएम के निदेशक डॉ. आलोक कुमार श्रीवास्तव, आईसीएआर-एनआईएसएसटी, मऊ के निदेशक डॉ. ए आनंदन, आईपीएस अध्यक्ष डॉ. दिनेश सिंह, डॉ. आर. विश्वनाथन सहित अनेक प्रतिष्ठित वैज्ञानिकों ने अपने विचार साझा किए।
संस्थान की ओर से डॉ. एचवी. सिंह ने सभी अतिथियों एवं प्रतिभागियों का स्वागत किया। सम्मेलन संयोजक एवं आईपीएस जोनल काउंसलर डॉ. अभिजीत शंकर कश्यप ने कहा कि यह मंच शोध और अनुप्रयोग के बीच की दूरी को कम करने में सहायक सिद्ध होगा।
सम्मेलन के दौरान आमंत्रित व्याख्यानों के साथ मौखिक एवं पोस्टर प्रस्तुतियां भी आयोजित की गईं। कार्यक्रम में आए किसानों ने भी सम्मेलन में भाग लेकर वैज्ञानिक जानकारियों का प्रत्यक्ष लाभ उठाया।
