UP: 'नेतागिरी चमकाने के लिए...', घोसी चीनी मिल पर बोले मंत्री एके शर्मा; निस्ट किसान मेला 2026 का उद्घाटन
UP News: नगर विकास एवं ऊर्जा मंत्री एके शर्मा ने मऊ में किया निस्ट किसान मेला 2026 का उद्घाटन किया। मीडिया से बातचीत करते हुए उन्होंने घोसी चीनी मिल को बंद करने की बात को अफवाह बताया। कहा कि किसी में ताकत नहीं, जो मिल को बंद करन दे।
विस्तार
Mau News: नगर विकास एवं ऊर्जा मंत्री एके शर्मा ने जिले के कुशमौर स्थित राष्ट्रीय बीज विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी संस्थान में आयोजित निस्ट किसान मेला 2026 का उद्घाटन किया। इस अवसर पर उन्होंने किसानों, कृषि वैज्ञानिकों और कृषि क्षेत्र से जुड़े विशेषज्ञों को संबोधित करते हुए आधुनिक तकनीक और वैज्ञानिक पद्धतियों को अपनाने पर बल दिया।
उन्होंने घोसी चीनी मिल के विषय में बोलते हुए कहा कि कुछ लोग राजनीतिक लाभ के लिए मिल को लेकर भ्रामक बयानबाजी कर रहे हैं। उन्होंने उपस्थित किसानों और लोगों को आश्वस्त करते हुए कहा कि किसी में इतनी ताकत नहीं है कि घोसी चीनी मिल को बंद कर सके।
किसानों को दी जानकारी
उन्होंने कहा कि किसान किसी भी प्रकार की अफवाह या भ्रम में न रहें और सरकार किसानों के हितों की रक्षा के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। किसानों से कृषि के साथ-साथ ऊर्जा उत्पादन के क्षेत्र में भी आगे बढ़ने की अपील की। उन्होंने कहा कि आज ऊर्जा के क्षेत्र में किसानों के लिए कई नए अवसर उपलब्ध हैं।
किसान सोलर पैनल लगाकर बिजली उत्पादन कर सकते हैं और कृषि अपशिष्ट से बायोगैस बनाकर ऊर्जा के क्षेत्र में योगदान दे सकते हैं। इससे किसानों की आय बढ़ने के साथ-साथ पर्यावरण संरक्षण में भी मदद मिलेगी। मेले किसानों को नई तकनीक, बेहतर बीज और आधुनिक कृषि पद्धतियों की जानकारी देने के लिए महत्वपूर्ण मंच प्रदान करते हैं।
कहा कि देश के किसानों के अथक परिश्रम, समर्पण और पुरुषार्थ के कारण भारत आज खाद्यान्न उत्पादन के क्षेत्र में न केवल आत्मनिर्भर बना है बल्कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी अपनी मजबूत पहचान बना रहा है।
कृषि उपकरणों की दी जानकारी
उन्होंने कहा कि आज भारत कई कृषि उत्पादों का निर्यात कर रहा है, जो किसानों की मेहनत और कृषि क्षेत्र में हो रहे नवाचारों का परिणाम है। उन्होंने किसानों से अपील किया कि वे अपनी उत्पादकता बढ़ाने के लिए वैज्ञानिकों और कृषि संस्थानों के मार्गदर्शन का लाभ लें। आधुनिक कृषि तकनीकों को अपनाएं।
उन्होंने किसानों को समन्वित खेती (इंटीग्रेटेड फार्मिंग) अपनाने की भी सलाह दी। उन्होंने कहा कि खेती के साथ पशुपालन, बागवानी, मत्स्य पालन और अन्य सहायक गतिविधियों को जोड़कर किसान अपनी आय को कई गुना बढ़ा सकते हैं। इस प्रकार की खेती से न केवल आय में वृद्धि होती है बल्कि संसाधनों का बेहतर उपयोग भी संभव हो पाता है।
कार्यक्रम के दौरान कैबिनेट मंत्री ने मेले में लगाए गए विभिन्न कृषि स्टालों का अवलोकन किया और वहां प्रदर्शित नवीन तकनीकों, उन्नत बीजों तथा कृषि उपकरणों के बारे में जानकारी प्राप्त की। इस अवसर पर प्रगतिशील किसान देवप्रकाश राय, राकेश सिंह ने भी अपने अनुभव साझा करते हुए बताया कि आधुनिक तकनीकों और वैज्ञानिक सलाह को अपनाकर खेती को अधिक लाभकारी बनाया जा सकता है।