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Mau News: जिले के किसी राजकीय माध्यमिक विद्यालय को नहीं मिला ए ग्रेड
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माध्यमिक शिक्षा विभाग द्वारा जिले के राजकीय माध्यमिक विद्यालयों की ऑनलाइन ग्रेडिंग में किसी भी विद्यालय को ए ग्रेड नहीं मिला है। आठ विद्यालयों को बी ग्रेड, आठ विद्यालयों को सी ग्रेड और एक विद्यालय को डी ग्रेड प्राप्त हुआ है।
जिला विद्यालय निरीक्षक ने सभी प्रधानाचार्यों को ग्रेडिंग सुधारने का निर्देश दिया है। जिले में कुल 17 राजकीय माध्यमिक विद्यालय हैं। शासन द्वारा ऑपरेशन कायाकल्प, प्रोजेक्ट अलंकार जैसी योजनाओं के तहत सभी आवश्यक सुविधाएं और संसाधन उपलब्ध कराए जा रहे हैं।
विभाग की ओर से विद्यालयों की त्रैमासिक ग्रेडिंग की जाती है, जिसमें भौतिक संसाधन और अन्य कमियों को दूर करने के प्रयास होते हैं।प्रधानाचार्यों को परख पोर्टल पर छात्रों की संख्या, उपस्थिति, पाठ्यक्रम, परीक्षाफल, भौतिक संसाधन, स्कूल की साफ-सफाई और रख-रखाव सहित 55 बिंदुओं पर ऑनलाइन ब्योरा अपलोड करना होता है।
80 प्रतिशत या उससे अधिक अंक मिलने पर ए ग्रेड, 60 से 80 प्रतिशत तक के अंक पर बी ग्रेड, 40 से 60% के अंक पर सी ग्रेड, 33 से 40% अंक मिलने पर डी ग्रेड और 33% से कम अंक पर ई ग्रेड जारी किया जाता है।
समग्र शिक्षा माध्यमिक के जिला समन्वयक सीपी श्रीवास्तव ने बताया कि ग्रेडिंग के आधार पर विद्यालयों की कमियों को सुधारने के लिए सभी प्रधानाचार्यों को दिशा-निर्देश दिए गए हैं। समीक्षा में लापरवाही मिलने पर कार्रवाई की जाएगी।
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जिला विद्यालय निरीक्षक ने सभी प्रधानाचार्यों को ग्रेडिंग सुधारने का निर्देश दिया है। जिले में कुल 17 राजकीय माध्यमिक विद्यालय हैं। शासन द्वारा ऑपरेशन कायाकल्प, प्रोजेक्ट अलंकार जैसी योजनाओं के तहत सभी आवश्यक सुविधाएं और संसाधन उपलब्ध कराए जा रहे हैं।
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विभाग की ओर से विद्यालयों की त्रैमासिक ग्रेडिंग की जाती है, जिसमें भौतिक संसाधन और अन्य कमियों को दूर करने के प्रयास होते हैं।प्रधानाचार्यों को परख पोर्टल पर छात्रों की संख्या, उपस्थिति, पाठ्यक्रम, परीक्षाफल, भौतिक संसाधन, स्कूल की साफ-सफाई और रख-रखाव सहित 55 बिंदुओं पर ऑनलाइन ब्योरा अपलोड करना होता है।
80 प्रतिशत या उससे अधिक अंक मिलने पर ए ग्रेड, 60 से 80 प्रतिशत तक के अंक पर बी ग्रेड, 40 से 60% के अंक पर सी ग्रेड, 33 से 40% अंक मिलने पर डी ग्रेड और 33% से कम अंक पर ई ग्रेड जारी किया जाता है।
समग्र शिक्षा माध्यमिक के जिला समन्वयक सीपी श्रीवास्तव ने बताया कि ग्रेडिंग के आधार पर विद्यालयों की कमियों को सुधारने के लिए सभी प्रधानाचार्यों को दिशा-निर्देश दिए गए हैं। समीक्षा में लापरवाही मिलने पर कार्रवाई की जाएगी।
