{"_id":"6a5fc45845da831a810c6fdd","slug":"preparations-underway-to-withhold-the-salaries-of-246-principals-who-failed-to-upload-details-mau-news-c-295-1-svns1028-148961-2026-07-22","type":"story","status":"publish","title_hn":"Mau News: विवरण अपलोड नहीं करने वाले 246 प्रधानाचार्यों का वेतन रोकने की तैयारी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Mau News: विवरण अपलोड नहीं करने वाले 246 प्रधानाचार्यों का वेतन रोकने की तैयारी
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
यूपी बोर्ड हाईस्कूल और इंटरमीडिएट बोर्ड परीक्षा के मद्देनजर जिले के माध्यमिक विद्यालयों में बुनियादी सुविधाओं और संसाधनों की ऑनलाइन जानकारी देने में लापरवाही सामने आई है।
बोर्ड की ओर से निर्धारित समय सीमा तक जिले के 506 माध्यमिक विद्यालयों में से मात्र 260 विद्यालयों ने ही परिषद की वेबसाइट पर विवरण अपलोड किया है।
जिला विद्यालय निरीक्षक ने लापरवाह 246 माध्यमिक विद्यालयों के प्रधानाचार्यों का वेतन रोकने के साथ ही विधिक कार्रवाई करने की बात कही है।
यूपी बोर्ड से संबद्ध जिले में 506 माध्यमिक विद्यालय हैं। यूपी बोर्ड हाईस्कूल और इंटरमीडिएट परीक्षा 2027 को नकलविहीन संपन्न कराने के लिए परीक्षा केंद्र निर्धारण की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है।
शासन की ओर से यूपी बोर्ड से संबद्ध सभी माध्यमिक विद्यालयों को बुनियादी सुविधाओं और संसाधनों का विवरण ऑनलाइन 20 जुलाई तक बोर्ड की वेबसाइट पर अपलोड करने का निर्देश दिया गया था।
विज्ञापन
अधिकारियों के अनुसार सभी विद्यालयों को बुनियादी सुविधाओं और संसाधनों की ऑनलाइन जानकारी बोर्ड की वेबसाइट पर अपलोड करना अनिवार्य किया गया था। बोर्ड ने केंद्र निर्धारण के लिए अंक प्रणाली भी तय की है।
निर्धारित समय सीमा बीतने के बाद भी 260 विद्यालयों ने ही परिषद की वेबसाइट पर विवरण अपलोड किया है। विभाग की ओर से शेष 246 माध्यमिक विद्यालयों के लापरवाह प्रधानाचार्यों का वेतन रोकने के साथ ही विधिक कार्यवाही की जाएगी।
इस बाबत जिला विद्यालय निरीक्षक गौतम प्रसाद का कहना है कि सभी माध्यमिक विद्यालयों के प्रधानाचार्यों को बुनियादी सुविधाओं और संसाधनों की ऑनलाइन जानकारी बोर्ड की वेबसाइट पर अपलोड करना अनिवार्य किया गया था।
कार्य में लापरवाही किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी। शेष 246 माध्यमिक विद्यालयों के लापरवाह प्रधानाचार्यों का वेतन रोकने के साथ ही विधिक कार्यवाही की जाएगी।
विज्ञापन
बोर्ड की ओर से निर्धारित समय सीमा तक जिले के 506 माध्यमिक विद्यालयों में से मात्र 260 विद्यालयों ने ही परिषद की वेबसाइट पर विवरण अपलोड किया है।
जिला विद्यालय निरीक्षक ने लापरवाह 246 माध्यमिक विद्यालयों के प्रधानाचार्यों का वेतन रोकने के साथ ही विधिक कार्रवाई करने की बात कही है।
यूपी बोर्ड से संबद्ध जिले में 506 माध्यमिक विद्यालय हैं। यूपी बोर्ड हाईस्कूल और इंटरमीडिएट परीक्षा 2027 को नकलविहीन संपन्न कराने के लिए परीक्षा केंद्र निर्धारण की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है।
विज्ञापन
शासन की ओर से यूपी बोर्ड से संबद्ध सभी माध्यमिक विद्यालयों को बुनियादी सुविधाओं और संसाधनों का विवरण ऑनलाइन 20 जुलाई तक बोर्ड की वेबसाइट पर अपलोड करने का निर्देश दिया गया था।
विज्ञापन
अधिकारियों के अनुसार सभी विद्यालयों को बुनियादी सुविधाओं और संसाधनों की ऑनलाइन जानकारी बोर्ड की वेबसाइट पर अपलोड करना अनिवार्य किया गया था। बोर्ड ने केंद्र निर्धारण के लिए अंक प्रणाली भी तय की है।
निर्धारित समय सीमा बीतने के बाद भी 260 विद्यालयों ने ही परिषद की वेबसाइट पर विवरण अपलोड किया है। विभाग की ओर से शेष 246 माध्यमिक विद्यालयों के लापरवाह प्रधानाचार्यों का वेतन रोकने के साथ ही विधिक कार्यवाही की जाएगी।
इस बाबत जिला विद्यालय निरीक्षक गौतम प्रसाद का कहना है कि सभी माध्यमिक विद्यालयों के प्रधानाचार्यों को बुनियादी सुविधाओं और संसाधनों की ऑनलाइन जानकारी बोर्ड की वेबसाइट पर अपलोड करना अनिवार्य किया गया था।
कार्य में लापरवाही किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी। शेष 246 माध्यमिक विद्यालयों के लापरवाह प्रधानाचार्यों का वेतन रोकने के साथ ही विधिक कार्यवाही की जाएगी।