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Mau News: वायरल फीवर के मरीजाें की संख्या दो सौ के पार

Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Tue, 24 Feb 2026 12:21 AM IST
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The number of viral fever patients exceeded two hundred.
जिला अस्पताल में दवा काउंटर पर दवा लेने के लिए लगी लोगों की भीड़।संवाद - फोटो : होली के लिए बिकती टीशर्ट। संवाद
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बदलते मौसम और तापमान में लगातार हो रहे उतार-चढ़ाव के कारण अब मच्छरों का प्रकोप भी तेजी से बढ़ने लगा है। स्वास्थ्य इकाइयों के ओपीडी में वायरल फीवर के मरीजों की संख्या बढ़ी है।
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पहले जहां रोजाना 80 के करीब बुखार रोगी आते थे, वहीं अब इनकी संख्या सौ पार पहुंच गई। चिकित्सक जांच के बाद दवा के साथ सावधानी बरतने की सलाह दे रहे हैं।
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जिला अस्पताल में सोमवार को विभिन्न क्षेत्रों से 1261 मरीज परामर्श के लिए पहुंचे थे। इसमें से अधिकांश मरीज मेडिसिन विभाग के थे। जांच में वायरल फीवर मिलने पर ब्लड जांच कराने की सलाह दी गई। गंभीर वायरल संक्रमण वाले मरीजों को भर्ती किया गया।
अन्य सामान्य वायरल फीवर के लक्षण वाले मरीजों को दवा देकर घर भेज दिया गया। वहीं, कई के गले में खराश होने पर उन्हें गुनगुना पानी से गरारा करने के लिए प्रेरित किया गया।
जनरल फिजिशियन डॉ. शैलेष ने बताया कि बदलते मौसम में शरीर की प्रतिरोधक क्षमता कमजोर पड़ जाती है, जिससे बुखार, सर्दी, बदन दर्द और प्लेटलेट्स में गिरावट की शिकायत बढ़ जाती है। उन्होंने कहा कि तेज बुखार या सर्दी लगने पर तुरंत जांच करानी चाहिए।
डॉ. अनिल कुमार के अनुसार मच्छरों के बढ़ते प्रकोप से डेंगू, चिकनगुनिया, मलेरिया जैसी बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है। बताया कि जलभराव और गंदगी से मच्छरों के पनपने की आशंका और बढ़ जाती है। सफाई पर भी ध्यान देना चाहिए।
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मच्छर के काटने से ये होते हैं रोग
डॉ. शैलेष के अनुसार, मच्छर के काटने से डेंगू, चिकनगुनिया, जीका वायरस, मलेरिया, वेस्ट नाइल वायरस, पीला बुखार, फाइलेरिया, टुलारेमिया, डिरोफाइलेरिया आदि बीमारियों का खतरा रहता है। बचाव जरूरी है। ठंड-गर्म के इस मौसम में मच्छर पनप रहे हैं।

ऐसे करें मच्छरों से बचाव
- जलभराव न होने दें।
- शरीर को पूरी तरह से ढककर रखें।
- मच्छरदानी का उपयोग करें।
- बुखार होने पर तुरंत जांच कराएं।
- सामुदायिक स्वच्छता पर ध्यान दें।
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संदिग्ध बुखार रोगियों की अनिवार्य रूप से ब्लड जांच कराई जा रही है। डेंगू, मलेरिया और टाइफाइड की भी जांच कराई जा रही है। बदले मौसम का असर अस्पताल में दिख रहा है। बुखार रोगियों की संख्या में वृद्धि हुई है, उसी अनुसार व्यवस्था की गई है। - डॉ. धनंजय कुमार जिला अस्पताल सीएमएस
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