{"_id":"6a5a7e0fd1a0b008f60da6e2","slug":"trainees-from-government-and-private-deled-colleges-will-identify-out-of-school-children-mau-news-c-295-1-svns1028-148725-2026-07-18","type":"story","status":"publish","title_hn":"Mau News: सरकारी और निजी डीएलएड कॉलेजों के प्रशिक्षु खोजेंगे आउट ऑफ स्कूल बच्चे","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Mau News: सरकारी और निजी डीएलएड कॉलेजों के प्रशिक्षु खोजेंगे आउट ऑफ स्कूल बच्चे
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
जिले में 6 से 14 आयु वर्ग के स्कूल से वंचित बच्चों को शिक्षा की मुख्य धारा से जोड़ने के लिए विशेष सर्वेक्षण अभियान चलाया जाएगा। जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान और निजी डीएलएड कॉलेजों के प्रशिक्षु घर-घर जाकर ऐसे बच्चों की पहचान करेंगे, जो किसी कारणवश विद्यालय नहीं जा रहे हैं।
विभाग की तरफ से टीम गठन की प्रक्रिया चल रही है। जिले में 6 से 14 आयु वर्ग के स्कूल से वंचित बच्चों को शिक्षा की मुख्य धारा से जोड़ने के लिए शासन की तरफ से पहली बार सरकारी और निजी डीएलएड कॉलेजों के प्रशिक्षुओं की सहायता से विशेष सर्वेक्षण अभियान चलाया जाएगा।
यह सर्वेक्षण अभियान 14 अगस्त तक चलेगा। सर्वे के आधार पर इन बच्चों का उनकी आयु के अनुरूप कक्षाओं में नामांकन कराया जाएगा। प्रशिक्षु परिवार से बातचीत कर जानेंगे कि क्या आर्थिक तंगी, यूनिफार्म या अन्य संसाधनों की कमी, पारिवारिक परिस्थितियां अथवा अन्य कारण बच्चों की पढ़ाई में बाधा बन रहे हैं।
विज्ञापन
साथ ही अभिभावकों से विद्यालयों की व्यवस्थाओं और शिक्षा की गुणवत्ता को लेकर सुझाव और फीडबैक भी लिया जाएगा। सर्वे के लिए तैयार किए गए परिवार सर्वेक्षण प्रपत्र को तीन हिस्सों में विभाजित किया गया है।
पहले भाग में परिवार के मुखिया का नाम, पता और सामाजिक वर्ग जैसी सामान्य जानकारी दर्ज की जाएगी। दूसरे भाग में परिवार के 14 वर्ष से अधिक आयु के सदस्यों की संख्या और उनकी शैक्षिक स्थिति का विवरण लिया जाएगा।
तीसरे और सबसे महत्वपूर्ण भाग में जन्म से 14 वर्ष तक के सभी बच्चों की जानकारी दर्ज की जाएगी। इसमें उनकी आयु, लिंग, विद्यालयों में अध्ययन की स्थिति तथा स्कूल न जाने पर उसके कारणों का उल्लेख किया जाएगा।
जिला समन्वयक सामुदायिक सहभागिता आलोक कुमार सिंह का कहना है कि जिले में 6 से 14 आयु वर्ग के स्कूल से वंचित बच्चों को शिक्षा की मुख्य धारा से जोड़ने के लिए विशेष सर्वेक्षण अभियान चलाया जाएगा।
जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान और निजी डीएलएड प्रशिक्षुओं के माध्यम से सर्वेक्षण कराने के लिए टीमों के गठन की प्रक्रिया चल रही है।
विज्ञापन
विभाग की तरफ से टीम गठन की प्रक्रिया चल रही है। जिले में 6 से 14 आयु वर्ग के स्कूल से वंचित बच्चों को शिक्षा की मुख्य धारा से जोड़ने के लिए शासन की तरफ से पहली बार सरकारी और निजी डीएलएड कॉलेजों के प्रशिक्षुओं की सहायता से विशेष सर्वेक्षण अभियान चलाया जाएगा।
विज्ञापन
यह सर्वेक्षण अभियान 14 अगस्त तक चलेगा। सर्वे के आधार पर इन बच्चों का उनकी आयु के अनुरूप कक्षाओं में नामांकन कराया जाएगा। प्रशिक्षु परिवार से बातचीत कर जानेंगे कि क्या आर्थिक तंगी, यूनिफार्म या अन्य संसाधनों की कमी, पारिवारिक परिस्थितियां अथवा अन्य कारण बच्चों की पढ़ाई में बाधा बन रहे हैं।
विज्ञापन
साथ ही अभिभावकों से विद्यालयों की व्यवस्थाओं और शिक्षा की गुणवत्ता को लेकर सुझाव और फीडबैक भी लिया जाएगा। सर्वे के लिए तैयार किए गए परिवार सर्वेक्षण प्रपत्र को तीन हिस्सों में विभाजित किया गया है।
पहले भाग में परिवार के मुखिया का नाम, पता और सामाजिक वर्ग जैसी सामान्य जानकारी दर्ज की जाएगी। दूसरे भाग में परिवार के 14 वर्ष से अधिक आयु के सदस्यों की संख्या और उनकी शैक्षिक स्थिति का विवरण लिया जाएगा।
तीसरे और सबसे महत्वपूर्ण भाग में जन्म से 14 वर्ष तक के सभी बच्चों की जानकारी दर्ज की जाएगी। इसमें उनकी आयु, लिंग, विद्यालयों में अध्ययन की स्थिति तथा स्कूल न जाने पर उसके कारणों का उल्लेख किया जाएगा।
जिला समन्वयक सामुदायिक सहभागिता आलोक कुमार सिंह का कहना है कि जिले में 6 से 14 आयु वर्ग के स्कूल से वंचित बच्चों को शिक्षा की मुख्य धारा से जोड़ने के लिए विशेष सर्वेक्षण अभियान चलाया जाएगा।
जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान और निजी डीएलएड प्रशिक्षुओं के माध्यम से सर्वेक्षण कराने के लिए टीमों के गठन की प्रक्रिया चल रही है।