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Mau News: नलकूप बने, पाइपलाइन बिछी… फिर भी दस हजार की आबादी प्यासी
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कोपागंज नगर पंचायत के कोपा कोहना में 2024 में लगा ट्यूबल जो लोकार्पण के बाद भी बना हुआ है शोपीस
- फोटो : सत्य नारायण सिंह की फाइल फोटो।
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नगर पंचायत कोपागंज के छह मुहल्ले विकास योजनाओं के नाम पर लापरवाही और भ्रष्टाचार का दंश झेल रहे हैं। यहां दो वर्ष पहले नगर पंचायत ने इन मुहल्लों में ट्यूबवेल तो लगा दिए और उनका लोकार्पण भी किया, लेकिन पेयजल आपूर्ति शुरू नहीं हो सकी।
मोहल्लेवासियों के अनुसार, इसको लेकर बीते 24 माह में कम से कम 20 बार लिखित और मौखिक शिकायत की जा चुकी है, लेकिन जिम्मेदार हर बार जल्द शुरू कराने का आश्वासन ही देते रहे हैं।
19 दिसंबर 2019 को नगर पंचायत कोपागंज में आसपास के छह गांव—कोपा कोहना, हिकमा, कछिकला, राजपुरा, भदसा मानोपुर और लाडनपुर को विस्तारीकरण योजना के तहत शामिल किया गया था। इसके बाद लोगों को उम्मीद थी कि पेयजल जैसी बुनियादी समस्या से राहत मिलेगी, लेकिन हालात इसके उलट बने हुए हैं।
नगर पंचायत ने बाद में कोपा कोहना पूर्वी, रामलीला मैदान, राजभर बस्ती, कोपा कोहना दक्षिणी, जूनियर हाईस्कूल परिसर, अंबेडकर प्रतिमा के पास, वार्ड संख्या 12, वार्ड संख्या 9 और वार्ड संख्या 3 (कछिकला) में नौ स्थानों पर एक करोड़ रुपये से अधिक की लागत से नलकूप लगाए और करीब दस हजार से अधिक आबादी के घरों तक पेयजल आपूर्ति के लिए पाइपलाइन भी बिछाई, लेकिन आज तक एक भी स्थान पर नियमित जलापूर्ति शुरू नहीं हो सकी है।
वहीं, इन मुहल्लों में लगे बीस से अधिक सरकारी हैंडपंप भी खराब हैं। ऐसे में लोग मजबूरी में अपने-अपने घरों में समर्सिबल लगाने को विवश हैं।
सड़कें खोदकर छोड़ दीं, परेशानी दोगुनी
पाइपलाइन बिछाने के दौरान सड़कों को जगह-जगह खोद दिया गया, लेकिन मरम्मत कार्य अधूरा छोड़ दिया गया। इससे जलभराव, कीचड़ और गंदगी की समस्या और बढ़ गई है।
प्रतिक्रिया
इससे बेहतर होता कि हम ग्रामीण ही रहते। सात साल पहले हमारे गांव को नगर पंचायत में शामिल किया गया। पेयजल को लेकर शुरू की गई योजना पूरी होने के बाद भी हम दो साल से इसके चालू होने का इंतजार कर रहे हैं। -परवेश पटवा
गर्मी के मौसम में पेयजल संकट और गंभीर हो गया है। हैंडपंपों पर भीड़ बढ़ रही है और कई स्थानों पर पानी की कमी साफ महसूस की जा रही है। करोड़ों खर्च होने के बावजूद पानी न मिलना लोगों के आक्रोश को बढ़ा रहा है। -अजय शर्मा
दो साल से तैयार नलकूपों के बावजूद जलापूर्ति शुरू न होना नगर पंचायत की कार्यशैली पर सवाल खड़े कर रहा है। जल्द से जल्द पेयजल योजना चालू कर नियमित सप्लाई बहाल की जाए। -रूद्रदत्त त्रिपाठी
मामला मेरे संज्ञान में नहीं आया है। पेयजल आपूर्ति को लेकर प्रशासन बेहद गंभीर है। इस तरह की लापरवाही की जांच कराकर संबंधित मोहल्लों की समस्या का निस्तारण कराया जाएगा। -सत्यप्रिय सिंह, एडीएम मऊ
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मोहल्लेवासियों के अनुसार, इसको लेकर बीते 24 माह में कम से कम 20 बार लिखित और मौखिक शिकायत की जा चुकी है, लेकिन जिम्मेदार हर बार जल्द शुरू कराने का आश्वासन ही देते रहे हैं।
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19 दिसंबर 2019 को नगर पंचायत कोपागंज में आसपास के छह गांव—कोपा कोहना, हिकमा, कछिकला, राजपुरा, भदसा मानोपुर और लाडनपुर को विस्तारीकरण योजना के तहत शामिल किया गया था। इसके बाद लोगों को उम्मीद थी कि पेयजल जैसी बुनियादी समस्या से राहत मिलेगी, लेकिन हालात इसके उलट बने हुए हैं।
नगर पंचायत ने बाद में कोपा कोहना पूर्वी, रामलीला मैदान, राजभर बस्ती, कोपा कोहना दक्षिणी, जूनियर हाईस्कूल परिसर, अंबेडकर प्रतिमा के पास, वार्ड संख्या 12, वार्ड संख्या 9 और वार्ड संख्या 3 (कछिकला) में नौ स्थानों पर एक करोड़ रुपये से अधिक की लागत से नलकूप लगाए और करीब दस हजार से अधिक आबादी के घरों तक पेयजल आपूर्ति के लिए पाइपलाइन भी बिछाई, लेकिन आज तक एक भी स्थान पर नियमित जलापूर्ति शुरू नहीं हो सकी है।
वहीं, इन मुहल्लों में लगे बीस से अधिक सरकारी हैंडपंप भी खराब हैं। ऐसे में लोग मजबूरी में अपने-अपने घरों में समर्सिबल लगाने को विवश हैं।
सड़कें खोदकर छोड़ दीं, परेशानी दोगुनी
पाइपलाइन बिछाने के दौरान सड़कों को जगह-जगह खोद दिया गया, लेकिन मरम्मत कार्य अधूरा छोड़ दिया गया। इससे जलभराव, कीचड़ और गंदगी की समस्या और बढ़ गई है।
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इससे बेहतर होता कि हम ग्रामीण ही रहते। सात साल पहले हमारे गांव को नगर पंचायत में शामिल किया गया। पेयजल को लेकर शुरू की गई योजना पूरी होने के बाद भी हम दो साल से इसके चालू होने का इंतजार कर रहे हैं। -परवेश पटवा
गर्मी के मौसम में पेयजल संकट और गंभीर हो गया है। हैंडपंपों पर भीड़ बढ़ रही है और कई स्थानों पर पानी की कमी साफ महसूस की जा रही है। करोड़ों खर्च होने के बावजूद पानी न मिलना लोगों के आक्रोश को बढ़ा रहा है। -अजय शर्मा
दो साल से तैयार नलकूपों के बावजूद जलापूर्ति शुरू न होना नगर पंचायत की कार्यशैली पर सवाल खड़े कर रहा है। जल्द से जल्द पेयजल योजना चालू कर नियमित सप्लाई बहाल की जाए। -रूद्रदत्त त्रिपाठी
मामला मेरे संज्ञान में नहीं आया है। पेयजल आपूर्ति को लेकर प्रशासन बेहद गंभीर है। इस तरह की लापरवाही की जांच कराकर संबंधित मोहल्लों की समस्या का निस्तारण कराया जाएगा। -सत्यप्रिय सिंह, एडीएम मऊ
