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Meerut News: नस्ल बचाने और नशे से मुक्ति का संकल्प दिलाया
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दौराला - श्री परमधाम में अनुयायियों को संबोधित करते चंद्रमोहन। स्रोत : संवाद
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- श्री परमधाम वलीदपुर में हुआ हिंद मजदूर किसान समिति का महासम्मेलन
संवाद न्यूज एजेंसी
दौराला। श्री परमधाम वलीदपुर में रविवार को हिंद मजदूर किसान समिति का महासम्मेलन आयोजित किया गया। इसमें लोगों को नस्ल बचाने और नशा मुक्ति का संकल्प दिलाया गया।कार्यक्रम में आसपास के क्षेत्रों से बड़ी संख्या में मजदूर और किसान शामिल रहे।
समिति के राष्ट्रीय अध्यक्ष क्रांतिगुरु चंद्रमोहन ने कहा कि फसल से ज्यादा महत्वपूर्ण नस्ल होती है। फसल खराब होने पर दोबारा उगाई जा सकती है लेकिन नस्ल के नष्ट होने पर उसे बचाना बेहद कठिन हो जाता है। उन्होंने कहा कि नशा हमारी नस्ल को धीरे-धीरे खत्म कर रहा है और समाज को खोखला बना रहा है। कई परिवार नशे की वजह से बर्बाद हो चुके हैं और किसानों की जमीन तक बिकने की नौबत आ गई है।
उन्होंने जाति व्यवस्था पर कहा कि नशा और जाति दोनों ही समाज को कमजोर करते हैं। इनसे मजदूर और किसान वर्ग को कोई लाभ नहीं होता बल्कि उनकी एकता कमजोर होती है। उन्होंने अपील की कि वे नशे और जातिवाद से दूर रहें और समाज को मजबूत बनाने में योगदान दें। कुछ स्वार्थी तत्व मजदूर-किसानों को नशे और जाति के जाल में फंसाकर उन्हें भटकाने का काम करते हैं। ऐसे लोगों की पहचान कर उनसे दूरी बनाना जरूरी है। महासम्मेलन में ओमप्रकाश, कुलदीप, विकास, राजपाल, दीपक, अमित, सतीश आदि मौजूद रहे।
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संवाद न्यूज एजेंसी
दौराला। श्री परमधाम वलीदपुर में रविवार को हिंद मजदूर किसान समिति का महासम्मेलन आयोजित किया गया। इसमें लोगों को नस्ल बचाने और नशा मुक्ति का संकल्प दिलाया गया।कार्यक्रम में आसपास के क्षेत्रों से बड़ी संख्या में मजदूर और किसान शामिल रहे।
समिति के राष्ट्रीय अध्यक्ष क्रांतिगुरु चंद्रमोहन ने कहा कि फसल से ज्यादा महत्वपूर्ण नस्ल होती है। फसल खराब होने पर दोबारा उगाई जा सकती है लेकिन नस्ल के नष्ट होने पर उसे बचाना बेहद कठिन हो जाता है। उन्होंने कहा कि नशा हमारी नस्ल को धीरे-धीरे खत्म कर रहा है और समाज को खोखला बना रहा है। कई परिवार नशे की वजह से बर्बाद हो चुके हैं और किसानों की जमीन तक बिकने की नौबत आ गई है।
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उन्होंने जाति व्यवस्था पर कहा कि नशा और जाति दोनों ही समाज को कमजोर करते हैं। इनसे मजदूर और किसान वर्ग को कोई लाभ नहीं होता बल्कि उनकी एकता कमजोर होती है। उन्होंने अपील की कि वे नशे और जातिवाद से दूर रहें और समाज को मजबूत बनाने में योगदान दें। कुछ स्वार्थी तत्व मजदूर-किसानों को नशे और जाति के जाल में फंसाकर उन्हें भटकाने का काम करते हैं। ऐसे लोगों की पहचान कर उनसे दूरी बनाना जरूरी है। महासम्मेलन में ओमप्रकाश, कुलदीप, विकास, राजपाल, दीपक, अमित, सतीश आदि मौजूद रहे।

दौराला - श्री परमधाम में अनुयायियों को संबोधित करते चंद्रमोहन। स्रोत : संवाद