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गलती स्वीकारने से कम हो जाता है दोष : तिवारी

Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Wed, 17 Jun 2026 06:30 PM IST
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Admitting a mistake reduces the fault: Tiwari
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दशमेश नगर में चल रही श्रीराम कथा में अहिल्या उद्धार, धनुष भंग, राम-सीता विवाह का प्रसंग सुनाया

माई सिटी रिपोर्टर
मेरठ। दशमेश नगर में आयोजित श्रीराम कथा के छठवें दिवस कथा व्यास जनार्दन तिवारी ने अहिल्या उद्धार, धनुष भंग और लक्ष्मण-परशुराम संवाद के प्रेरणादायक प्रसंगों का वर्णन किया।
कथा व्यास ने कहा कि भगवान श्रीराम जब जनकपुर की ओर प्रस्थान कर रहे थे। तब उन्होंने अहिल्या का उद्धार किया। उन्होंने बताया कि अहिल्या इंद्र के वैभव से आकर्षित होकर मानसिक भ्रम का शिकार हुई। जिसके कारण उनके पति महर्षि गौतम ने उन्हें शाप दिया। अहिल्या की विशेषता यह थी कि उन्होंने अपने अपराध को छिपाने के बजाय स्वीकार किया। उन्होंने कहा कि जीवन में यदि व्यक्ति अपनी गलती स्वीकार कर ले तो उसका दोष कम हो जाता है। जबकि पाप को छिपाना आगे चलकर भयावह परिस्थितियों को जन्म देता है। भगवान श्रीराम के चरण स्पर्श से अहिल्या को शाप से मुक्ति प्राप्त हुई और उनका उद्धार हुआ।
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जनकपुर आगमन के प्रसंग का वर्णन करते हुए कथा व्यास ने कहा कि भगवान श्रीराम ने जनकपुरी के निवासियों को दर्शन देकर उनके जीवन को धन्य बना दिया। इसके पश्चात राजा जनक की प्रतिज्ञा को पूर्ण करते हुए भगवान श्रीराम ने शिव धनुष का भंग किया। सचिन कुमार गुप्ता ने बताया कि कथा के दौरान श्रद्धालु भगवान श्रीराम और माता सीता के विवाहोत्सव के प्रसंगों को सुनकर भाव-विभोर हो उठे। पंडाल में जय श्रीराम के उद्घोष से भक्तिमय वातावरण बना रहा।
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