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सेंट्रल मार्केट: सुप्रीम कोर्ट ने नहीं दी राहत, सील किए 44 भवनों से हटेगा अवैध निर्माण, 15 दिन का दिया समय
अमर उजाला नेटवर्क, मुजफ्फरनगर
Published by: Mohd Mustakim
Updated Thu, 09 Apr 2026 02:16 PM IST
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सार
Meerut News: यूपी के मेरठ स्थित शास्त्रीनगर सेंट्रल मार्केट में बुधवार को 44 अवैध निर्माण को सील किया गया था। आज बृहस्पतिवार को सुप्रीम कोर्ट में कार्रवाई की रिपोर्ट के साथ आवास विकास के अधिकरी पेश हुए। कोर्ट ने चेतावनी दी कि यदि 15 दिन में ये निर्माण नहीं हटाए गए, तो बुलडोजर चलेगा।
सेंट्रल मार्केट में सील की गईं दुकानें।
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
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विस्तार
सेंट्रल मार्केट के मामले में बृहस्पतिवार को सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई हुई। न्यायाधीश जेबी पारदीवाला और केवी विश्वनाथ ने सुनवाई करते हुए 15 दिन में अवैध निर्माण हटाने के निर्देश दिए हैं। स्पष्ट कहा कि 15 दिन में फ्रंट के साथ ही साइड बैक भी छोड़ दें। अगर ऐसा नहीं किया जाता तो 15 दिन में बुलडोजर के जरिए ध्वस्तीकरण किया जाएगा।
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सोमवार को सुप्रीम कोर्ट ने 44 पूर्णतया व्यावसायिक निर्माण को सील करने के निर्देश दिए थे। इस पर बुधवार को आवास आयुक्त अनिल कुमार सिंह, एडीएम सिटी बृजेश सिंह की अगुवाई में टीम बनाकर सीलिंग की कार्रवाई की गई। अवमानना याचिका दाखिल करने वाले आरटीआई कार्यकर्ता लोकेश खुराना ने बताया कि सुप्रीम कोर्ट ने 15 दिन में अवैध निर्माण हटाने के निर्देश दिए हैं। इसके अलावा शमन की धनराशि जमा करने वाले व्यापारियों को भी राहत नहीं दी।
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कोर्ट ने व्यापारियों को आवास एवं विकास परिषद में जमा धनराशि वापस लेने के लिए आवेदन करने की हिदायत दी है। लोकेश खुराना के मुताबिक अदालत ने सख्त टिप्पणी करते हुए इस आदेश को केवल प्रदेश तक सीमित न रखते हुए आंखें खोलने वाला केस भी करार दिया है। अब मामले में 14 जुलाई को सुनवाई होगी।
बुधवार को सील किए थे 44 भवन
सुप्रीम कोर्ट के कड़े रुख के बाद बुधवार को आवास एवं विकास परिषद ने शास्त्रीनगर की सेंट्रल मार्केट में बड़ी कार्रवाई करते हुए 44 व्यावसायिक भवनों को पूरी तरह सील कर दिया था। भारी पुलिस बल और सात अलग-अलग टीमों के साथ चले इस अभियान के दौरान पूरे क्षेत्र में भारी तनाव और आक्रोश देखा गया। इस कार्रवाई के विरोध में संयुक्त व्यापार संघ के दोनों गुटों ने एकजुट होकर बृहस्पतिवार को मेरठ बंद का ऐलान किया था।
सुप्रीम कोर्ट के कड़े रुख के बाद बुधवार को आवास एवं विकास परिषद ने शास्त्रीनगर की सेंट्रल मार्केट में बड़ी कार्रवाई करते हुए 44 व्यावसायिक भवनों को पूरी तरह सील कर दिया था। भारी पुलिस बल और सात अलग-अलग टीमों के साथ चले इस अभियान के दौरान पूरे क्षेत्र में भारी तनाव और आक्रोश देखा गया। इस कार्रवाई के विरोध में संयुक्त व्यापार संघ के दोनों गुटों ने एकजुट होकर बृहस्पतिवार को मेरठ बंद का ऐलान किया था।
आरटीआई कार्यकर्ता लोकेश खुराना द्वारा दायर अवमानना याचिका के बाद परिषद ने सोमवार को उन 44 भवनों की सूची सौंपी थी, जहां पूरी तरह से व्यावसायिक कार्य हो रहे थे। इन 44 भवनों में बड़े शोरूम और कॉम्प्लेक्स के साथ ही 6 अस्पताल, 6 स्कूल और 4 बैंक्वेट हॉल (मंडप) चल रहे थे। सभी पर सील लगा दी गई थी।