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Meerut News: अंडरपास में जलभराव से निजात दिलाने की मांग
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- विद्यार्थियों ने तिरंगा हाथ में लेकर डीएम से लगाई गुहार
संवाद न्यूज एजेंसी
खरखौदा। स्वतंत्रता दिवस पर पांची गांव के विद्यार्थियों ने हाथों में तिरंगा लेकर सरकारी तंत्र की लापरवाही पर सवाल उठाए। विद्यार्थियों ने अंडरपास में जलभराव की समस्या से निजात दिलाने की मांग करते हुए जिलाधिकारी से गुहार लगाई। विद्यार्थियों के अंडरपास के गहरे पानी से होकर गुजरने और जिलाधिकारी से समस्या के समाधान की मांग करने का सोशल मीडिया पर प्रसारित हो रहा है।
रेलवे की ओर से मेरठ-खुर्जा रेलखंड पर कई गांवों में रेलवे फाटक बंद कर अंडरपास बनाए गए थे। इनमें नूरनगर, चांदसारा, धनौटा, खरखौदा, सेतकुआं और दादरी समेत कई गांव शामिल हैं। ग्रामीणों का कहना है कि हल्की बारिश होते ही इन अंडरपास में पानी भर जाता है और तेज बारिश में स्थिति और गंभीर हो जाती है। पानी अधिक भरने के कारण अंडरपास तालाब में तब्दील हो जाते हैं और गांवों का मुख्य संपर्क मार्ग बाधित हो जाता है। जलभराव के कारण ग्रामीणों को आवागमन के लिए दूसरे गांवों से होकर लंबी दूरी तय करनी पड़ती है।
स्वतंत्रता दिवस पर पांची गांव के विद्यार्थिी हाथों में तिरंगा लेकर जलभराव वाले अंडरपास में उतरे और प्रशासन से समस्या का स्थायी समाधान कराने की मांग की। विद्यार्थियों का यह सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।
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छात्रा वैशाली का कहना है कि महज कुछ घंटे की बारिश में अंडरपास तालाब में तब्दील हो जाता है। गांव में आने-जाने का मुख्य रास्ता यही है, इसलिए जलभराव होने पर संपर्क टूट जाता है। विद्यार्थियों को स्कूल जाने के लिए या तो गहरे पानी से होकर गुजरना पड़ता है या फिर जान जोखिम में डालकर रेलवे ट्रैक पार करना पड़ता है।
ग्रामीणों और विद्यार्थियों ने जिलाधिकारी से अंडरपास की तत्काल जलनिकासी कराने के साथ ही भविष्य में जलभराव की समस्या से स्थायी निजात दिलाने की मांग की है।
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संवाद न्यूज एजेंसी
खरखौदा। स्वतंत्रता दिवस पर पांची गांव के विद्यार्थियों ने हाथों में तिरंगा लेकर सरकारी तंत्र की लापरवाही पर सवाल उठाए। विद्यार्थियों ने अंडरपास में जलभराव की समस्या से निजात दिलाने की मांग करते हुए जिलाधिकारी से गुहार लगाई। विद्यार्थियों के अंडरपास के गहरे पानी से होकर गुजरने और जिलाधिकारी से समस्या के समाधान की मांग करने का सोशल मीडिया पर प्रसारित हो रहा है।
रेलवे की ओर से मेरठ-खुर्जा रेलखंड पर कई गांवों में रेलवे फाटक बंद कर अंडरपास बनाए गए थे। इनमें नूरनगर, चांदसारा, धनौटा, खरखौदा, सेतकुआं और दादरी समेत कई गांव शामिल हैं। ग्रामीणों का कहना है कि हल्की बारिश होते ही इन अंडरपास में पानी भर जाता है और तेज बारिश में स्थिति और गंभीर हो जाती है। पानी अधिक भरने के कारण अंडरपास तालाब में तब्दील हो जाते हैं और गांवों का मुख्य संपर्क मार्ग बाधित हो जाता है। जलभराव के कारण ग्रामीणों को आवागमन के लिए दूसरे गांवों से होकर लंबी दूरी तय करनी पड़ती है।
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स्वतंत्रता दिवस पर पांची गांव के विद्यार्थिी हाथों में तिरंगा लेकर जलभराव वाले अंडरपास में उतरे और प्रशासन से समस्या का स्थायी समाधान कराने की मांग की। विद्यार्थियों का यह सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।
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छात्रा वैशाली का कहना है कि महज कुछ घंटे की बारिश में अंडरपास तालाब में तब्दील हो जाता है। गांव में आने-जाने का मुख्य रास्ता यही है, इसलिए जलभराव होने पर संपर्क टूट जाता है। विद्यार्थियों को स्कूल जाने के लिए या तो गहरे पानी से होकर गुजरना पड़ता है या फिर जान जोखिम में डालकर रेलवे ट्रैक पार करना पड़ता है।
ग्रामीणों और विद्यार्थियों ने जिलाधिकारी से अंडरपास की तत्काल जलनिकासी कराने के साथ ही भविष्य में जलभराव की समस्या से स्थायी निजात दिलाने की मांग की है।