UP: सोना न खरीदने की अपील से बढ़ी बेचैनी, सराफा कारोबारियों की सरकार से गुहार, 50 हजार परिवारों पर संकट
प्रधानमंत्री की ओर से एक वर्ष तक सोना न खरीदने की अपील के बाद मेरठ के सराफा कारोबार में चिंता बढ़ गई है। कारोबारियों ने ज्ञापन भेजकर 50 हजार परिवारों की आजीविका बचाने और उद्योग के लिए राहत नीति बनाने की मांग की है।
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पश्चिम एशिया में जारी संकट के बीच प्रधानमंत्री की ओर से हैदराबाद में आयोजित सभा में देशवासियों से एक वर्ष तक सोना न खरीदने की अपील किए जाने के बाद मेरठ के सराफा बाजार में चिंता का माहौल बन गया है।
इस अपील के बाद मेरठ बुलियन एवं ज्वेलर्स एसोसिएशन ने प्रधानमंत्री को ज्ञापन भेजकर उद्योग से जुड़े व्यापारियों और कारीगरों के हितों की रक्षा के लिए ठोस कदम उठाने की मांग की है। कारोबारियों का कहना है कि यदि सोने की खरीद पर असर पड़ा तो शहर के हजारों परिवारों की आजीविका पर संकट गहरा सकता है।
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एसोसिएशन के अध्यक्ष राजकिशोर रस्तोगी ने कहा कि सराफा उद्योग हमेशा राष्ट्रहित में सरकार के साथ खड़ा रहा है। चाहे प्रधानमंत्री सहायता कोष में सहयोग हो या अयोध्या में श्रीराम मंदिर निर्माण का कार्य, सराफ समाज ने हर परिस्थिति में योगदान दिया है।
उनका कहना है कि यदि सोने की खरीद में गिरावट आती है तो मेरठ के लगभग पचास हजार से अधिक परिवारों की रोजी-रोटी प्रभावित होगी। उनका यह भी कहना है कि सराफा उद्योग देश की सकल घरेलू उत्पाद में लगभग सात प्रतिशत का योगदान देता है, इसलिए इस उद्योग की सुरक्षा के लिए ठोस नीति आवश्यक है।
लघु, सूक्ष्म और मध्यम उद्योगों के विकास एवं प्रोत्साहन से जुड़े संगठन के सचिव आशुतोष अग्रवाल के अनुसार पिछले तीन वर्षों से बाजार मंदी की मार झेल रहा है। ऐसे में यदि सोने की खरीद और घटती है तो छोटे कारीगरों, पालिश करने वाले कर्मचारियों, बिक्री कर्मचारियों और दैनिक मजदूरी पर काम करने वालों के सामने गंभीर संकट खड़ा हो सकता है।
विवाह का समय होने के बावजूद बाजार में ग्राहकों की संख्या चालीस प्रतिशत तक घटने की आशंका जताई जा रही है। कारोबारियों ने यह भी मांग की है कि सरकार स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी करे कि सोना न खरीदने की अपील में अन्य विकल्पों को भी शामिल किया गया है या नहीं।
उद्योग के लिए नीति और राहत की मांग
संयुक्त व्यापार समिति के अध्यक्ष नवीन कुमार अग्रवाल और महामंत्री विपुल सिंघल ने कहा कि यदि सोने की खरीद पूरी तरह रुकती है तो देशभर के लाखों छोटे व्यापारी, कारीगर, डिजाइनर, पालिश कर्मचारी और मजदूर प्रभावित होंगे। उनका कहना है कि सोना केवल व्यापार नहीं बल्कि करोड़ों लोगों की आजीविका का आधार है।
एसोसिएशन के महामंत्री डॉ. संजीव अग्रवाल ने छोटे आभूषण व्यापारियों के लिए एक वर्ष तक हॉलमार्क शुल्क पूरी तरह समाप्त करने की मांग उठाई है। उन्होंने कहा कि सराफ समाज संकट के समय देश के साथ खड़ा रहा है और युद्धकाल में सोना दान करने की परंपरा भी निभाता रहा है।
मेरठ बुलियन ट्रेडर्स एसोसिएशन के महामंत्री विजय आनंद अग्रवाल ने कहा कि उद्योग प्रधानमंत्री के आर्थिक देशभक्ति के आह्वान का सम्मान करता है, लेकिन कारीगरों और छोटे व्यापारियों की आजीविका सुरक्षित रखने के लिए सरकार को ठोस नीति बनानी चाहिए।