पूर्व मंत्री हाजी याकूब की हापुड़ रोड स्थित मीट फैक्टरी पर 31 मार्च की आधी रात के बाद पुलिस-प्रशासन समेत कई विभागों की छापामारी के बाद से ही शिकंजा कसता जा रहा है। गुरुवार को डीएम की अनुमति के बाद याकूब, उनकी पत्नी संजीदा और दोनों बेटों पर गैंगस्टर का मुकदमा दर्ज हुआ तो जब्तीकरण के लिए संपत्ति तलाशनी शुरू कर दी गई।
Haji Yakub Qureshi : एक्शन में मेरठ पुलिस, अब होगा हाजी याकूब के सियासी सफर और कारोबार का खात्मा
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पुलिस के शिकंजे के बाद याकूब की सियासत और कारोबार दोनों ही खतरे में है। याकूब ने लोकसभा चुनाव में अपनी चल-अचल संपत्ति का ब्योरा हलफनामे में दिया था। पुलिस ने इसका पूरा ब्योरा जिला निर्वाचन कार्यालय से मांगा है। पुलिस के मुताबिक, याकूब कुरैशी का विदेश तक कारोबार फैला हुआ है। अवैध तरीके से मीट फैक्टरी चलाने के मामले में याकूब और उनके दोनों बेटे आठ महीने से फरार हैं। याकूब की पत्नी संजीदा बेगम को कोर्ट से अग्रिम जमानत मिल गई थी।
एसएसपी रोहित सिंह सजवाण ने बताया कि गैंगस्टर एक्ट के प्रावधान के तहत कार्रवाई शुरू कर दी गई है। वहीं सीओ किठौर अमित कुमार राय का कहना है कि याकूब और उनके परिवार की चल-अचल संपत्ति का कुछ रिकॉर्ड पुलिस के पास पहले से मौजूद है। पुलिस फोर्स को लेकर जब्तीकरण की कार्रवाई जल्द शुरू होगी।
एक-एक लाख का हो सकता इनाम
याकूब और उनके बेटे इमरान, फिरोज पर आईजी मेरठ रेंज ने 50-50 हजार का इनाम किया हुआ है। गैंगस्टर का मुकदमा दर्ज करने के बाद उन पर एक-एक लाख का इनाम एडीजी मेरठ जोन कर सकते हैं। बताया गया कि एडीजी कार्यालय से याकूब की इनाम बढ़ाने की फाइल मांगी गई है।
विदेश न भाग जाएं, निगरानी बढ़ाई
याकूब अपने परिवार के साथ विदेश भाग सकते हैं, इसको देखते पुलिस ने उनका लुकआउट जारी कराया था। गैंगस्टर लगाने के बाद पुलिस ने निगरानी भी बढ़ा दी है। याकूब को कौन संरक्षण दे रहा है, इसकी जानकारी पुलिस ने जुटाई है। पुलिस का दावा है कि याकूब के रिश्तेदारों को नोटिस दिया जाएगा। उनके खिलाफ भी कार्रवाई हो सकती है।