फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Meerut News ›   Kanwar Yatra: Devotees Carry Grandmother in Kanwar, Inspiring Journey of Faith and Devotion

Kanwar Yatra 2026: कांवड़ में नानी को बैठाकर करा रहे पदयात्रा, सेवा और आस्था की मिसाल बने शिवभक्त

Fri, 31 Jul 2026 12:21 PM IST
Dimple Sirohi न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ Published by: Dimple Sirohi Updated Fri, 31 Jul 2026 12:21 PM IST
सार

मेरठ में कांवड़ यात्रा के दौरान दो शिवभक्तों की अनोखी आस्था चर्चा का विषय बनी। एक युवक नानी को कांवड़ में बैठाकर पदयात्रा करा रहा है तो दूसरा बैग में गंगाजल लेकर पैदल यात्रा कर रहा है।

 

विज्ञापन
Kanwar Yatra: Devotees Carry Grandmother in Kanwar, Inspiring Journey of Faith and Devotion
नानी काे करा रहे यात्रा - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

कांवड़ यात्रा केवल आस्था और भक्ति का पर्व ही नहीं, बल्कि रिश्तों में समर्पण और सेवा का भाव भी सिखाती है। मेरठ में इस बार दो ऐसे शिवभक्त चर्चा का विषय बने हैं, जिनकी अनोखी यात्राओं ने लोगों का दिल जीत लिया। एक युवक अपनी 75 वर्षीय नानी को कांवड़ में बैठाकर हरिद्वार से दिल्ली तक पदयात्रा करा रहा है, जबकि दूसरा बैग में गंगाजल सुरक्षित रखकर पैदल अपने गांव की ओर बढ़ रहा है।

विज्ञापन


बैग में गंगाजल रखकर पैदल कर रहे यात्रा
मथुरा जिले के बलदेव थाना क्षेत्र के निवासी धीरेंद्र (27) वर्तमान में दिल्ली के राजनगर में अपने इंजीनियर भाई के साथ रहते हैं। उन्होंने 10 जुलाई को ट्रेन से हरिद्वार पहुंचकर 11 जुलाई से गंगाजल लेकर पदयात्रा शुरू की।
विज्ञापन


धीरेंद्र बैग में गंगाजल की बोतल सुरक्षित रखकर पैदल यात्रा कर रहे हैं। पहले दिन उन्होंने चार किलोमीटर, दूसरे दिन 18 किलोमीटर और तीसरे दिन 15 किलोमीटर की यात्रा की। इसके बाद वह प्रतिदिन 10 से 12 किलोमीटर चलते हुए अपने गंतव्य की ओर बढ़ रहे हैं। यह उनकी हरिद्वार से गंगाजल लाने की तीसरी कांवड़ यात्रा है।
विज्ञापन
विज्ञापन


यह भी पढ़ें: UP: आर्यन के नाम का टैटू देखते ही भड़का था हिस्ट्रीशीटर, छात्रा पर बरसाईं गोलियां; हथियार सप्लायर की तलाश तेज

नानी को कांवड़ में बैठाकर कर रहे पदयात्रा
नोएडा के सेक्टर-5 स्थित हरौला गांव निवासी हिमांशु चौहान अपनी 75 वर्षीय नानी रूपरानी को कांवड़ के एक पलड़े में बैठाकर हरिद्वार से दिल्ली तक पदयात्रा कर रहे हैं। उनके साथ मौसेरे भाई प्रिंस राघव, बहन लक्ष्मी और परिवार के अन्य सदस्य भी यात्रा में शामिल हैं।

हिमांशु ने 19 जुलाई को हरिद्वार से यात्रा शुरू की। कांवड़ के एक पलड़े में करीब 45 किलोग्राम वजन की नानी रूपरानी बैठी हैं, जबकि दूसरे पलड़े में 55 लीटर गंगाजल से भरे कलश रखे गए हैं। पूरी कांवड़ का वजन लगभग एक क्विंटल है। हिमांशु और प्रिंस राघव बारी-बारी से इस भारी कांवड़ को अपने कंधों पर उठाकर यात्रा पूरी कर रहे हैं।

मेरठ में हुआ भव्य स्वागत
यात्रा के दौरान बहन लक्ष्मी लगातार पंखे से दोनों भाइयों और नानी को हवा करती रहती हैं। पल्लवपुरम पहुंचने पर स्थानीय लोगों ने इन शिवभक्तों का गर्मजोशी से स्वागत किया। उनकी सेवा, समर्पण और आस्था की यह अनूठी मिसाल कांवड़ यात्रा में लोगों के बीच चर्चा का विषय बनी हुई है।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed