{"_id":"6a689c46e1f457e4f00c88f5","slug":"kanwar-yatra-strict-surveillance-by-the-ats-60-000-constables-and-5-500-sub-inspectors-to-be-deployed-2026-07-28","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"कांवड़ यात्रा: एटीएस की रहेगी निगरानी, 60 हजार कांस्टेबल व 5500 दरोगा होंगे तैनात; एडीजी ने बताया पूरा प्लान","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
कांवड़ यात्रा: एटीएस की रहेगी निगरानी, 60 हजार कांस्टेबल व 5500 दरोगा होंगे तैनात; एडीजी ने बताया पूरा प्लान
Tue, 28 Jul 2026 05:47 PM IST
Mohd Mustakim
अमर उजाला नेटवर्क, मेरठ
अमर उजाला नेटवर्क, मेरठ
Published by: Mohd Mustakim
Updated Tue, 28 Jul 2026 05:47 PM IST
सार
Meerut News: एडीजी भानु भास्कर ने कांवड़ यात्रा की सुरक्षा व ट्रैफिक व्यवस्था के बारे में विस्तृत निर्देश दिए हैं। कांवड़ियों से अनुरोध किया है कि पारंपरिक मार्गों का ही प्रयोग करें, वहां पर सुरक्षा-चिकित्सा समेत तमाम सुविधाएं रहेंगी। एक्सप्रेस वे पर न जाएं।
विज्ञापन
मेरठ में कांवड़ यात्रा को लेकर जानकारी देते एडीजी भानु भास्कर।
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
कांवड़ यात्रा को सुरक्षित और व्यवस्थित कराने के लिए पुलिस व प्रशासन ने व्यापक तैयारियां शुरू कर दी हैं। एडीजी भानु भास्कर ने बताया कि इस बार यात्रियों और आम नागरिकों की असुविधा रोकने के लिए ट्रैफिक एडवाइजरी जारी की गई है। एडवाइजरी का उद्देश्य श्रद्धालुओं की सुविधा के साथ-साथ सामान्य जनजीवन को प्रभावित न होना भी है। प्रदेशभर में 60 हजार से अधिक आरक्षी और लगभग साढ़े 5 हजार सब-इंस्पेक्टर तैनात किए जा रहे हैं। उन्हें विशेष प्रशिक्षण दिया जा रहा है। इसके अलावा एटीएस भी निगरानी करेगी।
विज्ञापन
विज्ञापन
परंपरागत मार्गों का ही करें प्रयोग, एक्सप्रेसवे से करें परहेज
एडीजी ने श्रद्धालुओं से परंपरागत मार्गों का प्रयोग करने का आग्रह किया और नए बने एक्सप्रेसवे जैसे दिल्ली-देहरादून इकोनॉमिक एक्सप्रेसवे तथा मेरठ-लखनऊ-प्रयागराज गंगा एक्सप्रेसवे पर कांवड़ियों के प्रवेश पर सख्त मनाही जताई। उन्होंने कहा कि परंपरागत मार्गों पर प्रकाश व्यवस्था, झाड़ियों की सफाई और सड़क मरम्मत के साथ चिकित्सा व एम्बुलेंस की व्यवस्थाएं पहले से की गई हैं। इसलिए यात्री उन्हीं रास्तों का प्रयोग करें।
एडीजी ने श्रद्धालुओं से परंपरागत मार्गों का प्रयोग करने का आग्रह किया और नए बने एक्सप्रेसवे जैसे दिल्ली-देहरादून इकोनॉमिक एक्सप्रेसवे तथा मेरठ-लखनऊ-प्रयागराज गंगा एक्सप्रेसवे पर कांवड़ियों के प्रवेश पर सख्त मनाही जताई। उन्होंने कहा कि परंपरागत मार्गों पर प्रकाश व्यवस्था, झाड़ियों की सफाई और सड़क मरम्मत के साथ चिकित्सा व एम्बुलेंस की व्यवस्थाएं पहले से की गई हैं। इसलिए यात्री उन्हीं रास्तों का प्रयोग करें।
विज्ञापन
विज्ञापन
मंदिर, मार्ग व जलाशयों पर बहुस्तरीय सुरक्षा
सुरक्षा दृष्टि से हर शिवालय पर तीन से सात स्तरीय सुरक्षा व्यवस्था लागू की गई है। गर्भगृह, गर्भगृह के बाहर, सीढ़ियों की सुरक्षा का इंतजाम है। मार्गों पर भी तीन स्तरीय व्यवस्था की गई है। हर जलाशय पर बैरिकेडिंग, प्रशिक्षित नाविक, फ्लड कंपनियों के पीएसी, एसडीआरएफ व एनडीआरएफ की टीमें तथा पर्याप्त प्रकाश व्यवस्था रहेगी।
सुरक्षा दृष्टि से हर शिवालय पर तीन से सात स्तरीय सुरक्षा व्यवस्था लागू की गई है। गर्भगृह, गर्भगृह के बाहर, सीढ़ियों की सुरक्षा का इंतजाम है। मार्गों पर भी तीन स्तरीय व्यवस्था की गई है। हर जलाशय पर बैरिकेडिंग, प्रशिक्षित नाविक, फ्लड कंपनियों के पीएसी, एसडीआरएफ व एनडीआरएफ की टीमें तथा पर्याप्त प्रकाश व्यवस्था रहेगी।
महिला सुरक्षा व एटीएस की सक्रियता
महिला श्रद्धालुओं की सुरक्षा पर विशेष ध्यान दिया गया है। उनके लिए अलग तैनाती सुनिश्चित की गई है, ताकि वे मंदिर, मार्ग और जलाशय पर सुरक्षित रहें। एटीएस व अन्य प्रशिक्षित सुरक्षा दल पश्चिम उत्तर प्रदेश के साथ नोएडा व गाज़ियाबाद में सतर्कता की स्थिति में हैं।
महिला श्रद्धालुओं की सुरक्षा पर विशेष ध्यान दिया गया है। उनके लिए अलग तैनाती सुनिश्चित की गई है, ताकि वे मंदिर, मार्ग और जलाशय पर सुरक्षित रहें। एटीएस व अन्य प्रशिक्षित सुरक्षा दल पश्चिम उत्तर प्रदेश के साथ नोएडा व गाज़ियाबाद में सतर्कता की स्थिति में हैं।
कांवड़ की ऊंचाई, साउंड सिस्टम व भड़काऊ सामग्री पर पाबंदी
कांवड़ संरचनाओं की परंपरागत सीमाएं लागू की गई हैं। जमीन से कांवड़ की ऊंचाई 10 फीट से अधिक न हो और चौड़ाई 10-12 फीट के भीतर रहे। साउंड सिस्टम की सीमा 75 डेसिबल निर्धारित की गई है। मार्ग पर तैनात पुलिसकर्मी साउंड मैपिंग उपकरण से सीमा पार होते ही चेतावनी व आवश्यक कार्रवाई करेंगे। साथ ही भड़काऊ, जाति या संप्रदाय सूचित करने वाले एवं अश्लील गानों पर पूरी तरह प्रतिबंध रहेगा। आयोजकों से अनुरोध किया गया है कि भजनों व आध्यात्मिक गीतों पर ही जोर दें। कांवड़ यात्रा मार्ग पर ऐसा कोई भी खाद्य पदार्थ न बेचा जाए, जिससे धार्मिक भावनाएं आहत हों, मार्ग पर कोई भी हथियार लेकर न चलें।
कांवड़ संरचनाओं की परंपरागत सीमाएं लागू की गई हैं। जमीन से कांवड़ की ऊंचाई 10 फीट से अधिक न हो और चौड़ाई 10-12 फीट के भीतर रहे। साउंड सिस्टम की सीमा 75 डेसिबल निर्धारित की गई है। मार्ग पर तैनात पुलिसकर्मी साउंड मैपिंग उपकरण से सीमा पार होते ही चेतावनी व आवश्यक कार्रवाई करेंगे। साथ ही भड़काऊ, जाति या संप्रदाय सूचित करने वाले एवं अश्लील गानों पर पूरी तरह प्रतिबंध रहेगा। आयोजकों से अनुरोध किया गया है कि भजनों व आध्यात्मिक गीतों पर ही जोर दें। कांवड़ यात्रा मार्ग पर ऐसा कोई भी खाद्य पदार्थ न बेचा जाए, जिससे धार्मिक भावनाएं आहत हों, मार्ग पर कोई भी हथियार लेकर न चलें।
दुकानों, होटलों की शुद्धता व सोशल मीडिया मॉनिटरिंग
फूड एंड सेफ्टी विभाग होटल व खान-पान की शुद्धता व दर सूची की जांच करेगा। पुलिस इस मामले में सीधे शामिल नहीं होगी। दुकानदारों को रेट लिस्ट बाहर स्पष्ट रूप से लगाने का निर्देश दिया गया है। अफवाहों पर नियंत्रण हेतु डिजिटल वॉलंटियर्स व आधुनिक सॉफ्टवेयर के माध्यम से सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स की निगरानी की जा रही है ताकि किसी भी गलत सूचना पर त्वरित कार्रवाई हो सके।
फूड एंड सेफ्टी विभाग होटल व खान-पान की शुद्धता व दर सूची की जांच करेगा। पुलिस इस मामले में सीधे शामिल नहीं होगी। दुकानदारों को रेट लिस्ट बाहर स्पष्ट रूप से लगाने का निर्देश दिया गया है। अफवाहों पर नियंत्रण हेतु डिजिटल वॉलंटियर्स व आधुनिक सॉफ्टवेयर के माध्यम से सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स की निगरानी की जा रही है ताकि किसी भी गलत सूचना पर त्वरित कार्रवाई हो सके।
एडीजी ने अंत में कहा कि सरकार व पुलिस का इस बार का उद्देश्य है कि कांवड़ यात्रा जीरो इंसिडेंट और जीरो एक्सीडेंट के सिद्धांत पर संपन्न हो। इसके लिए सभी विभाग संकल्पित हैं और श्रद्धालुओं व आम नागरिकों से सहयोग की उम्मीद है।
ये भी देखें...
Meerut: शराब बन गई युवक की मौत की वजह, नशे में पैर फिसलकर जोहड़ में गिरा, घंटों बाद शव निकला
ये भी देखें...
Meerut: शराब बन गई युवक की मौत की वजह, नशे में पैर फिसलकर जोहड़ में गिरा, घंटों बाद शव निकला
विज्ञापन
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन