Meerut: पुलिस अधिकारी बनकर वसूलते थे रंगदारी, दो गिरफ्तार, मोहकमपुर में चलती थी फर्जी पुलिस चौकी
मोहकमपुर में फर्जी पुलिस कार्यालय चलाकर यह गिरोह लोगों से वसूली करता था । खुद को एसएचओ, सीओ और दरोगा बताकर अपहरण व रंगदारी वसूलते थे। पुलिस ने दो आरोपियों को गिरफ्तार कर कार, वॉकी-टॉकी, लैपटॉप, मोहर समेत कई सामान बरामद किए।
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मेरठ की ब्रह्मपुरी पुलिस ने नकली पुलिस अधिकारी बनकर अपहरण, मारपीट और रंगदारी वसूलने वाले एक गिरोह का पर्दाफाश किया है। पुलिस ने गिरोह के दो सदस्यों राहुल पाल और आकाश को गिरफ्तार किया है। आरोप है कि गिरोह इंस्टाग्राम के माध्यम से युवकों को अपने जाल में फंसाकर उनसे लाखों रुपये की वसूली करता था।
पुलिस के अनुसार, एक अगस्त 2026 को नीरज पाल ने ब्रह्मपुरी थाने में शिकायत दर्ज कराई। उसने बताया कि शशांक शर्मा, राहुल, आकाश और दो अन्य लोगों ने खुद को एसएचओ, सीओ, एसओ और दरोगा बताकर उसका अपहरण कर लिया। आरोपियों ने उसे बंधक बनाकर मारपीट की और फर्जी पुलिस कार्रवाई तथा एनकाउंटर की धमकी देकर दो लाख रुपये की रंगदारी मांगी। इस दौरान उसके गूगल-पे खाते से 10 हजार रुपये भी ट्रांसफर करा लिए।
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मोहकमपुर में चला रहे थे फर्जी पुलिस कार्यालय
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर गठित टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए राहुल पाल और आकाश को गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि गिरोह के कुल पांच सदस्य हैं।
गिरोह इंस्टाग्राम के जरिए युवकों से संपर्क करता था। उन्हें बहाने से बुलाकर खुद को पुलिस अधिकारी बताता और फिर अपहरण कर मोहकमपुर स्थित फर्जी कार्यालय में ले जाता था। वहां फर्जी एफआईआर और पुलिस दस्तावेज दिखाकर पीड़ितों को डराया जाता था और उनसे रंगदारी वसूली जाती थी।
कार, वॉकी-टॉकी, लैपटॉप और फर्जी दस्तावेज बरामद
पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से घटना में प्रयुक्त बिना नंबर प्लेट की सफेद मारुति ऑल्टो कार, एक नंबर प्लेट, दो मोबाइल फोन, टेलीफोन, लैपटॉप, टैबलेट और कैलकुलेटर बरामद किए हैं।
इसके अलावा एक वॉकी-टॉकी, फोन-पे रिसीवर बॉक्स, बेंत, बीट बुक, फर्जी मोहर, नेम प्लेट तथा विभिन्न प्रार्थना पत्र और फाइलें भी बरामद हुई हैं। पुलिस अब गिरोह के फरार सदस्यों की तलाश में जुटी है और यह भी जांच कर रही है कि इस गिरोह ने अब तक कितने लोगों को अपना शिकार बनाया।