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Meerut: कैंट वासियों के लिए खुशखबरी, निजी व कॉमर्शियल भवन निर्माण की अनुमति को लेकर सामने आई ये बड़ी खबर

Fri, 14 Aug 2026 12:26 AM IST
Mohd Mustakim अमर उजाला नेटवर्क, मेरठ
अमर उजाला नेटवर्क, मेरठ Published by: Mohd Mustakim Updated Fri, 14 Aug 2026 12:26 AM IST
सार

मेरठ कैंट वासियों को स्टिल्ट पार्किंग, बेसमेंट और आधुनिक निर्माण की छूट मिल सकेगी। कैंट बोर्ड के मुख्य कार्यकारी अधिकारी जाकिर हुसैन ने ड्राफ्ट की आधिकारिक सूचना जारी कर सुझाव व आपत्तियां मांगी हैं। इसके पास होते ही राहत मिलनी शुरू हो जाएगी। 

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Meerut: Good news for Cantonment residents—major update regarding permission for private building
मेरठ कैंट - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

मेरठ कैंट क्षेत्र में रहने वाले लोगों और संपत्ति मालिकों के लिए राहत भरी खबर है। कैंट इलाके में अब शहर की तर्ज पर आधुनिक भवन निर्माण, बेहतर पार्किंग और पर्यावरण संरक्षण का मार्ग प्रशस्त हो सकता है। रक्षा मंत्रालय ने ''मेरठ कैंट भवन निर्माण उपविधि-2026'' को लेकर ड्राफ्ट अधिसूचना जारी कर दी है। कैंट बोर्ड के मुख्य कार्यकारी अधिकारी जाकिर हुसैन ने इसकी आधिकारिक सूचना जारी की है। इस ड्राफ्ट पर सुझाव व आपत्तियां भी मांगी गई हैं।
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नियोजित विकास और आधुनिक निर्माण को बढ़ावा
इस नई उपविधि के लागू होने से कैंट क्षेत्र में भी बड़े शहरों की तर्ज पर आधुनिक इमारतों, अपार्टमेंट्स और व्यावसायिक परिसरों का निर्माण किया जा सकेगा। इससे कैंट क्षेत्र के नियोजित शहरी विकास को गति मिलेगी।
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ट्रैफिक और पार्किंग समस्या से मिलेगी निजात
बढ़ती गाड़ियों की संख्या को ध्यान में रखते हुए भवनों में बेसमेंट और स्टिल्ट पार्किंग की सुविधा की अनुमति दी जा सकेगी।
लोग अपने भवनों में ग्राउंड फ्लोर पर स्टिल्ट पार्किंग बना सकेंगे और उसके ऊपर आवासीय या व्यावसायिक निर्माण करा सकेंगे।
इस व्यवस्था से सड़कों पर लगने वाले जाम से मुक्ति मिलेगी और वाहन चालकों को बड़ी राहत होगी।
 
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पर्यावरण संरक्षण: सोलर और रेनवाटर हार्वेस्टिंग अनिवार्य
पर्यावरण संरक्षण और गिरते भूजल स्तर को सुधारने के लिए नई उपविधि में सख्त प्रावधान किए गए हैं। 300 वर्ग मीटर या उससे अधिक क्षेत्रफल पर बनने वाले सभी नए भवनों में सोलर एनर्जी सिस्टम लगाना अनिवार्य होगा। जल संरक्षण के लिए रेनवाटर हार्वेस्टिंग (वर्षा जल संचयन) की व्यवस्था करना भी अनिवार्य किया जा रहा है।
 

30 दिनों के भीतर मांगे गए सुझाव और आपत्तियां
रक्षा मंत्रालय द्वारा ड्राफ्ट अधिसूचना जारी होने के बाद कैंट बोर्ड सीईओ ने आम जनता से 30 दिनों के भीतर आपत्ति और सुझाव आमंत्रित किए हैं। क्षेत्र के नागरिक अपने सुझाव या आपत्तियां सीधे रक्षा मंत्रालय या मेरठ कैंट बोर्ड कार्यालय में दर्ज करा सकते हैं।
 
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