UP: 'आबादी में नंबर वन बनने का बेहद अफसोस', नहीं चेते तो बिगड़ेंगे हालात, पढ़िए खास रिपोर्ट
यूएनएफपीए की ओर से जारी किए गए नए आंकड़ों के मुताबिक, भारत की जनसंख्या 142.86 करोड़ पहुंच गई है। वहीं, जनसंख्या नियंत्रण को लेकर मुहिम चलाने वाले संगठन के लोग बेहद दुखी हैं। उनका कहना है कि आबादी में नंबर वन बनने का बेहद अफसोस है।
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चीन को पीछे छोड़ते हुए भारत दुनिया की सबसे अधिक आबादी वाला देश बन गया है। इससे जनसंख्या नियंत्रण को लेकर मुहिम चलाने वाले संगठन के लोग बेहद दुखी हैं। उनका कहना है कि आबादी में नंबर वन बनने का बेहद अफसोस है। अगर हम अब भी नहीं चेते तो देश में हालात बिगड़ जाएंगे। संसाधनों की कमी पहले से ही है, जनसंख्या के लगातार बढ़ने से भुखमरी और बेरोजगारी बढ़ती जाएगी। हालात बदतर हो जाएंगे।
संयुक्त राष्ट्र जनसंख्या कोष (यूएनएफपीए) की ओर से जारी किए गए नए आंकड़ों के मुताबिक, भारत की जनसंख्या 142.86 करोड़ पहुंच गई है। शहर में कई सामाजिक संगठन हैं जो जनसंख्या नियंत्रण के उद्देश्य से कार्य कर रहे हैं। भारत को दुनिया की पहले नंबर की आबादी बनने पर उन्होंने दुख जताया। कहा कि देश की तरक्की करनी है तो अब भी वक्त है जनसंख्या नियंत्रण कानून बनाना होगा। देश की आधी आबादी जरूरी संसाधनों की कमी से जूझ रही है। जिसका सीधा असर जन-जन पर पड़ेगा।
प्रधानमंत्री को 500 पोस्टकार्ड भेजे
पिछले 30 वर्षों से जनसंख्या नियंत्रण कानून बनाने की मांग कर रहे तलवार दंपति कहते हैं कि भारत की बढ़ती आबादी से वे नाखुश हैं। बृहस्पतिवार को घंटाघर पर 500 पोस्टकार्ड देश के प्रधानमंत्री को भेजे। दिनेश तलवार बताते हैं कि 300 से अधिक शहरों में उल्टी पदयात्रा कर लोगों को जागरूक कर रहे हैं। सरकार ने कभी जनसंख्या वृद्धि पर रोक लगाने की कोशिश नहीं की।
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चीन से 20 लाख ज्यादा
दुनिया में सबसे ज्यादा जनसंख्या वाला देश कहे जाने वाले चीन की तुलना में भारत में अब 20 लाख ज्यादा लोग हैं। भारत की आबादी 142.86 करोड़ पहुंच गई है जबकि चीन की जनसंख्या 142.57 करोड़ है।
बढ़ती जनसंख्या समाज के लिए परेशानी
सेव इंडिया जन फाउंडेशन के संस्थापक राजेश शर्मा का कहना है कि बढ़ती जनसंख्या हमेशा से ही समाज के लिए परेशानी है। 2013 से रथयात्रा के माध्यम से जनसंख्या नियंत्रण को लेकर लोगों को जागरूक कर रहे हैं। भारत को दुनिया में सबसे अधिक आबादी वाला देश बनने पर दुख है। आगे भी अपने उद्देश्य पर डटे रहेंगे।
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22 राज्यों में धरना प्रदर्शन
जनसंख्या समाधान फाउंडेशन के महानगर अध्यक्ष आशीष सिंह बताते हैं कि पिछले नौ वर्ष से 22 राज्यों में धरना प्रदर्शन कर लोगों को बढ़ती आबादी के प्रति जागरूक कर रहे हैं। एक लाख से अधिक ज्ञापन दे चुके हैं।
