{"_id":"69f21a5cd1dfe48def0559b9","slug":"meerut-a-student-irrigating-the-fields-came-under-the-influence-of-ht-line-died-due-to-electrocution-uproar-2026-04-29","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"Meerut: बिजली के टूटे तार पर पड़ा पैर, करंट लगने से बुझ गया 'दीपक', खेत में सिंचाई करते वक्त हादसा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Meerut: बिजली के टूटे तार पर पड़ा पैर, करंट लगने से बुझ गया 'दीपक', खेत में सिंचाई करते वक्त हादसा
अमर उजाला नेटवर्क, मेरठ
Published by: Mohd Mustakim
Updated Wed, 29 Apr 2026 08:19 PM IST
विज्ञापन
सार
गांव धनपुरा में दीपक उर्फ बंटी का 12वीं कक्षा का परिणाम आया था और वह आगे पढ़ाई की योजना बना रहा था। मगर उससे पहले ही हादसे में उसकी मौत हो गई। ग्रामीणों ने मुआवजे की मांग को लेकर हंगामा कर दिया।
दीपक की फाइल फोटो और हंगामा करते लोग।
- फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन
विस्तार
परीक्षितगढ़ स्थित गांव धनपुरा में 18 वर्षीय दीपक उर्फ बंटी की बिजली की चपेट में आने से मौत हो गई। यह हादसा तब हुआ जब दीपक अपने खेत में ट्यूबवेल से फसल की सिंचाई कर रहा था। घटना के बाद परिजनों और ग्रामीणों में विद्युत विभाग के प्रति भारी आक्रोश देखा गया।
Trending Videos
जानकारी के अनुसार, किसान ब्रह्मपाल सिंह का पुत्र दीपक मंगलवार शाम करीब साढ़े चार बजे अपने खेत पर सिंचाई कर रहा था। वह एक निजी ट्यूबवेल से प्लास्टिक पाइप लगाकर सिंचाई कर रहा था। सिंचाई के बाद वह पाइप इकट्ठा कर रहा था। खेत के ऊपर से गुजर रही जर्जर एलटी विद्युत लाइन का एक टूटा हुआ तार करंट के साथ जमीन पर पड़ा था, जिसकी चपेट में आकर वह बुरी तरह झुलस गया। दीपक को तुरंत मेरठ के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां देर रात उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई। दीपक की मौत की खबर से परिजनों में मातम छा गया और उनका रो-रोकर बुरा हाल है।
विज्ञापन
विज्ञापन
ग्रामीणों का विद्युत विभाग पर आक्रोश और मांगें
बुधवार दोपहर पोस्टमार्टम के बाद जब दीपक का शव गांव पहुंचा, तो परिजनों और ग्रामीणों ने विद्युत विभाग के खिलाफ अपना आक्रोश व्यक्त किया। उन्होंने शव का अंतिम संस्कार करने से इनकार कर दिया और विद्युत विभाग के एसडीओ सुनील श्रीवास्तव, नायाब तहसीलदार रितेश सैनी, जेई अमित त्रिपाठी के साथ नोंक-झोंक भी हुई। ग्रामीणों ने मृतक के परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी, साढ़े सात लाख रुपये नकद और ट्यूबवेल कनेक्शन की मांग की।
बुधवार दोपहर पोस्टमार्टम के बाद जब दीपक का शव गांव पहुंचा, तो परिजनों और ग्रामीणों ने विद्युत विभाग के खिलाफ अपना आक्रोश व्यक्त किया। उन्होंने शव का अंतिम संस्कार करने से इनकार कर दिया और विद्युत विभाग के एसडीओ सुनील श्रीवास्तव, नायाब तहसीलदार रितेश सैनी, जेई अमित त्रिपाठी के साथ नोंक-झोंक भी हुई। ग्रामीणों ने मृतक के परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी, साढ़े सात लाख रुपये नकद और ट्यूबवेल कनेक्शन की मांग की।
अधिकारियों के आश्वासन के बाद अंतिम संस्कार
ग्रामीणों द्वारा अपनी मांगों को लिखित रूप में सौंपे जाने के बाद विद्युत विभाग के अधिकारियों ने आश्वासन दिया। लगभग दो घंटे बाद गमगीन माहौल में दीपक के शव का गांव के श्मशान घाट पर अंतिम संस्कार कर दिया गया।
ग्रामीणों द्वारा अपनी मांगों को लिखित रूप में सौंपे जाने के बाद विद्युत विभाग के अधिकारियों ने आश्वासन दिया। लगभग दो घंटे बाद गमगीन माहौल में दीपक के शव का गांव के श्मशान घाट पर अंतिम संस्कार कर दिया गया।
पुलिस ने दर्ज की रिपोर्ट
पिता ब्रहपाल सिंह की तहरीर पर पुलिस ने गांव तोहफापुर विद्युत विभाग के एसडीओ और अवर अभियंता के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की है। ग्रामीणों का आरोप है कि उन्होंने कई बार विद्युत विभाग से जर्जर विद्युत लाइनों को बदलने की शिकायत की थी, लेकिन विभाग की ओर से कोई कार्रवाई नहीं की गई। इस लापरवाही के कारण ही एक होनहार छात्र की जान चली गई।
पिता ब्रहपाल सिंह की तहरीर पर पुलिस ने गांव तोहफापुर विद्युत विभाग के एसडीओ और अवर अभियंता के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की है। ग्रामीणों का आरोप है कि उन्होंने कई बार विद्युत विभाग से जर्जर विद्युत लाइनों को बदलने की शिकायत की थी, लेकिन विभाग की ओर से कोई कार्रवाई नहीं की गई। इस लापरवाही के कारण ही एक होनहार छात्र की जान चली गई।
परिवार पर टूटा गम का पहाड़
दीपक अपने दो भाई-बहनों में सबसे छोटा और अविवाहित था। वह आर्दश इंटर खजूरी स्कूल का छात्र था और उसने हाल ही में इंटरमीडिएट की परीक्षा उत्तीर्ण की थी। वह खेती-बाड़ी में अपने पिता का हाथ भी बंटाता था। उसकी आकस्मिक मृत्यु से मां लक्ष्मी, भाई गौरव, बहन काजल और अन्य सभी परिजन गहरे सदमे और दुख में हैं।
दीपक अपने दो भाई-बहनों में सबसे छोटा और अविवाहित था। वह आर्दश इंटर खजूरी स्कूल का छात्र था और उसने हाल ही में इंटरमीडिएट की परीक्षा उत्तीर्ण की थी। वह खेती-बाड़ी में अपने पिता का हाथ भी बंटाता था। उसकी आकस्मिक मृत्यु से मां लक्ष्मी, भाई गौरव, बहन काजल और अन्य सभी परिजन गहरे सदमे और दुख में हैं।
