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Meerut: पशुपालक ने चारे में गलती से मिला दिया यूरिया, आठ पशुओं की मौत, चार की हालत गंभीर; 10 लाख का नुकसान

अमर उजाला नेटवर्क, मेरठ Published by: Mohd Mustakim Updated Mon, 15 Jun 2026 07:50 PM IST
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सार

गांव नगली आजड़ में पशुपालक पशुओं के लिए चारा तैयार कर रहा था। अंधेरे के कारण कट्टे में रखा यूरिया भी चोकर के साथ मिला दिया। कुछ ही देर में पशुओं की मौत होने शुरू हो गई।

Meerut: Livestock owner accidentally mixed urea into fodder; eight animals died, four critical
जानकारी देता पशुपालक पवन। - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार

दौराला कस्बे के नगली आजड़ गांव में पशुपालक की छोटी सी असावधानी ने उसकी वर्षों की मेहनत पर पानी फेर दिया। गलती से पशुओं के चारे में यूरिया खाद मिल जाने के कारण आठ दुधारू पशुओं की मौत हो गई, जबकि चार अन्य की हालत गंभीर बनी हुई है। इस दुखद घटना में पशुपालक को 10 लाख रुपये से अधिक का नुकसान हुआ है। सूचना मिलते ही पशुपालन विभाग की टीम मौके पर पहुंची और बचाव व उपचार कार्य में जुट गई।



 

गांव निवासी पशुपालक पवन ने बताया कि सोमवार तड़के उनके बेटे ने पशुओं के लिए चारा तैयार किया। इसी क्रम में, चोकर, चूरी और खल के बोरों के पास रखे खेत में प्रयोग होने वाले यूरिया खाद के बोरे को अंधेरे के कारण वह पहचान नहीं सका और गलती से लगभग दस से बारह किलोग्राम यूरिया चारे में मिला बैठा। चारा खाने के कुछ ही देर बाद पशुओं की तबीयत बिगड़ने लगी। तत्काल स्थानीय पशु चिकित्सक को सूचना दी गई, जिन्होंने मौके पर पहुंचकर उपचार शुरू किया, लेकिन तब तक पांच पशुओं की जान जा चुकी थी।
 
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जानकारी मिलते ही मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी (सीवीओ) डॉ. पवित्रजीत सिंह अपनी टीम के साथ नगली आजड़ गांव पहुंचे। विभाग की टीम ने अन्य बीमार पशुओं का उपचार शुरू किया। देर शाम तक किसान की पांच दुधारू गायों और तीन भैंसों की मौत हो चुकी थी, जबकि चार पशुओं का इलाज चल रहा था। इस बचाव कार्य में दौराला से डॉ. साक्षी चौहान, फलावदा से डॉ. इंद्रजीत सिंह, महलका से डॉ. इस्तकार और लावड़ से फार्मासिस्ट आशुतोष कुमार की टीम सक्रिय रही।
 
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पशुपालक की आपबीती और विशेषज्ञ की सलाह
पशुपालक पवन ने बताया कि अंधेरे में उनका बेटा यूरिया और पशु आहार के बोरों में अंतर नहीं कर पाया, इस कारण यह घटना घटी। उसकी वर्षों की मेहनत पल भर में खत्म हो गई। सीवीओ डॉ. पवित्रजीत सिंह ने बताया कि यूरिया मिश्रित चारा खाने से पशुओं में यूरिया पॉइजनिंग हो गई। इससे उनके शरीर में अत्यधिक गैस बनने लगी और महत्वपूर्ण अंग प्रभावित हुए, जिसके कारण आठ पशुओं की मौत हो गई। उन्होंने सभी पशुपालकों से अपील की है कि वे यूरिया खाद और पशु आहार को अलग-अलग सुरक्षित स्थानों पर रखें और चारा तैयार करते समय अत्यधिक सावधानी बरतें।

आर्थिक सहायता की पहल
विभाग ने पीड़ित किसान पवन को शासन की सहभागिता योजना के तहत आर्थिक सहायता दिलाने की प्रक्रिया शुरू करने का आश्वासन दिया है। यह घटना पशुपालकों के लिए एक गंभीर चेतावनी है कि छोटी सी लापरवाही भी बड़े नुकसान का कारण बन सकती है।

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