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Meerut: जिला अस्पताल में सुरक्षा राम भरोसे, बिना ग्लव्स पहने खून चढ़ा रही नर्स, संक्रमण का डर

न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ Published by: Dimple Sirohi Updated Wed, 29 Apr 2026 02:44 PM IST
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सार

मेरठ के पीएल शर्मा जिला अस्पताल में लापरवाही का मामला सामने आया है। नर्स बिना ग्लव्स पहने मरीज को खून चढ़ाती नजर आई, जबकि इन्फ्यूजन सेट और अन्य जरूरी उपकरण तीमारदारों को बाहर से खरीदने पड़ रहे हैं।

Meerut: Major Negligence in Meerut District Hospital: Nurse Administers Blood Without Gloves
मेरठ जिला अस्पताल में भर्ती मरीज - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार

मेरठ के पीएल शर्मा जिला अस्पताल में स्वास्थ्य सेवाओं की अव्यवस्था लगातार सामने आ रही है। ग्लव्स और इन्फ्यूजन सेट जैसे जरूरी उपकरण तक तीमारदारों को बाहर से खरीदने पड़ रहे हैं। लापरवाही का आलम यह है कि नर्स बिना ग्लब्स पहने मरीजों को खून चढ़ा रही हैं। वहीं एक अन्य खून की जरूरत वाले मरीज को आयरन की दवा लिखकर भेज दिया गया। 

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महिला वार्ड में तीन दिन से भर्ती मेरठ निवासी 20 वर्षीय किरन को अत्यधिक कमजोरी के कारण दो यूनिट रक्त चढ़ाने की सलाह दी गई थी। परिजनों का आरोप है कि डॉक्टर ने परामर्श तो दो यूनिट का दिया लेकिन पर्ची पर मात्र एक यूनिट ही अंकित की। हद तो तब हो गई जब अस्पताल में रक्त चढ़ाने के लिए जरूरी इन्फ्यूजन सेट तक उपलब्ध नहीं था।
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किरन के पिता लालाराम को मजबूरी में बाजार से इन्फ्यूजन सेट खरीदकर लाना पड़ा। गंभीर लापरवाही तब देखने को मिली जब नर्स ने बिना ग्लव्स पहने और बिना सेनिटाइजेशन के ही मरीज को खून चढ़ा दिया। इस तरह की लापरवाही से मरीज को संक्रमण (इंफेक्शन) और अन्य गंभीर बीमारियों का खतरा पैदा हो गया है।

जांच के नाम पर खानापूर्ति, इलाज में टालमटोल
लावारिस वार्ड में भर्ती पीर वाली गली निवासी 25 वर्षीय फिरोजा के मामले में भी अस्पताल का ढुलमुल रवैया सामने आया है। फिरोजा के देवर मोहम्मद सोहेल ने बताया कि पहले मरीज को खून चढ़ाने की बात कही गई लेकिन बाद में केवल आयरन की दवा लिखकर छोड़ दिया गया। सोहेल का आरोप है कि मरीज की ब्लड जांच के लिए सैंपल तक नहीं लिया गया और इलाज के नाम पर केवल खानापूर्ति की जा रही है।

लू से पीड़ित मरीजों के लिए एसी की व्यवस्था तक नहीं 
भीषण गर्मी और हीट वेव को देखते हुए अस्पताल में बेड तो आरक्षित कर दिए गए हैं लेकिन जमीनी हकीकत इसके उलट है। आरक्षित वार्ड में न तो एसी की व्यवस्था है और न ही कूलिंग के पुख्ता इंतजाम। ऐसे वार्डों में ही बच्चों और अन्य मरीजों को भर्ती किया गया है जिससे उनकी स्थिति और बिगड़ सकती है।

हमारे पास पर्याप्त मात्रा में सभी प्रकार के सर्जिकल और नॉन-सर्जिकल उपकरण मौजूद हैं। यदि कहीं कोई कमी है या स्टाफ द्वारा लापरवाही बरती गई है तो इसकी जांच कराकर व्यवस्था दुरुस्त की जाएगी। - डॉ. सुदेश कुमारी, मंडलीय अधीक्षक, जिला अस्पताल

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