Meerut: सपा की परिवर्तन साइकिल यात्रा पुलिस ने रोकी, प्रदीप कसाना ने सरकार पर लगाए दमन के आरोप
मेरठ में समाजवादी पार्टी की परिवर्तन साइकिल यात्रा को पुलिस ने अनुमति नहीं होने और धारा 44 लागू होने का हवाला देकर रोक दिया। सपा नेता प्रदीप कसाना ने इसे प्रदेश सरकार की दमनकारी नीति बताते हुए प्रशासन पर जनता की आवाज दबाने का आरोप लगाया।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
मेरठ में समाजवादी पार्टी की प्रस्तावित परिवर्तन साइकिल यात्रा को मंगलवार को शुरू होने से पहले ही पुलिस प्रशासन ने रोक दिया। प्रशासन का कहना है कि यात्रा के लिए आवश्यक अनुमति नहीं ली गई थी। वहीं समाजवादी पार्टी ने इस कार्रवाई को लोकतांत्रिक अधिकारों का दमन बताते हुए प्रदेश सरकार पर निशाना साधा।
यात्रा शुरू होने से पहले पहुंची पुलिस
समाजवादी पार्टी की परिवर्तन साइकिल यात्रा परतापुर सहित पांच गांवों से निकलनी थी। यात्रा शुरू होने से पहले ही पुलिस समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ कार्यकर्ता प्रदीप कसाना के आवास पहुंच गई। पुलिस ने बताया कि यात्रा के लिए प्रशासन से अनुमति नहीं ली गई थी। साथ ही क्षेत्र में धारा 44 लागू होने के कारण बिना अनुमति इस तरह का आयोजन नहीं किया जा सकता।
यह भी पढ़ें: Meerut: कातिल ननद का कबूलनामा, चाकू से की थी भाभी की हत्या, शक बना कत्ल की वजह, पुलिस पूछताछ में उगला सच
प्रदीप कसाना बोले- सरकार दबा रही जनता की आवाज
समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता प्रदीप कसाना ने पुलिस की कार्रवाई का विरोध करते हुए कहा कि यह प्रदेश सरकार की दमनकारी नीति का हिस्सा है। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में सभी को अपनी बात रखने का अधिकार है और पार्टी जनता के हितों की आवाज बुलंद करने के लिए परिवर्तन साइकिल यात्रा निकाल रही थी।
उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदेश सरकार के निर्देश पर पुलिस प्रशासन विपक्ष की आवाज दबाने का प्रयास कर रहा है। इसके बावजूद समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ता जनमानस के मुद्दों को उठाते रहेंगे।
यह भी पढ़ें: UP: सुप्रीम कोर्ट की सख्ती से टूटी आस, 89 दिन से धरने पर बैठी महिलाओं के छलके आंसू, शासन प्रशासन पर जमकर बरसीं
अनुमति को लेकर आमने-सामने प्रशासन और सपा
पुलिस प्रशासन का कहना है कि धारा 44 लागू होने के कारण यात्रा निकालने के लिए पूर्व अनुमति आवश्यक थी। वहीं समाजवादी पार्टी का आरोप है कि प्रशासन राजनीतिक दबाव में विपक्ष के कार्यक्रमों को रोकने का काम कर रहा है। इस घटनाक्रम के बाद राजनीतिक माहौल गरमा गया है।