Meerut: आशियाने पर संकट, महिलाओं के छलके आंसू-धरना जारी, विधायक अतुल प्रधान से लगाई राहत की गुहार
मेरठ के शास्त्रीनगर में सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद प्रभावित परिवारों का धरना जारी है। महिलाओं ने समाजवादी पार्टी विधायक अतुल प्रधान से मुलाकात कर घर बचाने की गुहार लगाई। विधायक ने हरसंभव सहयोग का आश्वासन दिया।
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मेरठ के शास्त्रीनगर स्थित सेंट्रल मार्केट और सेटबैक प्रकरण में सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद प्रभावित परिवारों की चिंता बढ़ गई है। गुरुवार को सेक्टर-2 और सेक्टर-3 की महिलाएं और व्यापारी धरने पर बैठे रहे। इस दौरान कई महिलाएं समाजवादी पार्टी के विधायक अतुल प्रधान के आवास पहुंचीं और अपने घर बचाने की मांग करते हुए हस्तक्षेप की अपील की।
धरना जारी, महिलाओं ने लगाई राहत की गुहार
सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद प्रभावित परिवारों को राहत मिलने की उम्मीद थी, लेकिन निर्णय आने के बाद लोगों में मायूसी फैल गई। शास्त्रीनगर में महिलाओं का धरना लगातार जारी है। प्रदर्शन में शामिल महिलाओं का कहना है कि वर्षों की मेहनत और जमा-पूंजी से बनाए गए मकानों पर अब संकट मंडरा रहा है।
महिलाओं ने सरकार और संबंधित अधिकारियों से मानवीय दृष्टिकोण अपनाने की अपील करते हुए कहा कि हजारों परिवारों को बेघर होने से बचाने के लिए समाधान निकाला जाए।
गुरुवार को शास्त्रीनगर सेक्टर-2 की महिलाएं समाजवादी पार्टी विधायक अतुल प्रधान के आवास पहुंचीं। उन्होंने अपने मकानों को बचाने के लिए सहयोग की मांग की।
विधायक अतुल प्रधान ने प्रभावित परिवारों को हरसंभव सहयोग का भरोसा देते हुए बताया कि पूरे मामले में राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन भेजकर हस्तक्षेप की मांग की गई है, ताकि प्रभावित लोगों को राहत मिल सके।
सरकार के खिलाफ जताया विरोध
धरना स्थल पर कई महिलाओं ने अपनी पीड़ा साझा की। कुछ महिलाएं भावुक हो गईं, जबकि कुछ ने सरकार के खिलाफ नारेबाजी भी की। महिलाओं व व्यापारियों का कहना है कि पहले व्यावसायिक गतिविधियां प्रभावित हुईं और अब मकानों पर कार्रवाई की आशंका से परिवारों का भविष्य संकट में पड़ गया है।
प्रदर्शनकारियों ने रखी अपनी बात
धरने में शामिल शालिनी गुप्ता ने कहा कि जीवनभर की कमाई से बनाया गया घर ही उनका सबसे बड़ा सहारा है। यदि मकान चला गया तो परिवार के पास कुछ नहीं बचेगा।
शीतल पुजानी ने कहा कि पहले कारोबार प्रभावित हुआ और अब घरों पर संकट खड़ा हो गया है। उनका कहना है कि व्यवस्थागत खामियों की सजा आम लोगों को नहीं मिलनी चाहिए।
राधा गुप्ता ने कहा कि मकानों से बच्चों का भविष्य जुड़ा हुआ है और परिवार लगातार चिंता में जी रहा है। रीना अग्रवाल ने कहा कि वे अपने घरों को बचाने के लिए संघर्ष जारी रखेंगी और प्रशासन से न्यायपूर्ण समाधान की उम्मीद करती हैं।
यह है पूरा मामला
आवास विकास परिषद की आवासीय योजना संख्या-7 के सेक्टर-1 से सेक्टर-13 तक आवासीय भूखंडों में व्यावसायिक गतिविधियों और भवन निर्माण नियमों के अनुपालन को लेकर मामला सुप्रीम कोर्ट में विचाराधीन रहा है।
इससे पहले परिषद की ओर से 1468 भवन स्वामियों को नोटिस जारी किए गए थे। सेंट्रल मार्केट का एक बड़ा व्यावसायिक परिसर ध्वस्त किया जा चुका है। 44 संपत्तियां सील हैं और कई भवनों में निर्धारित खुला स्थान छोड़ने के संबंध में कार्रवाई की प्रक्रिया चल रही है।