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सेंट्रल मार्केट ध्वस्तीकरण मामला: सुप्रीम कोर्ट सख्त, आवास विकास चेयरमैन को 24 घंटे के भीतर रिपोर्ट तलब
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ
Published by: Dimple Sirohi
Updated Wed, 01 Apr 2026 08:44 PM IST
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सार
मेरठ के सेंट्रल मार्केट में आवासीय भवनों में चल रही व्यावसायिक गतिविधियों पर सुप्रीम कोर्ट ने सख्ती दिखाई है। ध्वस्तीकरण पर अनुपालन रिपोर्ट न देने पर आवास एवं विकास परिषद के चेयरमैन को 24 घंटे में रिपोर्ट दाखिल करने के लिए तलब किया गया है।
सेंट्रल मार्केट मामला, ऑनलाइन सुनवाई
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
मेरठ सेंट्रल मार्केट में आवासीय भवनों में चल रही व्यावसायिक गतिविधियों के मामले में सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार को कड़ा रुख अपनाया। आवास एवं विकास परिषद की ओर से अनुपालन रिपोर्ट दाखिल न किए जाने पर अदालत ने नाराजगी जताते हुए 24 घंटे के भीतर रिपोर्ट दाखिल करने का निर्देश दिया है।
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सुप्रीम कोर्ट ने आवास एवं विकास परिषद उत्तर प्रदेश के चेयरमैन को बुधवार सुबह 10:30 बजे तक अनुपालन रिपोर्ट दाखिल करने के लिए तलब किया है। विभाग की ओर से पेश अधिवक्ता ने कई बार समय बढ़ाने की गुजारिश की, लेकिन अदालत ने इसे खारिज कर दिया।
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इससे पहले सुप्रीम कोर्ट ने 27 जनवरी को अवमानना याचिका पर सुनवाई करते हुए छह सप्ताह के भीतर ध्वस्तीकरण के सख्त आदेश दिए थे। ध्वस्तीकरण की जद में कुल 1468 निर्माण बताए गए हैं, जो मूल रूप से आवासीय हैं लेकिन वर्तमान में वहां शोरूम, कॉम्प्लेक्स और दुकानें संचालित हो रही हैं।
आरटीआई कार्यकर्ता लोकेश खुराना ने बताया कि बुधवार को मामले की सुनवाई के दौरान अधिवक्ताओं ने अदालत को बताया कि कुछ राज्यों में चुनाव प्रक्रिया शुरू होने के कारण अधिकारियों की ड्यूटी लगी हुई है, इसलिए आदेश के अनुपालन की रिपोर्ट दाखिल करने में समय लग सकता है।
इस पर सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीश जे. बी. पारदीवाला और के. वी. विश्वनाथ ने कड़ा ऐतराज जताते हुए पूछा कि अब तक अनुपालन रिपोर्ट क्यों नहीं दी गई। अदालत ने इसे अवमानना की स्थिति बताते हुए 24 घंटे के भीतर रिपोर्ट दाखिल करने का निर्देश दिया है।
आरटीआई कार्यकर्ता लोकेश खुराना ने बताया कि बुधवार को मामले की सुनवाई के दौरान अधिवक्ताओं ने अदालत को बताया कि कुछ राज्यों में चुनाव प्रक्रिया शुरू होने के कारण अधिकारियों की ड्यूटी लगी हुई है, इसलिए आदेश के अनुपालन की रिपोर्ट दाखिल करने में समय लग सकता है।
इस पर सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीश जे. बी. पारदीवाला और के. वी. विश्वनाथ ने कड़ा ऐतराज जताते हुए पूछा कि अब तक अनुपालन रिपोर्ट क्यों नहीं दी गई। अदालत ने इसे अवमानना की स्थिति बताते हुए 24 घंटे के भीतर रिपोर्ट दाखिल करने का निर्देश दिया है।