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Meerut: एनसीईआरटी की 13000 नकली पुस्तकों के साथ तीन पकड़े, सप्लाई करने जा रहे थे मोदीनगर
अमर उजाला नेटवर्क, मेरठ
Published by: Mohd Mustakim
Updated Sun, 22 Mar 2026 10:27 AM IST
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सार
पुलिस ने चेकिंग के दौरान कार में नकली पुस्तकें सप्लाई करने जा रहे राहुल यादव, राहुल राणा और बाबर को गिरफ्तार कर लिया। तीनों को कोर्ट में पेश कर जेल भेज दिया गया। बरामद पुस्तकों की कीमत 15 लाख रुपये बताई जा रही है।
तीनों आरोपी और बरामद पुस्तकें।
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
एनसीईआरटी की 13 हजार नकली पुस्तकों के साथ गिरफ्तार किए गए आरोपी राहुल यादव, राहुल राणा और बाबर को मवाना थाना पुलिस ने कोर्ट में पेश किया, जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया। पुलिस द्वारा एनसीईआरटी की नकली पुस्तकों के नेटवर्क की जांच की जा रही है।
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सीओ पंकज लवानिया ने बताया कि 20 मार्च को पुलिस संदिग्ध वाहनों की नहर पुल कुड़ी कमालपुर पर चेकिंग कर रही थी। इसी दौरान वैगनआर कार और टाटा एस वाहन को पुलिस ने रोका। वैगनआर में राहुल राणा निवासी माधवपुरम दिल्ली रोड मेरठ, चालक बाबर निवासी मोहल्ला तिहाई और इनके पीछे राहुल यादव निवासी किशनपुर मलियाना बागपत रोड मेरठ थे। इनके पास से एनसीईआरटी की कक्षा 1 से 12वीं तक विभिन्न विषयों की दो हजार नकली पुस्तकें बरामद की गईं।
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आरोपियों की निशानदेही पर गांव मटौरा स्थित गोदाम से एनसीईआरटी की 11 हजार अतिरिक्त नकली पुस्तकें बरामद की गई। जांच में प्रथम दृष्टया पाया गया कि यह पुस्तकें मूल प्रकाशन की नकल कर अवैध रूप से छापी गई थी। जिनसे छात्रों व अभिभावकों को भ्रमित किया जा रहा था।
पूछताछ में राहुल राणा ने बताया कि फर्जी पुस्तकों को लेकर वैगनआर में मोदीनगर के सुभाष सिंघल एवं अल्मोड़ा के रामा पुस्तक भंडार को सप्लाई करने के लिए लेकर जा रहे थे। इस काम में उनका एक साथी अनिल निवासी डिफेंस एन्क्लेव थाना कंकरखेड़ा भी शामिल है। मौके पर एनसीईआरटी की विशेषज्ञों की टीम ने पुस्तकों के नकली होने की पुष्टि की है। टीम ने बरामद फर्जी पुस्तकों की कीमत लगभग 15 लाख रुपये बताई है। आरोपियों के नेटवर्क से जुड़े लोगों की पहचान और गिरफ्तारी के लिए जांच जारी है। आरोपियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर चालान कर दिया है।
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