राष्ट्रीय कबड्डी खिलाड़ी की हत्या: मेडल जीतकर लौटी थी बेटी तो झूम उठा था पूरा गांव, चंद रुपयों के लिए ली जान
मेरठ में राष्ट्रीय कबड्डी खिलाड़ी अनुष्का की हत्या का सनसनीखेज खुलासा हुआ है। पुलिस चौकी के पास हत्या कर शव नाले में फेंक दिया गया था। डेढ़ महीने बाद आरोपी श्याम धानक को गिरफ्तार कर मामला सुलझाया गया।
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मेरठ के कंकरखेड़ा क्षेत्र में राष्ट्रीय स्तर की कबड्डी खिलाड़ी अनुष्का की हत्या के मामले में पुलिस ने डेढ़ महीने बाद बड़ा खुलासा किया है। आरोपी फास्टफूड विक्रेता श्याम धानक ने शोभापुर पुलिस चौकी के निकट ही छात्रा की हत्या कर दी थी और शव को पास के नाले में फेंक दिया था।
हैरानी की बात यह है कि घटना स्थल पुलिस चौकी से बेहद करीब होने के बावजूद पुलिस लंबे समय तक मामले की तह तक नहीं पहुंच सकी। शनिवार को वरिष्ठ अधिकारियों की सख्ती के बाद आरोपी को हिरासत में लेकर पूछताछ की गई, जिसके बाद पूरे मामले का पर्दाफाश हुआ।
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3600 रुपये को लेकर हुआ विवाद, ईंट से कुचलकर की हत्या
दौराला क्षेत्र के चिरोड़ी गांव निवासी 17 वर्षीय अनुष्का अपने भाई अनमोल के साथ शोभापुर में किराये पर रहकर पढ़ाई और कबड्डी का अभ्यास कर रही थी। वह राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताओं में हिस्सा ले चुकी थी और खेल जगत में अपनी पहचान बना रही थी।
पुलिस के अनुसार 15 अप्रैल की रात आरोपी श्याम धानक और अनुष्का के बीच रुपयों को लेकर विवाद हुआ। अनुष्का ने कुछ दिन बाद रुपये लौटाने की बात कही थी, लेकिन आरोपी तत्काल पैसे मांगने पर अड़ा रहा। विवाद बढ़ने पर दोनों के बीच कहासुनी हुई और अनुष्का ने विरोध किया। इसी दौरान आरोपी ने ईंट उठाकर उसके सिर पर कई वार किए, जिससे उसकी मौत हो गई। हत्या के बाद आरोपी ने शव को चौकी के पास स्थित नाले में फेंक दिया और फरार हो गया।
अनुष्का के लापता होने के बाद परिवार लगातार उसकी तलाश करता रहा। परिजन थाना और चौकी स्तर पर गुहार लगाते रहे, लेकिन मामले को गंभीरता से नहीं लिया गया। जांच के दौरान आरोपी को दो बार हिरासत में लेकर पूछताछ भी की गई, लेकिन वह हर बार पुलिस को गुमराह करने में सफल रहा।
आरोपी यह कहकर बच निकलता था कि वह रोजगार के सिलसिले में चंडीगढ़ गया हुआ है। बाद में मिले साक्ष्यों और गहन पूछताछ के आधार पर पुलिस ने उसे फिर से हिरासत में लिया, जिसके बाद उसने हत्या की बात स्वीकार कर ली।
अनुष्का के पिता नेमपाल ने बताया कि उनकी बेटी जब भी किसी प्रतियोगिता से पदक जीतकर लौटती थी तो पूरे गांव में खुशी का माहौल बन जाता था। परिवार को उम्मीद थी कि वह एक दिन अंतरराष्ट्रीय स्तर पर देश का नाम रोशन करेगी।
लेकिन महज 3600 रुपये के विवाद में उसकी हत्या कर दी गई। घटना की जानकारी मिलने के बाद परिवार का रो-रोकर बुरा हाल है। गांव और आसपास के क्षेत्र में भी गहरा शोक और आक्रोश व्याप्त है।
पहले भी हत्या के मामले में आरोपी रह चुका है जेल
पुलिस जांच में यह भी सामने आया है कि आरोपी श्याम धानक के खिलाफ पहले से हत्या का एक और मामला दर्ज है। लालकुर्ती क्षेत्र में हुई एक हत्या के मामले में वह जेल जा चुका था और वर्ष 2024 में जमानत पर बाहर आया था।
पिछले दो वर्षों से वह रोहटा मार्ग पर फास्टफूड की दुकान चला रहा था। अनुष्का की हत्या के बाद से उसकी दुकान भी बंद पड़ी थी। अब पुलिस आरोपी के आपराधिक इतिहास और अन्य पहलुओं की भी जांच कर रही है। डॉक्टरों के पैनल द्वारा वीडियो निगरानी में पोस्टमार्टम किया गया है। शव की डीएनए प्रोफाइलिंग भी की जाएगाी।