प्रत्याशियों के अजब-गजब खर्च: नेता जी को दी 700 की तलवार, किसी ने खरीदे 50 हजार के फूल, तो कहीं आठ किलो लड्डू में लड़ा चुनाव
मेरठ सात विधानसभा क्षेत्रों में हुए चुनाव में प्रत्याशियों के आठ फरवरी तक हुए खर्च का ब्योरा प्रशासन ने वेबसाइट पर जारी कर दिया है। आठ फरवरी तक लिए गए खर्च के ब्योरे में कांग्रेस के शहर प्रत्याशी रंजन शर्मा ने सबसे अधिक 19 लाख 76 हजार 948 रुपये खर्च किए हैं।
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विस्तार
चुनाव आयोग ने भले ही चुनाव प्रचार में खर्च की सीमा 40 लाख रुपये तय की हो, लेकिन कागजों में मेरठ का एक भी उम्मीदवार 20 लाख रुपये भी नहीं खर्च कर पाया। यह खुद उम्मीदवारों का दावा है। कई प्रत्याशियों ने अपने खर्च का जो ब्योरा दिया है, वह बेहद दिलचस्प है। किसी ने चाय के साथ बिस्किट खिलाए तो किसी ने अपने कार्यकर्ताओं को सिर्फ 8 किलो लड्डू खिलाकर चुनाव निपटाने का दावा किया है।
रंजन शर्मा ने 50 हजार के खरीदे फूल, अमित अग्रवाल ने 8 किलो लड्डू में लड़ा चुनाव
जिले की सात विधानसभा सीटों पर हुए चुनाव में प्रत्याशियों के खर्च का ब्योरा सार्वजनिक कर दिया गया है। इसमें सबसे अधिक कांग्रेस के शहर प्रत्याशी रंजन शर्मा 19 लाख 76 हजार 948 रुपये खर्च किए हैं।
हालांकि, कोई भी प्रत्याशी चुनाव आयोग की खर्च सीमा 40 लाख रुपये से आधे खर्च की सीमा तक भी नहीं पहुंच सका है।
इसके अलावा दो प्रत्याशी ऐसे रहे जिन्होंने खर्च का ब्योरा नहीं दिया। इसमें कैंट विधानसभा सीट से आम आदमी पार्टी के प्रत्याशी मदन सिंह मान और शहर विधानसभा सीट से एआईएमआईएम के इमरान अहमद शामिल हैं। वहीं, सरधना से बीजेपी प्रत्याशी संगीत सोम ने एक फरवरी को सरधना में हुई उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य की सभा के खर्च में 700 रुपये की तलवार और 35 हजार रुपये का मुकुट खर्च दर्ज किया है।
गुलाम मोहम्मद ने 5 लाख और अमित जानी ने 9 लाख रुपये किए खर्च
वहीं, शहर से कांग्रेस प्रत्याशी रंजन शर्मा ने फूलों की सजावट पर लगभग 50 हजार रुपये तक खर्च किए हैं। उन्होंने एक बार में ही फूलों की सजावट और इलेक्ट्रॉनिक पर 27 हजार 850 रुपये खर्च किए। वहीं, रसोई खर्च में भी 32 हजार 800 रुपये दिखाया। सिवालखास से सपा-रालोद गठाबंधन प्रत्याशी गुलाम मोहम्मद ने डीजल, वाहन चालक के भोजन पर 200 रुपये प्रतिदिन, छोटे झंडे पर 52 हजार 500, पम्फलेट पर खर्च किए।
हालांकि, वह निर्दलीय प्रत्याशियों के मुकाबले खर्च करने में पीछे रहे। उन्होंने सिर्फ पांच लाख 46 हजार 29 रुपये खर्च किए। उनसे खर्च करने के मामले में सिवालखास विधानसभा से ही अमित जानी ने नौ लाख, दक्षिण विधानसभा से आप प्रत्याशी ओमदत्त छह लाख और शहर से आप प्रत्याशी कपिल शर्मा सात लाख रुपये आगे रहे।
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अमित ने मास्क और सैनिटाइजर बांटे शाहिद मंजूर ने चलवाए प्रचार वाहन
बीजेपी से कैंट प्रत्याशी अमित अग्रवाल ने कोरोना गाइडलाइंस को देखते हुए दो हजार मास्क को दो रुपये प्रति दर के हिसाब से 4200 रुपये में खरीदा। इसके अलावा हैंड सैनिटाइजर पर 2266 रुपये खर्च किए। वहीं, आठ किलो लड्डू 140 रुपये प्रति किलो की दर से 1120 रुपये के लिए। इसके अलावा किठौर से सपा प्रत्याशी शाहिद मंजूर ने चाय के साथ बिस्किट का खर्च भी दिखाया है। उन्होंने दस रुपये की एक चाय के साथ दस पैकेट बिस्किट को दस रुपये प्रति पैकेट दिखाया है। वहीं, चार एलईडी वैन पर नौ दिन में एक लाख 17 हजार 926 रुपये खर्च किए। इसके अलावा संकल्प पत्र और नमूना बैलेट पेपर पर भी सात हजार रुपये खर्च किए।
प्रत्याशी खर्च धनराशि रुपये में
सिवालखास विधानसभा क्षेत्र
अमित जानी, ऑल इंडिया
फारवर्ड ब्लॉक 915612
भूपेंद्र सिंह, आजाद समाज पार्टी 228500
कुलदीप, आप 46396
नसीम, निर्दलीय 190000
सुभाष, निर्दलीय 7242
तहजीब, निर्दलीय 184640
जगवीर सिंह,निर्दलीय 42100
रफात, निर्दलीय 509650
सरधना विधानसभा क्षेत्र
रमेश चंद, पिछड़ा समाज पार्टी 168820
देवेंद्र, जन अधिकारी पार्टी 80750
संजय, आप 172435
जीशान आलम, एआईएमआईएम 293120
विनोद, निर्दलीय 76520
देवेंद्र, निर्दलीय 39046
दयाचंद, निर्दलीय 50620
हस्तिनापुर विधानसभा क्षेत्र
अनमोल, आप 279075
ममता, भारतीय वीर दल 126983
विनोद, एआईएमआईएम 70585
हिमांशु सिद्धार्थ, आजाद
समाज पार्टी 39100
किठौर विधानसभा क्षेत्र
अनस मरगूब, आजाद
समाज पार्टी 162720
जैद, नकी भारतीय एकता पार्टी 85240
तसलीम अहमद, एआईएमआईएम 122160
राजेश गिरी, भारतीय जनता दल 39990
राहुल कुमार, आप 146810
संजीव कुमार, लोक
जनशक्ति पार्टी 46485
चंद्र विशाल त्यागी, निर्दलीय 27700
दाउद, निर्दलीय 53475
पवन शर्मा, निर्दलीय 18000
कैंट विधानसभा क्षेत्र
उपेंद्र कुमार, अपनी जनता पार्टी 77795
ओम प्रकाश कनिक, पीपल्स
पार्टी ऑफ इंडिया 65201
दीपक सिरोही, शिवसेना 26116
पवन कुमार धीमान, न्याय पार्टी 41761
मदन सिंह मान, आप खर्च का
ब्यौरा नहीं दिया
राकेश प्रजापति, राष्ट्रीय
समाज पक्ष 94076
डा.सुधीर अग्रवाल, समग्र
विकास पार्टी 215580
दीपक सैनी, निर्दलीय 24280
राजीव कुमार, निर्दलीय 87950
मेरठ शहर विधानसभा क्षेत्र
कपिल शर्मा, आप 734244
इमरान अहमद, खर्च का
एआईएमआईएम ब्यौरा नहीं दिया
सुुशील वर्मा, लोक
जनशक्ति पार्टी 58636
अली शेर, आजाद समाज पार्टी 83000
अफजाल, सबसे अच्छी पार्टी 62421
कनक जैन, मिहिर सेना 13232
अंकित शर्मा, निर्दलीय 14138
अशोक, निर्दलीय 84521
दक्षिण विधानसभा क्षेत्र
अफजाल, सबसे अच्छी पार्टी 33136
ओमदत्त, आप 646524
राजुद्दीन, बहुजन मुक्ति पार्टी 219039
मुकेश, निर्दलीय- 332540
शकील अहमद, नकी
भारतीय एकता पार्टी 46670
संदीप चौधरी, निर्दलीय 283527
हरीश चंद, निर्दलीय 41090
घर बैठे देख सकेंगे राउंडवार मतगणना का आंकड़ा
लोगों को मतगणना का हाल जानने के लिए मतगणना स्थल पर जाने या वहां मौजूद लोगों को फोन करने की जरूरत नहीं पड़ेगी। चुनाव आयोग ने राउंडवार मतगणना को ऑनलाइन करने का निर्णय लिया है। बुधवार को चुनाव आयोग ने वीसी के जरिये चुनाव में लगे अधिकारियों को इसका प्रशिक्षण दिया। डीएम के. बालाजी ने बताया कि राउंडवार मतगणना का रिकार्ड चुनाव आयोग की साइट पर तुरंत फीड किया जाएगा। इससे लोगों को राउंड खत्म होते ही प्रत्याशियों को मिले वोटों की जानकारी हो सकेगी। इसके लिए बुधवार को चुनाव आयोग ने वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिये प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया था। प्रशिक्षण कार्यक्रम में सभी आरओ और एआरओ को प्रशिक्षण दिया गया। उन्हें बताया गया कि किस तरह एक राउंड की मतगणना खत्म होते ही उसे साइट पर अपलोड करना होगा। ब्यूरो
एसओसी को दी प्रतिकूल प्रविष्टि
विधानसभा चुनाव ड्यूटी में अनुपस्थित रहे बंदोबस्त अधिकारी चकबंदी (एसओसी) संजय कुमार को जिलाधिकारी के. बालाजी ने प्रतिकूल प्रविष्टि दे दी है। उन्होंने बताया कि अभी कई अधिकारी और भी है जो चुनाव ड्यूटी में नहीं पहुंचे। उन्हें भी प्रतिकूल प्रविष्टि दी जाएगी।
हापुड़ अड्डे पर चाय की चुस्कियों में ध्रुुुवीकरण का रंग
मेरठ में बुधवार को शाम के पांच बजे हापुड़ अड्ड़ा चौराहा पर सुहैब अख्तर की दुकान पर आसपास के लोग कुल्हड़ वाली चाय की चुस्की ले रहे थे। चाय की चुस्की के साथ उप्र में सरकार बनाने का गणित भी समझा रहे थे। यहां कुछ लोग भाजपा तो कुछ सपा-रालोद गठबंधन की सरकार बना रहे थे। चाय की चुस्कियों के बीच भी यहां सियासी ध्रुवीकरण नजर आया।
हापुड़ अड्डा शहर विधानसभा क्षेत्र में पड़ता है। यहां चाय पर गपशप करते इमरान सिद्दीकी बोले महंगाई, बेरोजगारी, सिलिंडर की महंगाई से भाजपा को बहुत नुकसान हुआ है। लेकिन सरकार किसी भी आए भाईचारा खत्म न हो, हमें असली हिंदुस्तान चाहिए। तभी कैलाश पुरी निवासी सुरेश कुमार बिट्टू बोले योगी सरकार में गुंडागर्दी तो खत्म हुई है, लेकिन भाईचारा कायम रहना चाहिए। हम हापुड़ अड्डे पर सभी धर्मों के लोग बड़े प्यार से रहते हैं। इसी बीच देवीनगर निवासी राजीव गुप्ता ने कहा सड़कों पर बहुत काम हुआ और विकास हुआ है, गरीबों को मुफ्त राशन दिया है। गांधी आश्रम निवासी अतुल गुप्ता ने कहा उप्र में चुनाव अच्छा चल रहा है, सरकार किसी की भी आ सकती है। एक तरफा चुनाव नहीं हैं, गठबंधन और भाजपा में कड़ी टक्कर है।
भाई इस बार टक्कर जबरदस्त है...
हापुड़ अड्डा निवासी नईम अंसारी बोले गठबंधन व भाजपा के बीच 20-20 मैच चल रहा है। अखिलेश सरकार आएगी तो रोजगार व सुरक्षा पर काम करेगी। बनिया पाड़ा निवासी हाजी चांद बोले भाईचारा कल्चर दूर चला गया। धर्म के नाम पर अधर्म न हो।
20 प्रतिशत का न करें परेशान
लखीपुरा निवासी हबीब अहमद अंसारी ने कहा समाजवादी की सरकार आएगी, योगी जी तो 80-20 कर रहे हैं। 20 प्रतिशत लोगों को परेशान न करें तो सरकार अच्छी होगी। 2017 में नई सरकार आई, जिसमें हिंदू-मुस्लिम बहुत हुआ। हालांकि इस सरकार में युवा सही रस्ते पर चल रहा है और सोतीगंज पर कार्रवाई भी सही हुई। अलीम सैफी ने कहा तिरंगे के रंग की तरह हम सभी मिलकर रहेंगे। हिन्दू-मुस्लिम कार्ड न खेलें। लिसाड़ीगेट निवासी जीशान अली व श्यामनगर के सुहैल खान ने अखिलेश सरकार बनाने का दावा किया।
गन्ना किसानों के दिलों में 1000 करोड़ से मिठास घोलने का दांव
दस फरवरी को था मतदान, चार तारीख को किसानों के खातोें में भेजे 1000 करोड़ रुपये
गन्ना बेल्ट कहे जाने वाले पश्चिमी उत्तर प्रदेश में पहले चरण के मतदान से पहले चार फरवरी को ही गन्ना किसानों के खातों में एक हजार करोड़ रुपये का भुगतान किया गया। लंबे समय से आंदोलन की वजह से चली आ रही कड़वाहट के बीच इसे किसानों के दिलों में मिठास घोलने की कवायद से जोड़कर देखा जा रहा है। हालांकि इस दांव का कितना असर हुआ यह तो 10 मार्च को ही पता चलेगा।
पहले और दूसरे चरण में पश्चिमी यूपी में गन्ना बेल्ट कहे जाने वाले 20 जनपदों की 113 सीटों पर मतदान संपन्न हो चुका है। पहले चरण में मतदान से पहले ही गन्ना बकाया भुगतान चुनाव के सबसे बड़े मुद्दों में शामिल हो गया था। इसमें प्रदेश के गन्ना मंत्री सुरेश राणा का गृह जनपद शामली भी शामिल था। चुनाव में गन्ना बकाया भुगतान बड़ा मुद्दा बनने से हो रही परेशानी को देेखते हुए सरकार ने बजाज हिंदुस्तान ग्रुप को को-जनरेशन (बिजली उत्पादन) का 2361 करोड़ रुपये बकाया भुगतान के सापेक्ष गत 4 फरवरी को मतदान से छह दिन पहले एक हजार करोड़ रुपये का भुगतान किया। बजाज ग्रुप ने इस बड़ी रकम को किनौनी, बुढ़ाना, थानाभवन, गांगनौली और बिलाई शुगर मिल को उनके शेयर अनुसार आवंटित कर दिया था। इन मिलों ने इस रकम से किसानों का भुगतान किया।
गन्ना बकाया भुगतान है क्षेत्र का बड़ा मुद्दा
मेरठ, सहारनपुर, मुरादाबाद और बरेली मंडल में गन्ने की बड़ी बेल्ट है। गन्ना ही यहां के किसानों की अर्थव्यवस्था का सबसे बड़ा हिस्सा माना जाता है। गन्ना बकाया भुगतान और गन्ना मूल्य किसानों के सबसे बड़े मुद्दों में शामिल रहते हैं। अभी भी मेरठ-सहारनपुर मंडल की मिलों पर चालू पेराई सत्र का ही करीब 2500 करोड़ रुपये बकाया हो चुका है।