Meerut Weather Update: सीजन का तीसरा सबसे ठंडा दिन रहा बुधवार, 15 डिग्री रहा पारा, शीतलहर से कांपा शहर
मेरठ में शीतलहर का असर तेज हो गया है। बुधवार को अधिकतम तापमान 15.4 डिग्री दर्ज किया गया, जो सीजन का तीसरा सबसे ठंडा दिन रहा। फिलहाल ठंड से राहत के आसार नहीं हैं।
विस्तार
मैदानी क्षेत्रों में शीतलहर का असर लगातार तेज हो रहा है। इससे जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ है। बुधवार को दिन का तापमान 15.4 डिग्री और न्यूनतम तापमान 8.2 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया।
सरदार वल्लभ भाई पटेल कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय के मौसम वैज्ञानिक डॉ. यूपी शाही ने बताया कि पिछले सात दिनों में चौथी बार और मंगलवार के बाद लगातार दूसरे दिन अधिकतम तापमान 15 डिग्री के आसपास रहा है। यह मानव स्वास्थ्य के अनुकूल नहीं है।
भारतीय कृषि प्रणाली अनुसंधान संस्थान मोदीपुरम के मौसम वैज्ञानिक डॉक्टर एम शमीम के अनुसार ठंड से राहत के आसार फिलहाल नहीं हैं। आने वाले दिनों में शीतलहर का प्रकोप जारी रहने और तापमान में और गिरावट की संभावना है। वहीं फिलहाल बारिश के भी आसार नहीं हैं। मौसम विभाग के आंकड़ों के अनुसार बीते दस दिन से मेरठ का अधिकतम तापमान 15 से 18 डिग्री के बीच घूम रहा है और चुभने वाली सूखी ठंड पड़ रही है।
पश्चिम विक्षोभ कमजोर, इसलिए नहीं हुई बारिश
मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि उत्तर भारत की सर्दियों की बारिश का मुख्य आधार पश्चिमी विक्षोभ होता है। इस बार अरब सागर से उठने वाली नमी इन विक्षोभों को नहीं मिल पा रही है। ऐसे में यह सिस्टम कमजोर हो गया है। कई सिस्टम जमीन तक पहुंचने के बजाय ऊपरी वायुमंडल से गुजर गए जिससे बादल तो दिखे पर बारिश नहीं हुई।
हवा की रफ्तार तेज इसलिए कोहरा पड़ रहा कम
दिसंबर के अंत तक मेरठ समेत पूरा वेस्ट यूपी घने कोहरे के आगोश में था लेकिन अब आसमान साफ है। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार इसके पीछे हवा की रफ्तार जिम्मेदार है। दिसंबर के आखिर तक वेस्ट यूपी में रात के समय हवा लगभग शांत थी और नमी ज्यादा थी इसलिए तापमान तेजी से गिरता था और रोज घना कोहरा बन रहा था।
कई जगह दृश्यता शून्य तक पहुंच गई थी। लेकिन अब हालात बदल गए हैं हवा की रफ्तार बढ़ गई है। उत्तर-पश्चिम से शुष्क ठंडी हवा आ रही है और नमी जमीन के पास टिक नहीं पा रही। हवा की रफ्तार भी छह से 10 किमी प्रतिघंटा है। इस रफ्तार में कोहरा कोहरा कम पड़ रहा है, लेकिन शीतलहर के कारण ठंड बरकरार है।
कोहरा कम फिर क्यों लग रही इतनी ठंड
मौसम वैज्ञानिकों के मुताबिक विंड चिल इफेक्ट के कारण कोहरा न होने के बावजूद ठंड ज्यादा लगती है। दरअसल जब तेज ठंडी हवा चलती है तो वह शरीर की गर्मी को तेजी से सोख लेती है जिससे 8 डिग्री का तापमान भी 5 डिग्री जैसा महसूस होता है।
हवा चलने से नमी जमीन के करीब टिक नहीं पा रही जिससे घना कोहरा नहीं बन रहा। लेकिन यही हवा शीतलहर को और घातक बना रही है। कृषि प्रणाली के मौसम वैज्ञानिक डॉ. एम शमीम का कहना है कि एक सप्ताह तक कोहरे से राहत की संभावना है। हालांकि तेज हवा का जोर रहेगा और शीतलहर से ठंड का प्रकोप बढ़ने से कंपकंपी छूटेगी।
कब होगी बारिश?
मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार अगले 5-7 दिन बारिश की संभावना न के बराबर है। शीतलहर का प्रकोप जारी रहेगा। 15-20 जनवरी तक यदि कोई मजबूत पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होता है तभी हल्की बूंदाबांदी की उम्मीद की जा सकती है। फिलहाल आम जनता को सूखी ठंड का सामना करना होगा। इधर बारिश नहीं होने से किसानों की चिंता भी बढ़ गई है।
ओपीडी में बढ़ गए मरीज
बुधवार को मेरठ में हवा की गुणवत्ता खराब रही और प्रदूषण का स्तर 288 दर्ज किया गया, 24 घंटे पहले यह 260 था। दिल्ली रोड क्षेत्र में एक्यूआई 310 दर्ज किया गया जो मानक से काफी अधिक है। पिछले एक महीने से मौसम में चल रहे उतार-चढ़ाव के कारण स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं बढ़ी हैं।
डॉक्टरों के ओपीडी में मरीजों की भीड़ बढ़ गई है। सर्दी, जुकाम, खांसी, हार्ट की समस्याएं, त्वचा संबंधी रोग, सिरदर्द, आंखों में जलन और घुटनों में दर्द जैसी शिकायतें बढ़ रही हैं। छाती रोग विशेषज्ञ डॉ. संजीव शर्मा ने सलाह दी है कि इस मौसम में थोड़ी सी लापरवाही भी बीमारी को बढ़ा सकती है, इसलिए स्वास्थ्य का ध्यान रखें और अनावश्यक रूप से घर से बाहर न निकलें।
बीते दस दिन का तापमान
दिनांक अधिकतम न्यूनतम
सात जनवरी 15.4 8.2
छह जनवरी 15.1 7.8
पांच जनवरी 18.6 7.0
चार जनवरी 17.0 7.4
तीन जनवरी 15.8 8.8
दो जनवरी 16.1 11.2
एक जनवरी 14.9 8.6
31 दिसंबर 16.0 6.7
30 दिसंबर 18.0 8.3
29 दिसंबर 16.5 8.6