{"_id":"6a7727025a940ad7aa01743a","slug":"the-canal-distributarys-bank-bathed-in-saffron-meerut-news-c-73-1-mct1008-108211-2026-08-08","type":"story","status":"publish","title_hn":"Meerut News: भगवा रंग में रंगी रजबहे की पटरी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Meerut News: भगवा रंग में रंगी रजबहे की पटरी
विज्ञापन
सरूरपुर। रजबहे पटरी से गुजरते कांवड़िया। संवाद
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
- हर कदम पर गूंज रहा, हर-हर महादेव
संवाद न्यूज एजेंसी
सरूरपुर। सालभर वीरान और सुनसान सी नजर आने वाली रजबहे की पटरी इन दिनों शिवभक्ति के रंग में पूरी तरह रंग गई है। सावन में कांवड़ यात्रा शुरू होते ही करीब 30 किलोमीटर लंबा यह मार्ग शिवभक्तों की आस्था का प्रमुख रास्ता बन गया है।
दूर तक नजर आते भगवा ध्वज, कंधों पर सजी कांवड़ और कदम-कदम पर गूंजता हर-हर महादेव का जयघोष पूरे माहौल को भक्तिमय बना रहा है। पुरा महादेव शिवालय में जलाभिषेक के लिए बड़ी संख्या में शिवभक्त इसी मार्ग से होकर गुजर रहे हैं। रजबहे की पटरी पर इन दिनों दिन-रात कांवड़ियों की आवाजाही बनी हुई है। कहीं अकेले शिवभक्त कांवड़ लेकर आगे बढ़ते नजर आते हैं तो कहीं दर्जनों और सैकड़ों की संख्या में कांवड़ियों के जत्थे भोले की भक्ति में लीन होकर आगे बढ़ रहे हैं।
कांवड़ियों के पैरों में थकान है, लेकिन चेहरे पर आस्था और उत्साह साफ दिखाई देता है। गर्मी और उमस भी शिवभक्तों के कदम नहीं रोक पा रही है। रास्ते में गूंजता बम-बम भोले और हर-हर महादेव का जयघोष उनके उत्साह को और बढ़ा रहा है। कांवड़ियों की सेवा के लिए करीब 30 किलोमीटर के इस मार्ग पर लगभग 50 शिविर लगाए गए हैं। इन शिविरों में शिवभक्तों के लिए भोजन, पानी, शरबत, चाय और विश्राम और प्राथमिक उपचार की व्यवस्था की गई है। स्थानीय लोग सेवा भाव से शिविरों में जुटे हैं। कोई कांवड़ियों को पानी पिला रहा है तो कोई भोजन और प्रसाद वितरित कर रहा है।
विज्ञापन
रजबहे की पटरी पर इस समय केवल कांवड़ियों की भीड़ ही नहीं, बल्कि सेवा और भाईचारे की तस्वीर भी देखने को मिल रही है। रास्ते में जगह-जगह स्थानीय लोग शिवभक्तों का स्वागत कर रहे हैं। शिविरों में कुछ देर विश्राम करने के बाद कांवड़िये फिर पुरा महादेव की ओर अपने कदम बढ़ा देते हैं।
विज्ञापन
संवाद न्यूज एजेंसी
सरूरपुर। सालभर वीरान और सुनसान सी नजर आने वाली रजबहे की पटरी इन दिनों शिवभक्ति के रंग में पूरी तरह रंग गई है। सावन में कांवड़ यात्रा शुरू होते ही करीब 30 किलोमीटर लंबा यह मार्ग शिवभक्तों की आस्था का प्रमुख रास्ता बन गया है।
दूर तक नजर आते भगवा ध्वज, कंधों पर सजी कांवड़ और कदम-कदम पर गूंजता हर-हर महादेव का जयघोष पूरे माहौल को भक्तिमय बना रहा है। पुरा महादेव शिवालय में जलाभिषेक के लिए बड़ी संख्या में शिवभक्त इसी मार्ग से होकर गुजर रहे हैं। रजबहे की पटरी पर इन दिनों दिन-रात कांवड़ियों की आवाजाही बनी हुई है। कहीं अकेले शिवभक्त कांवड़ लेकर आगे बढ़ते नजर आते हैं तो कहीं दर्जनों और सैकड़ों की संख्या में कांवड़ियों के जत्थे भोले की भक्ति में लीन होकर आगे बढ़ रहे हैं।
विज्ञापन
कांवड़ियों के पैरों में थकान है, लेकिन चेहरे पर आस्था और उत्साह साफ दिखाई देता है। गर्मी और उमस भी शिवभक्तों के कदम नहीं रोक पा रही है। रास्ते में गूंजता बम-बम भोले और हर-हर महादेव का जयघोष उनके उत्साह को और बढ़ा रहा है। कांवड़ियों की सेवा के लिए करीब 30 किलोमीटर के इस मार्ग पर लगभग 50 शिविर लगाए गए हैं। इन शिविरों में शिवभक्तों के लिए भोजन, पानी, शरबत, चाय और विश्राम और प्राथमिक उपचार की व्यवस्था की गई है। स्थानीय लोग सेवा भाव से शिविरों में जुटे हैं। कोई कांवड़ियों को पानी पिला रहा है तो कोई भोजन और प्रसाद वितरित कर रहा है।
विज्ञापन
रजबहे की पटरी पर इस समय केवल कांवड़ियों की भीड़ ही नहीं, बल्कि सेवा और भाईचारे की तस्वीर भी देखने को मिल रही है। रास्ते में जगह-जगह स्थानीय लोग शिवभक्तों का स्वागत कर रहे हैं। शिविरों में कुछ देर विश्राम करने के बाद कांवड़िये फिर पुरा महादेव की ओर अपने कदम बढ़ा देते हैं।

सरूरपुर। रजबहे पटरी से गुजरते कांवड़िया। संवाद

सरूरपुर। रजबहे पटरी से गुजरते कांवड़िया। संवाद