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Meerut News: मुशायरे में कवियों की गूंजती रही शायरी
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- फलावदा में स्वतंत्रता दिवस पर मदरसा जमालुद्दीन दरबार में मुशायरा
संवाद न्यूज एजेंसी
फलावदा। मदरसा जमालुद्दीन दरबार में स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर एक मुशायरे का आयोजन किया गया। पूर्व अध्यक्ष सैयद मेराजुद्दीन ने इसकी अध्यक्षता की, जबकि आशिक महलकवि ने संचालन किया। सैयद मेराजुद्दीन, मिर्जा शफीकुद्दीन और अब्दुस समद ने शमा रोशन कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया।
अलीगढ़ से डॉ. मुजीब शहर, प्रोफेसर वाशी बेग बिलाल और उस्ताद शायर अनवारुल हक शादां मुख्य अतिथि थे। कार्यक्रम का आगाज ईश्वर की वंदना से हुआ, जिसके बाद युवा शायर फराज मुजीब ने नात-ए-पाक पेश की। देश के विभिन्न क्षेत्रों से आए कवियों और शायरों ने अपनी रचनाएं प्रस्तुत कर श्रोताओं की खूब वाहवाही लूटी। उस्ताद शायर अनवारुल हक शादां ने पढ़ा, हमने जबान खोली है खंजर के सामने, शादां हमारे जख्म की वुसअत न पूछिए। डॉ. मुजीब शहर ने भी अपनी रचना सुनाई।
सरधना से अब्दुल सलाम फरीदी, मास्टर फैयाज अली नादिर और मिर्जा हसीमुद्दीन हमदम ने भी काव्य पाठ किया। सैयद निजामुद्दीन नायाब और प्रोफेसर वाशी बेग बिलाल ने अपनी रचनाएं पेश कीं। हास्य कवि निसार अहकर ने अपनी हास्य रचना से श्रोताओं को गुदगुदाया। चांद रिजवी चांद, मुरसलीन माहिर इकलवी और मोहम्मद अली रहबर इकलवी सहित कई अन्य शायरों ने भी अपनी कविताएं सुनाईं। इस अवसर पर हाफिज अतिकुर्रहमान, कारी मोहम्मद आरिफ और अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।
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संवाद न्यूज एजेंसी
फलावदा। मदरसा जमालुद्दीन दरबार में स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर एक मुशायरे का आयोजन किया गया। पूर्व अध्यक्ष सैयद मेराजुद्दीन ने इसकी अध्यक्षता की, जबकि आशिक महलकवि ने संचालन किया। सैयद मेराजुद्दीन, मिर्जा शफीकुद्दीन और अब्दुस समद ने शमा रोशन कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया।
अलीगढ़ से डॉ. मुजीब शहर, प्रोफेसर वाशी बेग बिलाल और उस्ताद शायर अनवारुल हक शादां मुख्य अतिथि थे। कार्यक्रम का आगाज ईश्वर की वंदना से हुआ, जिसके बाद युवा शायर फराज मुजीब ने नात-ए-पाक पेश की। देश के विभिन्न क्षेत्रों से आए कवियों और शायरों ने अपनी रचनाएं प्रस्तुत कर श्रोताओं की खूब वाहवाही लूटी। उस्ताद शायर अनवारुल हक शादां ने पढ़ा, हमने जबान खोली है खंजर के सामने, शादां हमारे जख्म की वुसअत न पूछिए। डॉ. मुजीब शहर ने भी अपनी रचना सुनाई।
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सरधना से अब्दुल सलाम फरीदी, मास्टर फैयाज अली नादिर और मिर्जा हसीमुद्दीन हमदम ने भी काव्य पाठ किया। सैयद निजामुद्दीन नायाब और प्रोफेसर वाशी बेग बिलाल ने अपनी रचनाएं पेश कीं। हास्य कवि निसार अहकर ने अपनी हास्य रचना से श्रोताओं को गुदगुदाया। चांद रिजवी चांद, मुरसलीन माहिर इकलवी और मोहम्मद अली रहबर इकलवी सहित कई अन्य शायरों ने भी अपनी कविताएं सुनाईं। इस अवसर पर हाफिज अतिकुर्रहमान, कारी मोहम्मद आरिफ और अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।
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