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Meerut News: जलभराव व गंदगी से त्रस्त सराय खादर के ग्रामीण
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सराय खादर में गंदगी युक्त पानी से निकलते ग्रामीण स्रोत संवाद
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संवाद न्यूज एजेंसी
हस्तिनापुर। विकासखंड की ग्राम पंचायत तारापुर के गांव सराय खादर में लंबे समय से जलभराव और गंदगी की समस्या ने ग्रामीणों का जीना दूभर कर दिया है। गांव के मुख्य मार्गों पर पानी भरे रहने से आवागमन बाधित हो रहा है। वहीं बदहाली के चलते बीमारियों का खतरा भी बढ़ गया है। ग्रामीणों का आरोप है कि कई बार शिकायत के बावजूद न तो जनप्रतिनिधियों ने ध्यान दिया और न ही प्रशासन ने कोई ठोस कदम उठाया।
ग्रामीण दिनेश, प्रेम सिंह, सतीश और पंकज समेत अन्य लोगों ने बताया कि गांव में पानी निकासी की समुचित व्यवस्था नहीं है। पिछले करीब दस वर्षों से सड़कों पर जलभराव की स्थिति बनी हुई है। इस समस्या को लेकर मुख्यमंत्री हेल्पलाइन और स्थानीय अधिकारियों से भी शिकायत की गई लेकिन आज तक कोई समाधान नहीं निकला। हालत यह है कि लोगों को रोजाना जलभराव और कीचड़ से भरे रास्तों से गुजरना पड़ता है। कई घरों के सामने पानी भरा रहने से मच्छरों का प्रकोप बढ़ गया है और ग्रामीण बीमारियों की चपेट में आ रहे हैं।
ग्रामीणों का कहना है कि गांव के दो मुख्य मार्गों पर जलभराव इतना अधिक है कि हजारों की आबादी प्रभावित हो रही है। कीचड़ और गंदगी के चलते रास्ते बंद होने की कगार पर हैं। इन रास्तों से गुजरना जोखिम भरा हो गया है, जिससे बच्चों, बुजुर्गों और महिलाओं को सबसे ज्यादा परेशानी उठानी पड़ रही है।
सरकारी रास्तों पर अवैध कब्जे से बढ़ी समस्या
ग्रामीणों ने बताया कि राजस्व अभिलेखों में गांव के रास्ते काफी चौड़े दर्ज हैं, लेकिन धरातल पर अवैध कब्जों के चलते ये रास्ते संकरे हो गए हैं। कुछ लोगों द्वारा सरकारी भूमि पर कब्जा कर लिया गया है, जिससे कई रास्ते बंद हो चुके हैं। इन अतिक्रमण के कारण जल निकासी भी बाधित हो रही है लेकिन जिम्मेदार अधिकारी इस ओर ध्यान नहीं दे रहे हैं।
कराया जाएगा समाधान
ग्राम प्रधान अनिल कुमार का कहना है कि गांव में जल निकासी की समस्या को लेकर कई बार विकासखंड के अधिकारियों को लिखित रूप में अवगत कराया गया लेकिन अभी तक कोई समाधान नहीं हो सका। उन्होंने आश्वासन दिया कि जल्द ही उच्च अधिकारियों से मिलकर समस्या का स्थायी समाधान कराया जाएगा।
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हस्तिनापुर। विकासखंड की ग्राम पंचायत तारापुर के गांव सराय खादर में लंबे समय से जलभराव और गंदगी की समस्या ने ग्रामीणों का जीना दूभर कर दिया है। गांव के मुख्य मार्गों पर पानी भरे रहने से आवागमन बाधित हो रहा है। वहीं बदहाली के चलते बीमारियों का खतरा भी बढ़ गया है। ग्रामीणों का आरोप है कि कई बार शिकायत के बावजूद न तो जनप्रतिनिधियों ने ध्यान दिया और न ही प्रशासन ने कोई ठोस कदम उठाया।
ग्रामीण दिनेश, प्रेम सिंह, सतीश और पंकज समेत अन्य लोगों ने बताया कि गांव में पानी निकासी की समुचित व्यवस्था नहीं है। पिछले करीब दस वर्षों से सड़कों पर जलभराव की स्थिति बनी हुई है। इस समस्या को लेकर मुख्यमंत्री हेल्पलाइन और स्थानीय अधिकारियों से भी शिकायत की गई लेकिन आज तक कोई समाधान नहीं निकला। हालत यह है कि लोगों को रोजाना जलभराव और कीचड़ से भरे रास्तों से गुजरना पड़ता है। कई घरों के सामने पानी भरा रहने से मच्छरों का प्रकोप बढ़ गया है और ग्रामीण बीमारियों की चपेट में आ रहे हैं।
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ग्रामीणों का कहना है कि गांव के दो मुख्य मार्गों पर जलभराव इतना अधिक है कि हजारों की आबादी प्रभावित हो रही है। कीचड़ और गंदगी के चलते रास्ते बंद होने की कगार पर हैं। इन रास्तों से गुजरना जोखिम भरा हो गया है, जिससे बच्चों, बुजुर्गों और महिलाओं को सबसे ज्यादा परेशानी उठानी पड़ रही है।
सरकारी रास्तों पर अवैध कब्जे से बढ़ी समस्या
ग्रामीणों ने बताया कि राजस्व अभिलेखों में गांव के रास्ते काफी चौड़े दर्ज हैं, लेकिन धरातल पर अवैध कब्जों के चलते ये रास्ते संकरे हो गए हैं। कुछ लोगों द्वारा सरकारी भूमि पर कब्जा कर लिया गया है, जिससे कई रास्ते बंद हो चुके हैं। इन अतिक्रमण के कारण जल निकासी भी बाधित हो रही है लेकिन जिम्मेदार अधिकारी इस ओर ध्यान नहीं दे रहे हैं।
कराया जाएगा समाधान
ग्राम प्रधान अनिल कुमार का कहना है कि गांव में जल निकासी की समस्या को लेकर कई बार विकासखंड के अधिकारियों को लिखित रूप में अवगत कराया गया लेकिन अभी तक कोई समाधान नहीं हो सका। उन्होंने आश्वासन दिया कि जल्द ही उच्च अधिकारियों से मिलकर समस्या का स्थायी समाधान कराया जाएगा।
